भारत में एक बड़ा वर्ग शाकाहारी है। शाकाहारियों के लिए प्रोटीन हमेशा एक बड़ा सवाल रहता है। अंडा, चिकन और मटन को प्रोटीन का बेस्ट स्रोत माना जाता है। लेकिन शाकाहारी लोग अंडा, मटन और चिकन से परहेज करते हैं, ऐसे में उनके लिए एक ही सवाल रहता है कि प्रोटीन की भरपाई के लिए वो डाइट में कौन से फूड खाएं कि उनकी हड्डियां और मांसपेशियां हेल्दी रहें। एक मीडियम साइज के अंडे में करीब 6 ग्राम प्रोटीन होता है जो हमारी बॉडी की प्रोटीन की दरकार को पूरा करने में अहम किरदार निभाता है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि शाकाहारी लोग डाइट में कौन से ऐसे आसानी से मिलने वाले फूड्स को शामिल करें जिनसे अधिक प्रोटीन मिल सकें।
यूनानी दवाओं के एक्सपर्ट डॉक्टर सलीम जैदी जो पारंपरिक हर्बल और प्राकृतिक उपचार करते हैं। जो पिछले 14 सालों से मेडिकल के क्षेत्र में अपना योगदान दे रहे हैं, ने बताया कि हमारे पास ऐसे कई फूड मौजूद हैं जिनसे अंडे, चिकन और मटन से ज्यादा प्रोटीन मौजूद होता है। इन फूड्स को खाने से बॉडी को हेल्दी फैट, फाइबर और भरपूर प्रोटीन मिलता है जो हमारी बॉडी की पोषक तत्वों की डिमांड को पूरा करते हैं। आइए जानते हैं कि कौन-कौन से ऐसे फूड्स हैं जिनमें अंडा, चिकन से ज्यादा प्रोटीन मौजूद होता है।
सोया चंक्स
सोया चंक्स को वेजीटेरियन प्रोटीन का पावर हाउस माना जाता है। 100 ग्राम सोया चंक्स में लगभग 52 ग्राम प्रोटीन होता है, जो अंडे से करीब चार गुना ज्यादा है। हालांकि एक बार में 25–30 ग्राम सोया चंक्स खाना ही पर्याप्त होता है, जिससे लगभग 12–15 ग्राम प्रोटीन मिल जाता है। इसे सब्जी, पुलाव, कटलेट या भुर्जी की तरह खाया जा सकता है। सोया में आइसोफ्लेवोंस (Isoflavones) होते हैं। क्लिनिकल रिसर्च बताती हैं कि ये बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में मदद करता है। हाई प्रोटीन और शून्य कोलेस्ट्रॉल के कारण यह वजन घटाने और दिल के रोगों से बचाने में भी असरदार साबित होता है।
कद्दू के बीज खाएं
100 ग्राम कद्दू के बीजों में करीब 30 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। एक दिन में 1–2 चम्मच कद्दू के बीज खाने से एक अंडे के बराबर प्रोटीन मिल सकता है। साथ ही इनमें मैग्नीशियम और जिंक जैसे जरूरी मिनरल्स भी होते हैं जो बॉडी की पोषक तत्वों की डिमांड को पूरा करते हैं और बॉडी को पर्याप्त प्रोटीन भी देते हैं। Journal of Food Science and Technology के अनुसार कद्दू के बीज न केवल प्रोटीन (30g/100g) बल्कि L-tryptophan का भी बेहतरीन स्रोत हैं। इसमें मौजूद हाई जिंक और मैग्नीशियम मांसपेशियों की मरम्मत और टेस्टोस्टेरोन लेवल को प्राकृतिक रूप से सुधारने में मदद करते हैं। यह अंडे का एक शानदार प्लांट-बेस्ड विकल्प है।
मूंगफली खाएं
मूंगफली को अक्सर गरीबों का बादाम कहा जाता है।100 ग्राम मूंगफली में लगभग 26 ग्राम प्रोटीन होता है। भुनी हुई मूंगफली को स्नैक्स के तौर पर खाया जा सकता है और ये रोज़ाना की प्रोटीन जरूरत को पूरा करने में मदद करती है। Harvard Health की स्टडीज बताती हैं कि मूंगफली में मौजूद प्रोटीन और मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स का कॉम्बिनेशन हृदय रोगों के जोखिम को कम करता है। 26g प्रोटीन के साथ इसमें रेस्वेराट्रोल (Resveratrol) नामक एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो बढ़ती उम्र के असर को थामता है और ऊर्जा का स्तर बढ़ाता है।
दालें जैसे मसूर और मूंग खाएं
मसूर और मूंग दाल दोनों ही आसानी से पचने वाली और प्रोटीन से भरपूर दालें हैं। 100 ग्राम मसूर दाल में करीब 25 ग्राम प्रोटीन होता है। 100 ग्राम मूंग दाल में करीब 24 ग्राम प्रोटीन होता है जो हीमोग्लोबिन, मेटाबॉलिज्म और ओवरऑल हेल्थ को सपोर्ट करता हैं। दालों में फाइबर की मात्रा अधिक होती है। Clinical Nutrition के शोध के अनुसार मूंग दाल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जो इसे डायबिटीज मरीजों के लिए प्रोटीन का सबसे सुरक्षित स्रोत बनाता है।
राजमा खाएं
राजमा सिर्फ स्वाद में ही नहीं, बल्कि पोषण में भी दमदार है। 100 ग्राम राजमा में लगभग 23 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। यह स्लो-डाइजेस्टिव प्रोटीन है, जिससे लंबे समय तक एनर्जी मिलती है और मसल रिकवरी बेहतर होती है। राजमा में रेसिस्टेंट स्टार्च होता है। न्यूट्रिशन रिसर्च बताती है कि यह प्रीबायोटिक की तरह काम करता है, जो आंतों के गुड बैक्टीरिया को बढ़ाता है। इसे खाने से लम्बे समय तक भूख नहीं लगती और वजन घटाने में मदद मिलती है।
रोस्टेड चना
रोस्टेड चना एक बेहतरीन और किफायती हाई-प्रोटीन स्नैक्स है। 100 ग्राम रोस्टेड चना में करीब 22 ग्राम प्रोटीन होता है। इसे कहीं भी आसानी से खाया जा सकता है।
पनीर
पनीर हाई प्रोटीन और हाई कैल्शियम फूड है। इसमें प्रोटीन के साथ-साथ कैल्शियम, फास्फोरस और हेल्दी फैट्स भी होते हैं, जो मसल्स और हड्डियों के लिए फायदेमंद हैं। पनीर भुर्जी, करी, टिक्का या ग्रिल्ड फॉर्म में लिया जा सकता है। डेयरी साइंस के अनुसार पनीर में केसीन (Casein) प्रोटीन होता है। ये धीरे-धीरे पचता है, जिससे शरीर को लंबे समय तक अमीनो एसिड की सप्लाई मिलती रहती है। मांसपेशियों की मजबूती और हड्डियों के घनत्व (Bone Density) के लिए इसमें मौजूद कैल्शियम और फास्फोरस मददगार साबित होते हैं।
निष्कर्ष
अगर आप वेजिटेरियन हैं, तो प्रोटीन की कमी को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। सही चुनाव और संतुलित डाइट के साथ वेजिटेरियन फूड्स से भी उतना ही प्रभावी, और कई बार अंडे से ज्यादा प्रोटीन मिल सकता है।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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