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‘बल्‍जिंग डिस्‍क’ से पीड़ित हैं अनुष्‍का शर्मा, जानें क्‍या है ये बीमारी और इससे बचने के उपाय

यह बीमारी रीढ़ की हड्डियों से शुरू होती है, जो धीरे-धीरे शरीर के बाकी अंगों तक पहुंच जाती है और शरीर के बाकी अंगों में भी दर्द होने लगता है। बल्जिंग डिस्क से परेशान अनुष्‍का को डॉक्‍टर ने 3-4 हफ्तों के लिए बेड रेस्‍ट करने की सलाह दी है।

बॉलीवुड एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा इन दिनों बल्जिंग डिस्क की बीमारी से जूझ रही हैं। बल्जिंग डिस्क की बीमारी में शरीर में बहुत दर्द होता है। बल्‍जिंग डिस्‍क को हर्नियेटेड डिस्क भी कहते हैं जो इन दिनों एक आम बीमारी बन चुकी है। यह बीमारी रीढ़ की हड्डियों से शुरू होती है, जो धीरे-धीरे शरीर के बाकी अंगों तक पहुंच जाती है और शरीर के बाकी अंगों में भी दर्द होने लगता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बल्जिंग डिस्क से परेशान अनुष्‍का को डॉक्‍टर ने 3-4 हफ्तों के लिए बेड रेस्‍ट करने की सलाह दी है। आइए जानते हैं क्या है बल्जिंग डिस्क, इसके लक्षण और बचने के उपाय।

बल्जिंग डिस्क क्या है?: बल्जिंग डिस्क को हर्नियेटेड डिस्क भी कहा जाता है। इस बीमारी के चलते नर्वस सिस्टम बुरी तरह इफ्केट होता है और शरीर में असहनीय दर्द होता है। इस बीमारी का प्रभाव हर्नियेटेड डिस्क पर निर्भर होता है यानी हर्नियेटेड डिस्क अगर लोअर बैक में है तो इसका दर्द नितंबों और जांघों में सबसे ज्‍यादा होता है और अगर हर्नियेटेड डिस्क गर्दन में है तो कंधे और हाथ में सबसे में सबसे ज्यादा दर्द महसूस होगा।

बल्जिंग डिस्क के लक्षण

– हाथ या पैर में दर्द
– हाथ पैर सुन्‍न हो जाना या झुनझुनाहट महसूस होना
– मासपेशियों में कमजोरी
– प्रभावित अंग को उठा पाना या झुका पाना बेहद मुश्‍किल होना।

बल्जिंग डिस्क से बचने के उपाय

– नियमित एक्‍सरसाइज करना इस बीमारी से बचने का सबसे अच्‍छा तरीका है जैसे व्‍यायाम, वॉकिंग, स्‍विमिंग आदि करते रहें।
– बैठने का तरीका सही रखें। रीढ़ और डिस्क पर दबाव कम डालें।
– बीएमआई कंट्रोल में रखें, वजन ज्यादा या कम न होने दें।
– फल और सब्‍जियों अधिक सेवन करें, यह शरीर की सूजन करने में फायदेमंद साबित हो सकते हैं।
– जंक फूड और तले भुने खाने से दूर रहें।
– इस बीमारी को पूरी तरह से ठीक करने के लिए अच्‍छे न्‍यूरोलॉजिस्‍ट के पास जाएं।
– रोग ज्‍यादा गंभीर होने पर इसकी सर्जरी भी होती है।
– डॉक्‍टर की सलाह से फिजियोथेरेपी भी एक अच्छा ऑपशन है, इससे आपकी मांसपेशियों में लचीलापन आएगा तथा दर्द से आराम मिलेगा।