क्या High Blood Sugar के मरीज खा सकते हैं शुगर फ्री टैबलेट? जानें

आर्टिफिशियल स्वीटनर जिन्हें शुगर सब्सटीच्यूट भी कहते हैं, ये लो कैलोरी स्वीटनर्स होते हैं

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हाई ब्लड शुगर के मरीजों के मीठा खाने की इच्छा को दबाने में मददगार इन टैबलेट्स का सीमित मात्रा में सेवन करना ही फायदेमंद होगा

High Blood Sugar Patients Tips: डायबिटीज रोगियों को चीनी युक्त फूड्स खाने की सख्त मनाही होती है, इस वजह से उनमें मीठा खाने की क्रेविंग ज्यादा हो जाती है। हालांकि, कई लोग अपने स्वीट टूथ को सैटिस्फाई करने के लिए आर्टिफिशियल स्वीटनर का इस्तेमाल करते हैं। अक्सर आपने देखा होगा कि हाई ब्लड शुगर के मरीज अपनी चाय, कॉफी या दूसरे ड्रिंक्स में शुगर फ्री टैबलेट्स डालकर सेवन करते हैं। आइए जानते हैं कि ये टैबलेट्स किस तरह मरीजों के शरीर को प्रभावित करती हैं।

क्या होते हैं आर्टिफिशियल स्वीटनर: ‘मायो क्लिनिक’ की रिपोर्ट के मुताबिक आर्टिफिशियल स्वीटनर जिन्हें शुगर सब्सटीच्यूट भी कहते हैं, ये लो कैलोरी स्वीटनर्स होते हैं। इनमें किसी प्रकार का कोई न्यूट्रिशनल एलिमेंट नहीं पाया जाता है। ये खाने में चीनी के समान मिठास प्रदान करता है और वो भी बगैर कैलोरीज के। खबर के अनुसार आर्टिफिशियल स्वीटनर चीनी से कई गुना ज्यादा मीठे होते हैं, इसलिए थोड़ा इस्तेमाल से ही खाना मीठा हो जाता है।

कैसे करते हैं ब्लड शुगर को प्रभावित: सीमित मात्रा में शुगर-फ्री विकल्प मधुमेह के लिए अच्छा साबित हो सकता है। कृत्रिम मिठास के लिए इस्तेमाल होने वाला ये तत्व ब्लड शुगर को नकारात्मक रूप से प्रभावित नहीं करता है। बता दें कि इन्हें फ्री फूड्स की कैटिगरी में रखा जाता है जिसमें कार्ब्स और कैलोरीज की मात्रा बिल्कुल ही कम होती है। ऐसे में डायबिटीज रोगी कभी-कभी इसका सेवन कर सकते हैं।

ज्यादा सेवन हो सकता है खतरनाक: हाई ब्लड शुगर के मरीजों के मीठा खाने की इच्छा को दबाने में मददगार इन टैबलेट्स का सीमित मात्रा में सेवन करना ही फायदेमंद होगा। इसके अधिक इस्तेमाल से स्वास्थ्य संबंधी दूसरी दिक्कतें हो सकती हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक इनमें सुक्रोज, सैकरिन, रेबियाना और एस्पार्टेम जैसे पदार्थ मौजूद होते हैं जो स्वास्थ्य क नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं।


बढ़ता है इन बीमारियों का खतरा: स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि शुगर फ्री टैबलेट्स में सैकरिन होता है जो शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है। इसके असर से कैंसर का खतरा भी हो सकता है। वहीं, आर्टिफिशियल स्वीटनर के अधिक इस्तेमाल से हार्ट डैमेज हो सकता है और ब्लड प्रेशर लेवल भी घट-बढ़ सकता है। यही नहीं, इन टैबलेट्स के अधिक सेवन से आंखों की परेशानी भी हो सकती है।

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