सोशल मीडिया के इस दौर में सेहत से जुड़ी आधी-अधूरी जानकारियां अक्सर पैनिक या भ्रम पैदा करती हैं, खासकर जब बात कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की हो। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, कैंसर का मतलब हमेशा जान गंवाना नहीं होता, बशर्ते इसके संकेतों को शुरुआत में ही पहचान लिया जाए। कई बार हमारे शरीर में कुछ ऐसे सामान्य बदलाव होते हैं, जिन्हें हम मामूली समझ कर टाल देते हैं, लेकिन वे अंदर पनप रही किसी बड़ी बीमारी की शुरुआती चेतावनी हो सकते हैं। मेडिकल साइंस के अनुसार, कैंसर असल में शरीर की कोशिकाओं (Cells) का असामान्य रूप से बढ़ना है, जो शुरुआत में चुपके से पनपता है।

नेचुरल हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. बिस्वरूप रॉय चौधरी ने एक वीडियो में बताया कैंसर की बीमारी होने पर हमारी बॉडी कुछ संकेत देना शुरु कर देती है, जिसे अक्सर लोग नॉर्मल परेशानी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। अगर आप समय रहते बॉडी के इन संकेतों को समझ जाएं तो आसानी से आप कैंसर का समय रहते इलाज कर सकते हैं। कैंसर जरूरी नहीं है कि जानलेवा है, इसे नजरअंदाज करना इसे जानलेवा बना सकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी मानता है कि करीब 40% कैंसर के मामलों को सिर्फ शुरुआती संकेतों की पहचान और सही समय पर मेडिकल स्क्रीनिंग से रोका जा सकता है। अक्सर लोग लगातार रहने वाली खांसी, वजन में अचानक गिरावट, शरीर में बिना दर्द वाली गांठ या स्किन के मस्सों में बदलाव जैसे सामान्य लक्षणों को मामूली समझ कर टाल देते हैं, जो वास्तव में अंदरूनी खतरे की पहली चेतावनी हो सकते हैं। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि हमारी बॉडी में दिखने वाले कौन-कौन से 5 लक्षण हैं जो कैंसर की बीमारी का संकेत देते हैं।  

बहुत ज्यादा कमजोरी होना

अगर बिना किसी भारी काम, बीमारी या नींद की कमी के लगातार बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस हो रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कैंसर होने पर शरीर की कोशिकाएं तेजी से बढ़ती हैं, जिससे शरीर की ऊर्जा अधिक खर्च होती है। इसके अलावा कुछ कैंसर में खून की कमी भी हो सकती है, जिससे थकान और कमजोरी बढ़ जाती है। हालांकि कमजोरी केवल कैंसर का संकेत नहीं है। यह पोषण की कमी, थायरॉयड, संक्रमण या अन्य बीमारियों के कारण भी हो सकती है। एक्सपर्ट के मुताबिक अगर कमजोरी कई सप्ताह तक बनी रहे, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

शरीर के कुछ हिस्सों में लगातार दर्द होना

शरीर के किसी एक हिस्से में लगातार या बार-बार होने वाला दर्द भी कुछ मामलों में कैंसर का संकेत हो सकता है। यह दर्द सामान्य दर्द की तरह आराम या दवा लेने से पूरी तरह ठीक नहीं होता और समय के साथ बढ़ भी सकता है। यदि कैंसर हड्डियों, नसों या आसपास के ऊतकों तक फैल जाए तो दर्द अधिक गंभीर हो सकता है। हालांकि हर तरह का दर्द कैंसर नहीं होता। मांसपेशियों में खिंचाव, गठिया या अन्य समस्याओं से भी दर्द हो सकता है। यदि दर्द कई सप्ताह तक बना रहे या लगातार बढ़ता जाए, तो डॉक्टरी जांच जरूरी है।

हीमोग्लोबिन का खतरनाक तरीके से कम होना

हीमोग्लोबिन का बहुत अधिक कम होना शरीर में किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। कुछ प्रकार के कैंसर, खासकर ब्लड कैंसर, आंतों के कैंसर या पेट से जुड़े कैंसर में लगातार अंदरूनी रक्तस्राव या बोन मैरो पर असर पड़ने से हीमोग्लोबिन तेजी से गिर सकता है। इससे व्यक्ति को कमजोरी, चक्कर आना, सांस फूलना और स्किन का पीला पड़ना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि आयरन की कमी, विटामिन की कमी या अन्य बीमारियों से भी हीमोग्लोबिन कम हो सकता है। इसलिए सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

शरीर का वजन तेजी से कम होना

यदि बिना डाइटिंग या ज्यादा व्यायाम किए एक महीने में लगभग 5 किलो या उससे अधिक वजन कम हो जाए, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। कई प्रकार के कैंसर में शरीर की ऊर्जा की जरूरत बढ़ जाती है और भूख कम लगने लगती है, जिससे तेजी से वजन घट सकता है। इसके अलावा शरीर पोषक तत्वों का सही उपयोग भी नहीं कर पाता। हालांकि वजन कम होना केवल कैंसर का लक्षण नहीं है। थायराइड, डायबिटीज, संक्रमण या पाचन संबंधी बीमारियां भी इसका कारण बन सकती हैं। लगातार वजन घटने पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

जख्म का लंबे समय तक नहीं भरना

सामान्य तौर पर छोटे-मोटे घाव कुछ दिनों या हफ्तों में भर जाते हैं। लेकिन यदि कोई जख्म लंबे समय तक ठीक न हो या बार-बार उसी जगह समस्या हो, तो यह कुछ मामलों में कैंसर का संकेत हो सकता है। खासकर मुंह, त्वचा या जननांगों पर लंबे समय तक बने रहने वाले घावों की जांच करानी चाहिए। हालांकि डायबिटीज, संक्रमण, खराब रक्त संचार या पोषण की कमी के कारण भी घाव भरने में देरी हो सकती है। इसलिए यदि कोई जख्म लंबे समय तक ठीक न हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

लंबे समय तक बुखार रहना

अगर बुखार कई दिनों या हफ्तों तक बना रहे और उसका स्पष्ट कारण पता न चले, तो यह कुछ प्रकार के कैंसर खासतौर पर ब्लड कैंसर या लिम्फोमा का संकेत हो सकता है। कैंसर के कारण शरीर की इम्यूनिटी प्रभावित हो सकती है, जिससे बार-बार या लगातार बुखार आ सकता है। हालांकि लंबे समय तक बुखार रहने के पीछे संक्रमण, टीबी, ऑटोइम्यून रोग या दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए अगर बुखार सामान्य दवाओं के बावजूद लंबे समय तक बना रहे या इसके साथ वजन घटना, कमजोरी या रात में ज्यादा पसीना आने जैसे लक्षण हों, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यहां बताए गए लक्षणों का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को निश्चित रूप से कैंसर है। ये लक्षण कई अन्य बीमारियों के कारण भी हो सकते हैं।अगर इनमें से कोई भी लक्षण लगातार बना रहे, बार-बार दिखाई दे या गंभीर हो, तो बिना देरी किए योग्य डॉक्टर से सलाह लें और आवश्यक जांच कराएं। स्वयं इलाज करने से बचें।