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स्तन कैंसर जागरुकता माह 2020: खुद से भी ब्रेस्ट कैंसर के संकेतों को पहचानना आसान, जानिये क्या है ‘सेल्फ ब्रेस्ट एग्जामिनेशन’

Breast Cancer: अगर सही समय पर इस बीमारी को पहचान लिया जाए, तो इससे होने वाले नुकसानों को कम किया जा सकता है।

Breast Cancer Awareness, cancer, breast cancer causes, breast cancer symptomsइस परीक्षण को किसी भी उम्र की युवतियां व महिलाएं कर सकती हैं

Breast Cancer Awareness Month 2020: इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की रिपोर्ट के अनुसार भारत में 2020 तक कैंसर से मरने वालों की संख्या तकरीबन 8 लाख हो जाएगी। 2018 में आई ग्लोबोकैन की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में कैंसर के लगभग साढ़े 11 लाख से भी अधिक नए मामले रिकॉर्ड किए गए हैं। इस आंकड़े में 5 लाख 87 हजार से भी ज्यादा महिलाएं शामिल हैं। महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर सबसे आम है, रिपोर्ट के अनुसार 1.5 लाख से भी अधिक महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित हैं। हेल्थ एक्सपर्ट का मानना है कि 50 प्रतिशत स्तन कैंसर के मामले और 58 प्रतिशत मौतें कम विकसित देशों में होती हैं।

हालांकि, अगर सही समय पर इस बीमारी को पहचान लिया जाए, तो इससे होने वाले नुकसानों को कम किया जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाएं खुद भी इस बीमारी के लक्षणों को पहचान सकती हैं।

सेल्फ ब्रेस्ट एग्जामिनेशन: ब्रेस्ट कैंसर को पहचानने के लिए ये टेस्ट बेहद आम है, जिसे करना आसान है। इस परीक्षण को किसी भी उम्र की युवतियां व महिलाएं कर सकती हैं। मासिक धर्म के खत्म होने के बाद शीशे के सामने खड़े होकर आप ये परीक्षण कर सकती हैं। ऐसे इसलिए क्योंकि पीरियड्स खत्म होने के तुरंत बाद महिलाओं में सूजन नहीं रहता है। हालांकि, जिन महिलाओं में मेनोपॉज आ चुका है, वो किसी भी दिन सेल्फ ब्रेस्ट एग्जामिनेशन कर सकती हैं।

क्या है तरीका: सबसे पहले आईने में देखने की कोशिश करें कि क्या आपको स्किन में या निप्पल्स के आसपास के हिस्से में कुछ बदलाव अथवा गांठ महसूस हो रहा है। अगर गांठ महसूस होता है तो आर्मपिट्स से लेकर पूरे ब्रेस्ट तक चेक करें, ताकि लम्प का साइज पता चल सके।

ये है गांठ होने का मतलब: अगर स्तन में गांठ महसूस हो तो घबराएं नहीं, ऐसा हार्मोनल चेंजेज के कारण भी हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ब्रेस्ट में गांठ या हार्डनेस मासिक धर्म के खत्म होने के बाद प्रोजेस्टीरोन हार्मोन के कारण भी होते हैं। ऐसे में ये जरूरी नहीं कि हर गांठ का मतलब कैंसर ही हो।

डॉक्टर को कब दिखाएं: अगर ये गांठ एक से अधिक मासिक धर्म के बाद भी रहें, तो डॉक्टर से संपर्क करें। वहीं, समय के साथ अगर इस लम्प्स का आकार बढ़ जाए या इनमें सख्ती महसूस होने पर भी चिकित्सक की सलाह अवश्य लें। गांठ के बगल की स्किन में कुछ बदलाव या निप्पल से खून निकलने की स्थिति में भी डॉक्टर को दिखाने में झिझके नहीं।

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