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Hay Fever Symptoms: सर्दी-जुकाम, बुखार और आंखों में खुजली हो सकते हैं Hay Fever के लक्षण, जानिए कैसे करें पहचान और बचाव

अस्थमा और एलर्जी वाले लोगों को हे फीवर का जोखिम ज्यादा रहता है।

Hay Fever Symptoms: सर्दी-जुकाम, बुखार और आंखों में खुजली हो सकते हैं Hay Fever के लक्षण, जानिए कैसे करें पहचान और बचाव
हे फीवर एक ऐसी परेशानी है जिसे एलर्जिक राइनाइटिस कहते है। photo-freepik

हे फीवर एक एलर्जिक बीमारी है जो आमतौर पर मौसमी होती है। बदलते मौसम में कई तरह की बीमारियां जोर पकड़ने लगती है। हे फीवर एक ऐसी परेशानी है जिसे एलर्जिक राइनाइटिस कहते है। हालांकि यह बीमारी इस बात पर भी निर्भर करती है कि किसी व्यक्ति को किस चीज से एलर्जी है। हे फीवर का मतलब यह भी नहीं कि इसमें बुखार हो ही। बिना बुखार के भी हे फीवर हो सकता है। सामान्यतया इसमें खांसी, जुकाम, आंखों में खुजली, छाती में जकड़न, नाक से पानी निकलना और साइनस की समस्या हो सकती है।

कैसे होता है हे फीवर:

हे फीवर या एलर्जी तब होती है जब आपका इम्युन सिस्टम पर्यावरण से प्राप्त हानिरहित चीजों से रक्षा करने के लिए हमला कर देता है, जब आप पर्यावरण के संपर्क में आते हैं तो घास, पेड़-पौधें, खरपतवार आदि के संपर्क में भी आते हैं।

इन चीजों से जो पराग कण निकलते हैं वे आपके अंदर चले जाते हैं। इस पराग कण के लिए इम्युन सिस्टम रक्षात्मक हो जाता है। हालांकि इससे कुछ नुकसान नहीं होता लेकिन इम्युन सिस्टम के सक्रिय हो जाने से सर्दी-जुकाम, आंखों में खुजली आदि की समस्या बढ़ जाती है।

इन लोगों को ज्यादा जोखिम:

  • हालांकि यह बीमारी किसी को भी हो सकती है लेकिन इन लोगों को इसका जोखिम ज्यादा रहता है-
  • अस्थमा और एलर्जी वाले लोगों को
  • जिसे ज्यादा एग्जिमा होता हो
  • जहां एलर्जी वाली चीजें ज्यादा हो, वहां रहने वाले लोगों को
  • स्मोकिंग करने वाली माताओं को

हे फीवर के सामान्य लक्षण:

अलग-अलग चीजों के संपर्क से होने वाले हे फीवर के अलग-अलग लक्षण हैं। जैसे कि अगर आप सामान्य पराग कण के संपर्क में आते हैं और शरीर में पराग कण की संख्या बहुत ज्यादा है तो बहुत ज्यादा खांसी, आंख से पानी निकलना, गले में खुजली, गले का बंद होना, खुजली, नाक से पानी आन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।

  • गंभीर लक्षण में
  • बहुत ज्यादा पसीना आता है।
  • सिर में दर्द
  • स्वाद और गंध का चला जाना,,
  • चेहरे में दर्द होना
  • गला, नाक और कान में खुजली होना।

इलाज क्या है:

आमतौर पर डॉक्टर इसका साधारण एंटीबायोटिक से इलाज कर देते हैं। लेकिन इसके लिए डॉक्टरों से संपर्क करना बेहद जरूरी है, क्योंकि टेस्ट से यह पता लगाया जा सकता है कि किस तरह के लक्षण में किस तरह के एंटीबायोटिक का इस्तेमाल करना है। सामान्य तौर पर एंटीहिस्टामिन स्प्रे या टैबलेट, आई ड्रॉप, नजल स्प्रे इत्यादि देकर इस बीमारी को आसानी से ठीक किया जा सकता है।

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