सूर्य ग्रहण का खूबसूरत नजारा देखने की चाह में अक्सर लोग मोबाइल कैमरा, साधारण सनग्लासेस या घर में पड़े काले चश्मों का इस्तेमाल करने लगते हैं। लेकिन क्या यह तरीका आपकी आंखों के लिए वाकई सुरक्षित है? विशेषज्ञों के अनुसार, नंगी आंखों से सूर्य ग्रहण देखना आपकी आंखों की रोशनी हमेशा के लिए छीन सकता है। ग्रहण के दौरान निकलने वाली तीव्र पराबैंगनी (UV) और इन्फ्रारेड किरणें आंख के सबसे संवेदनशील हिस्से यानी रेटिना को गंभीर नुकसान पहुंचाती हैं, जिसे चिकित्सीय भाषा में ‘सोलर रेटिनोपैथी’ (Solar Retinopathy) कहा जाता है। चौंकाने वाली बात यह है कि रेटिना में दर्द महसूस कराने वाले नर्व फाइबर्स नहीं होते, जिससे आंखें डैमेज होने के दौरान तुरंत किसी दर्द का अहसास भी नहीं होता। जनसत्ता ने इस विषय पर देश के प्रमुख नेत्र विशेषज्ञों (Eye Specialists) से बात की है। जानिए कि क्यों सामान्य धूप के चश्मे या मोबाइल स्क्रीन से ग्रहण देखना असुरक्षित है, किन चेतावनियों, लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और ग्रहण देखने का सुरक्षित तरीका क्या है।
अरुणा आसफ अली अस्पताल, राजपुर रोड, सिविल लाइंस दिल्ली में आई विभाग की प्रभारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. कामिनी सिंघल ने बताया (Eye Specialists)एक छोटी सी लापरवाही आपकी आंखों की रोशनी को हमेशा के लिए नुकसान पहुंचा सकती है । डॉक्टर कामिनी ने बताया सूर्य ग्रहण को नंगी आंखों से देखना आंखों के लिए खतरनाक है। सूर्य ग्रहण को कभी भी नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए। ग्रहण के दौरान सूर्य से आने वाली तेज रोशनी और हानिकारक किरणें सीधे आंखों की रेटिना तक पहुंच सकती हैं। रेटिना में मौजूद लाइट-सेंसिटिव सेल्स पर इसका असर पड़ सकता है और उन्हें नुकसान हो सकता है। यह नुकसान कई मामलों में स्थायी भी हो सकता है।
सर गंगाराम अस्पताल, नई दिल्ली में सीनियर विट्रियॉरेटिनल कंसल्टेंट, नेत्र विज्ञान विभाग (Ophthalmology) में डॉ. टिंकू बाली राज़दान ने बताया सूर्य ग्रहण को सीधे देखने से आंखों की रेटिना को नुकसान हो सकता है। रेटिना के बीच का हिस्सा फोविया (Fovea) कहलाता है, जो हमें किसी चीज को साफ और बारीकी से देखने में मदद करता है। सूर्य की तेज किरणें सीधे आंखों में जाने पर फोविया में बर्न पैदा कर सकती हैं, जिससे नजर कमजोर हो सकती है। आइए दोनों एक्सपर्ट से जानते हैं कि सूर्य ग्रहण को नंगी आंखों से देखने पर आंखों को कैसा नुकसान हो सकता है। साधारण धूप के चश्मे (Sunglasses), मोबाइल कैमरा या एक्स-रे फिल्म का इस्तेमाल सूर्य ग्रहण देखने के लिए असुरक्षित है और आंखों को सुरक्षित रखते हुए सूर्य ग्रहण देखने का सही तरीका क्या है।
सूर्य ग्रहण देखने के बाद आंखों के नुकसान का तुरंत पता क्यों नहीं चलता?
डॉक्टर कामिनी ने बताया सूर्य ग्रहण देखने से होने वाला रेटिना का नुकसान हमेशा तुरंत महसूस नहीं होता। इसे पेनलेस विजन लॉस कहा जा सकता है, यानी आंखों को नुकसान होने के बावजूद दर्द या जलन जरूरी नहीं कि महसूस हो। धीरे-धीरे जब व्यक्ति को धुंधला दिखाई देने लगता है या नजर में बदलाव महसूस होता है, तब उसे आंखों को हुए नुकसान का पता चल सकता है। बिना सुरक्षा के सूर्य ग्रहण देखने के बाद आंखों से जुड़े कई लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इनमें धुंधला दिखाई देना, नजर के बीच में काला या गहरा धब्बा दिखना, सीधी लाइनें टेढ़ी या विकृत दिखाई देना, रंगों को पहचानने में बदलाव और तेज रोशनी से ज्यादा चकाचौंध महसूस होना शामिल हैं। इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डॉक्टर कामिनी ने जनसत्ता को बताया सूर्य ग्रहण देखने के बाद सिरदर्द हो सकता है, लेकिन यह सीधे आंखों को हुए नुकसान से जुड़ा हो, यह जरूरी नहीं है।
क्या है Solar Retinopathy?
सोलर रेटिनोपैथी उस स्थिति को कहा जाता है, जब बिना किसी सुरक्षा के सीधे सूर्य को देखने से उसकी तेज रोशनी और हानिकारक किरणें आंखों की रेटिना की लाइट-सेंसिटिव लेयर को नुकसान पहुंचाती हैं। इससे रेटिना की कोशिकाएं डैमेज हो सकती हैं और नजर प्रभावित हो सकती है। यह नुकसान स्थायी भी हो सकता है।
क्या सामान्य Sunglasses पहनकर सूर्य ग्रहण देख सकते हैं?
डॉक्टर कामिनी ने बताया सामान्य सनग्लासेस पहनकर सूर्य ग्रहण देखना सुरक्षित नहीं माना जाता। सिर्फ सनग्लासेस का गहरा रंग होना इस बात की गारंटी नहीं है कि वे आंखों को सूर्य की हानिकारक किरणों से बचा रहे हैं। सूर्य ग्रहण देखने के लिए विशेष रूप से बनाए गए और उचित सुरक्षा मानकों वाले eclipse glasses का इस्तेमाल करना चाहिए। केवल कई लेयर में सनग्लासेस पहन लेने से आंखों की हिफाजत नहीं की जा सकती। चश्मे में सूर्य की हानिकारक किरणों को रोकने के लिए उचित UV protection/filter होना जरूरी है। सिर्फ चश्मे का गहरा होना पर्याप्त नहीं है।
क्या Polarized या Dark Sunglasses से ग्रहण देख सकते हैं?
बहुत गहरे रंग के या polarized sunglasses को सूर्य ग्रहण देखने के लिए सुरक्षित नहीं माना जाना चाहिए। चश्मे का गहरा रंग यह साबित नहीं करता कि वह सूर्य की हानिकारक किरणों को पर्याप्त रूप से रोक रहा है। इसके लिए विशेष solar viewing protection जरूरी है। डॉक्टर के अनुसार, सूर्य ग्रहण देखने के लिए बाजार में उपलब्ध विशेष eclipse glasses या solar viewing devices का इस्तेमाल करना चाहिए। इन्हें अच्छी और भरोसेमंद कंपनी से लेना चाहिए और इस्तेमाल करने से पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे सूर्य को सीधे देखने के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा करते हों।
बच्चों की आंखों का रखें खास ख्याल
बच्चों की आंखों को सूर्य ग्रहण के दौरान विशेष सुरक्षा की जरूरत होती है। डॉक्टर ने बच्चों को बिना उचित सुरक्षा के सूर्य ग्रहण देखने से बचाने की सलाह दी है। खासकर छोटे बच्चों को अपनी निगरानी में रखें और उन्हें नंगी आंखों से सूर्य की तरफ देखने न दें। गलती से बिना प्रोटेक्शन सूर्य ग्रहण देखना आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है। अगर किसी व्यक्ति ने गलती से बिना सुरक्षा के सूर्य ग्रहण देख लिया है और इसके बाद आंखों में कोई असामान्य लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो उसे तुरंत आंखों के डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। धुंधला दिखाई देना, नजर के बीच में धब्बा दिखना, सीधी लाइनें विकृत नजर आना, रंगों को पहचानने में बदलाव या तेज रोशनी से असामान्य रूप से ज्यादा चकाचौंध महसूस होना ऐसे संकेत हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
आंखों में दर्द न हो, फिर भी सावधान रहें
सूर्य ग्रहण देखने के बाद आंखों में दर्द नहीं हो रहा है, इसका मतलब यह जरूरी नहीं कि आंखें पूरी तरह सुरक्षित हैं। रेटिना को नुकसान कई बार बिना दर्द के भी हो सकता है। इसलिए बिना उचित सुरक्षा के सूर्य ग्रहण देखने से बचना और किसी भी असामान्य विजन लक्षण को गंभीरता से लेना जरूरी है।
मोबाइल से सूर्य ग्रहण देखने से क्या आंखों को नुकसान होता है?
डॉ. टिंकू बाली राज़दान ने बताया सूर्य ग्रहण को सीधे देखने से बचें । अगर कोई व्यक्ति ग्रहण देखना चाहता है तो उसे विशेष सोलर फिल्टर या उचित सुरक्षा वाले eclipse glasses का इस्तेमाल करना चाहिए। सामान्य चश्मे के बजाय ऐसे फिल्टर का इस्तेमाल जरूरी है जो सूर्य की हानिकारक किरणों से आंखों को पर्याप्त सुरक्षा दे। डॉक्टर के मुताबिक, सूर्य ग्रहण को मोबाइल पर रिकॉर्ड की गई वीडियो या रिकॉर्डिंग के जरिए देखा जा सकता है। यानी सीधे सूर्य की तरफ देखने के बजाय मोबाइल में उसकी रिकॉर्डिंग देखना आंखों के लिए सुरक्षित विकल्प हो सकता है।
सूर्य ग्रहण देखने पर कौन से वार्निंग साइन देख जाएं डॉक्टर के पास
अगर किसी व्यक्ति ने बिना सुरक्षा के सूर्य ग्रहण देख लिया है और उसके बाद धुंधला दिखाई देने लगे, तो उसे तुरंत आंखों के डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर के अनुसार, कुछ मामलों में दवाओं के जरिए रेटिना को हुए नुकसान को और बढ़ने से सीमित करने की कोशिश की जा सकती है। हालांकि, रेटिना में हुआ नुकसान गंभीर होने पर स्थायी भी हो सकता है।
सबसे जरूरी बात
सूर्य ग्रहण के दौरान आंखों को सुरक्षित रखने का सबसे आसान तरीका है सीधे सूर्य को न देखना। डॉक्टर की सलाह के मुताबिक, ग्रहण को रिकॉर्डिंग के जरिए देखना सबसे सुरक्षित विकल्प है। अगर सीधे देखना हो तो केवल उचित सोलर फिल्टर या प्रमाणित eclipse viewing glasses का इस्तेमाल करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जन जागरूकता के लिए है और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। सूर्य ग्रहण के दौरान केवल प्रमाणित ISO 12312-2 सोलर फिल्टर ग्लासेस का इस्तेमाल करें। धुंधलापन, काला धब्बा या नजर में बदलाव होने पर तुरंत नेत्र रोग विशेषज्ञ से सलाह लें। इसे डॉक्टर की सलाह या इलाज का विकल्प न मानें।
