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सिर्फ महिलाओं को ही नहीं पुरुषों को भी हो सकता है स्तन कैंसर, जानें क्या हैं लक्षण और रोकने के उपाय

ज्यादातर लोगों का मानना होता है कि स्तन कैंसर महिलाओं की बीमारी होती है, इससे पुरुषों का कुछ लेना-देना नहीं है।

प्रतीकात्मक चित्र

ज्यादातर लोगों का मानना होता है कि स्तन कैंसर महिलाओं की बीमारी होती है, इससे पुरुषों का कुछ लेना-देना नहीं है। लोग ऐसा इसलिए भी मानते हैं क्योंकि पुरुषों के पास स्तन नहीं होते। ये सच है कि स्तन पुरुषों के अंग नहीं हैं लेकिन पुरुषों में भी स्तन के ऊतक पाए जाते हैं। ऐसे में पुरुषों में भी स्तन कैंसर की संभावना होती ही है। पुरुषों में स्तन कैंसर दुर्लभ होता है इसलिए इसका इलाज भी थोड़ा मुश्किल होता है। स्तन कैंसर की आशंका को लोगों द्वारा खारिज कर देना भी इसके इलाज की सबसे बड़ी बाधा है। ऐसे में इस बारे में लोगों की जागरूकता बढ़ाने की भी जरूरत है।

स्तन कैंसर के कारण – पुरुषों में आर्काइटिस, अंडकोष में सूजन, खाने पीने की खराब आदत आदि स्तन कैंसर के खतरे को बढ़ा देता है। इसके अलावा एल्कोहल का ज्यादा सेवन, धूम्रपान आदि भी इस बीमारी की चपेट में लाने वाले कारक हैं।

स्तन कैंसर के लक्षणः पुरुषों में स्तन कैंसर के लक्षणों में स्तन में गांठ पड़ना, निपल के चारों ओर की त्वचा पर गड्ढे पड़ना, निपल में दर्द या डिस्चार्ज होना, निपल के चारों और जख्म आदि शामिल हैं। इसके अलावा कभी-कभी पुरुषों में स्तनवृद्धि यानी कि गाइनेकोमास्टिया भी स्तन कैंसर का संकेत होती है।

रोकथाम – स्तन कैंसर को रोकने के लिए पुरुष सबसे पहले अपने पारिवारिक इतिहास के बारे में पता लगाएं कि पहले किसी को स्तन कैंसर हुआ है या नहीं। ऐसा इसलिए क्योंकि पुरुषों में स्तन कैंसर के ज्यादातर मामलों में कम से कम 10 प्रतिशत योगदान आनुवंशिकी स्तन कैंसर का है। इसके अलावा मोटापा भी स्तन कैंसर का महत्वपूर्ण कारक होता है। वजन को नियंत्रित रखकर भी स्तन कैंसर से बचा जा सकता है। नियमित रूप से शारीरिक व्यायाम, संतुलित आहार, धूम्रपान और एल्कोहल से परहेज कर इसकी संभावनाओं पर पूर्ण विराम लगाया जा सकता है। नियमित रूप से शरीर की जांच करवाते रहना भी स्तन कैंसर से बचाव में मदद करता है।


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