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कोरोना की वजह से थायरॉइड का भी खतरा, जानिये- शोध में और क्या बात सामने आई

Coronavirus: कोरोना वायरस जैसे खतरनाक वायरस की चपेट में आने से सबस्यूट थायरॉयडिटिज नामक सूजन से जुड़ी थायरॉयड बीमारी का खतरा अधिक होता है

एक नए अध्ययन में ये बात सामने आई है कि वैश्विक महामारी बन चुके इस वायरस से कई दूसरी घातक बीमारी होने का खतरा भी बढ़ता है

Coronavirus: पूरी दुनिया में कोहराम मचा चुकी कोरोना वायरस से भारत में अब तक 1 लाख 18 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हैं। इस वायरस के प्रकोप को कम करने के लिए कई देश इस घातक वायरस पर शोध कर रहे हैं। हालांकि, अब तक इस वायरस से इलाज के लिए कोई भी वैक्सीन इजाद नहीं की जा सकी है। एक नए अध्ययन में ये बात सामने आई है कि वैश्विक महामारी बन चुके इस वायरस से कई दूसरी घातक बीमारी होने का खतरा भी बढ़ता है। इसके अनुसार कोरोना वायरस जैसे खतरनाक वायरस की चपेट में आने से सबस्यूट थायरॉयडिटिज नामक सूजन से जुड़ी थायरॉयड बीमारी का खतरा अधिक होता है। आइए जानते हैं क्या बताया गया इस अध्ययन में-

शोध में ये बात आई सामने: शोधकर्ताओं के अनुसार कोरोना वायरस के मरीजों में सांस संबंधी कई परेशानियां होती हैं जिसके कारण उनमें इंफेक्शन हो जाता है। यह एक वायरल संक्रमण या एक पोस्ट-वायरल इंफ्लेमेटरी रिएक्शन के कारण हो सकता है। वहीं, इटली के यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल ऑफ पीसा के शोधकर्ता फ्रांसेस्को लैट्रॉफ ने बताया कि हमने सार्स-कोव-2 संक्रमण के बाद सबस्यूट थायरॉयडिटिस के पहले मामले की सूचना दी । चिकित्सकों को कोरोनावायरस से संबंधित इस अतिरिक्त संभावना के बारे में सतर्क किया जाना चाहिए।

क्या होता है सबस्यूट थायरॉयडिटिज: जर्नल ऑफ क्लीनिकल एंडोक्रोनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म में छपी इस अध्ययन के अनुसार सबस्यूट थायरॉयडिटिज के मरीजों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके मुताबिक इस बीमारी के कारण गलें में पाए जाने वाली थायरॉयड ग्लैंड में सूजन आ जाती है जिस वजह से गले में दर्द की समस्या हो सकती है। आमतौर पर इस परेशानी से लोग रेस्पिरेट्री पैसेज के ऊपर के हिस्से में इंफेक्शन होने के कारण जूझते हैं।

इन बीमारियों का भी है खतरा: इसके अलावा, कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों को कई और बीमारियों से घिरने का भी खतरा है। हाल में हुए अध्ययनों के अनुसार कोरोना के साइड इफेक्ट्स या फिर शरीर में इतने वायरस के जाने से हार्ट अटैक और कई दूसरे हार्ट से जुड़ी बीमारी होने का खतरा भी बढ़ा है। वहीं, इसके कारण लोगों में ब्लड क्लॉटिंग यानि कि शरीर में थक्के के रूप में खून का जमना भी देखा गया है। इसके अलावा, कोरोना के कारण कई मानसिक बीमारी से पीड़ित होने का खतरा भी ज्यादा हो गया है। इसके वजह से लोग पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसॉर्डर या फिर डीलिरियम जैसी मेंटल डिजीज से ग्रस्त हो सकते हैं।

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