हमारे किचन में मौजूद कई मसाले सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनमें कई तरह के पोषक तत्व और बायोएक्टिव कंपाउंड भी पाए जाते हैं जो बीमारियों से बचाव करने में असरदार हैं। धनिया भी ऐसा ही एक मसाला है, जिसका इस्तेमाल पारंपरिक चिकित्सा में लंबे समय से किया जाता रहा है। इन दिनों धनिया का पानी एक लोकप्रिय डिटॉक्स ड्रिंक के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। इसे वजन व पाचन से जुड़ी समस्याओं के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा में धनिया के पानी का खास मुकाम है।
कंसल्टेंट डायटीशियन और सर्टिफाइड डायबिटीज एजुकेटर कनिका मल्होत्रा ने बताया कि धनिये का बीज पाचन से जुड़ी कुछ परेशानियों को दूर कर सकते हैं। कई रिसर्च में ये बात साबित हो चुकी है कि इस पानी का सेवन करने से पाचन एंजाइम उत्तेजित होते हैं और ये पाचन में सहायता करता है। सर्टिफाइड न्यूट्रिशनिस्ट अभिषेक चौहान के अनुसार, धनिया में एंटीऑक्सीडेंट कंपाउंड पाए जाते हैं और इसका नियमित सेवन संतुलित डाइट का हिस्सा होने पर शरीर को एंटीऑक्सीडेंट दे सकता है। एंटीऑक्सीडेंट शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से होने वाले नुकसान को कम करने में अहम भूमिका निभाते हैं और ओवर ऑल हेल्थ को दुरुस्त रखने में मदद कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि रोजाना धनिया का पानी पीने से सेहत पर कैसा होता है असर।
आयुर्वेद के मुताबिक धनिया का पानी बॉडी पर कैसा करता है असर?
आयुर्वेद में धनिया के बीज यानी Coriander Seeds का इस्तेमाल शरीर की अतिरिक्त गर्मी को कम करने, एसिडिटी को शांत करने और पाचन तंत्र को सपोर्ट करने के लिए पारंपरिक रूप से किया जाता रहा है। आज की बदलती लाइफस्टाइल और खान-पान की आदतों के कारण कई लोग एसिडिटी और एसिड रिफ्लक्स जैसी समस्याओं से परेशान रहते हैं ऐसे में धनिया के पानी का सेवन बेहद असरदार साबित होता है।
ब्लड शुगर पर दिखता है असर
धनिया के पानी को डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद माना जाता है। धनिया ब्लड शुगर को कंट्रोल करने और कुछ एंजाइम गतिविधियों को प्रभावित करने में मदद करता है। आपको बता दें कि धनिया डायबिटीज का इलाज नहीं है और न ही इंसुलिन या डॉक्टर द्वारा निर्धारित दवाओं का विकल्प है। इसे आप सप्लीमेंट के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं।
कोलेस्ट्रॉल पर असर
धनिया का पानी खराब कोलेस्ट्रॉल को कम और HDL यानी अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद कर सकता है। इसे हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद माना जाता है। हालांकि, केवल धनिया खाने या उसका पानी पीने से कोलेस्ट्रॉल की परेशानी का इलाज नहीं हो सकता। हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोगों को लिपिड प्रोफाइल, डाइट, एक्सरसाइज और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा पर ध्यान देना चाहिए।
ब्रेन और याददाश्त के लिए धनिया
धनिया को मस्तिष्क और याददाश्त के लिए भी फायदेमंद बताया गया है। इसमें अल्जाइमर, पार्किंसन, तनाव और एंग्जायटी जैसी समस्याओं में फायदा मिलता है। धनिया मस्तिष्क की नर्व सेल्स की मरम्मत करने में मदद करता है।
पाचन और गट हेल्थ में करता है सुधार
धनिया को पाचन तंत्र के लिए उपयोगी माना जाता है। धनिया पाचन प्रक्रिया और गट हेल्थ में मदद कर सकता है। IBS यानी इरिटेबल बाउल सिंड्रोम वाले लोगों में भी धनिया के पानी से फायदा हो सकता है। जिन लोगों को भूख कम लगती है या खाना खाने के बाद शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिल रहा है, उनके लिए धनिया पाउडर फायदेमंद हो सकता है। लेकिन लगातार भूख न लगना, वजन कम होना या भोजन से पोषण न मिलना किसी अन्य बीमारी का संकेत भी हो सकता है, इसलिए ऐसी स्थिति में डॉक्टर से जांच जरूरी है।
संक्रमण और यूटीआई में है मददगार
धनिया को कई तरह के संक्रमणों, यहां तक कि टाइफाइड बैक्टीरिया और UTI के खिलाफ प्रभावी बताया गया है। जिन लोगों को पेशाब से जुड़ी परेशानी है वो धनिया के पानी का सेवन कर सकते हैं।
थायराइड के लिए धनिया
धनिया का पानी थायराइड कंट्रोल करने में भी मददगार साबित होता है। धनिया T3 और T4 हार्मोन को बैलेंस कर सकता है और हाइपोथायरायडिज्म या हाइपोथायरायडिज्म को ठीक कर सकता है। थायराइड की दवा लेने वाले इस पानी का सेवन कर रहे है तो बिना डॉक्टर की सलाह के अपनी दवा बंद या कम न करें।
धनिया पानी बनाने का तरीका
एक गिलास पानी में करीब दो चम्मच धनिया के बीज डालकर रातभर भिगो दें। सुबह इस पानी को हल्का उबालकर, ठंडा करने के बाद खाली पेट पी लें आपको फायदा होगा।
डिस्क्लेमर: धनिया या धनिया पानी से जुड़ी जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। इसे डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, थायरॉइड, UTI, टाइफाइड या किसी अन्य बीमारी के इलाज का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या दवा में बदलाव से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
