17 साल की सलीना दिल्ली के एक कॉलेज में फर्स्ट ईयर की छात्रा है। गोरा रंग, आकर्षक व्यक्तित्व और खूबसूरत चेहरे के बावजूद वह खुद को सुंदर नहीं मानती। उसे फोटो खिंचवाने का बेहद शौक है और उसकी तस्वीरें भी अच्छी आती हैं, लेकिन वह हर फोटो को सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से पहले घंटों तक एडिट करती रहती है। सलीना को लगता है कि मुस्कुराने पर उसकी नाक टेढ़ी दिखती है। उसकी त्वचा साफ है, लेकिन उसे उसमें दाग-धब्बे नजर आते हैं। परिवार और दोस्त बार-बार उसे समझाते हैं कि वह खूबसूरत है, लेकिन सलीना को उनकी बातों पर यकीन नहीं होता। धीरे-धीरे अपनी शक्ल-सूरत को लेकर उसकी चिंता इतनी बढ़ जाती है कि वह दोस्तों से मिलना-जुलना कम कर देती है, फोटो खिंचवाने से बचने लगती है और अवसाद का शिकार हो जाती है।

जब उसकी यह परेशानी बढ़ने लगी तो उसके माता-पिता उसे डॉक्टर के पास लेकर गए। जांच के बाद डॉक्टर ने मनोचिकित्सक से सलाह लेने की सिफारिश की। मनोचिकित्सक से परामर्श के बाद पता चला कि सलीना किसी शारीरिक समस्या से नहीं, बल्कि बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर (Body Dysmorphic Disorder – BDD) नामक मानसिक समस्या से जूझ रही है।

दिल्ली के शालीमार बाग स्थित फोर्टिस हॉस्पिटल के वरिष्ठ कंसल्टेंट मनोचिकित्सक डॉ. विशाल छाबड़ा ने जनसत्ता को बताया कि BDD एक ऐसी मानसिक स्थिति है, जिसमें व्यक्ति अपने शरीर या चेहरे की किसी मामूली या काल्पनिक कमी को लेकर अत्यधिक चिंतित रहता है। डॉक्टर छाबड़ा ने बताया कि इस प्रवृत्ति के एक सीमा से ज्यादा बढ़ने पर इसका असर व्यक्ति के आत्मविश्वास, पढ़ाई और रिश्तों पर पड़ने लगता है।

जब खूबसूरती ही चिंता बन जाए

हम ऐसे दौर में जी रहे हैं जहां हर दिन सोशल मीडिया पर हजारों परफेक्ट चेहरे दिखाई देते हैं। फिल्टर और फोटो एडिटिंग ऐप्स ने सुंदरता के मानक इतने बदल दिए हैं कि कई लोग अपने असली चेहरे को स्वीकार ही नहीं कर पाते। यही वजह है कि आज Body Dysmorphic Disorder (BDD) जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्या तेजी से चर्चा में आ रही है।

क्या सचमुच कमी चेहरे में होती है या नजरिए में?

BDD सिर्फ एक मानसिक बीमारी नहीं, बल्कि आत्म-छवि (Self-Image) से जुड़ा संकट है। इस स्थिति में व्यक्ति अपने शरीर या चेहरे की किसी ऐसी कमी को लेकर परेशान रहता है जो या तो बहुत मामूली होती है या फिर वास्तव में होती ही नहीं। परिवार और दोस्त उसे आकर्षक और खूबसूरत चेहरा मानते हैं लेकिन वो खुद को उसी नजर से नहीं देख पाता।

सोशल मीडिया ने बढ़ाई मुश्किल

आजकल सोशल मीडिया पर लाइक्स और कमेंट्स को लोग अपनी खूबसूरती और आत्मविश्वास से जोड़कर देखने लगे हैं। लगातार फिल्टर और एडिट की हुई तस्वीरें देखने से कई लोगों को लगता है कि उन्हें भी बिल्कुल परफेक्ट दिखना चाहिए। ऐसे में वे अपनी असली खूबसूरती को नजरअंदाज करने लगते हैं और खुद में कमियां ढूंढने लगते हैं। धीरे-धीरे कुछ लोग असल जिंदगी और सोशल मीडिया की बनाई हुई दुनिया के बीच का फर्क भी भूल जाते हैं।

खूबसूरती को लेकर ये चिंता है या फिर मानसिक समस्या

BDD को केवल ओवरथिंकिंग या कम आत्मविश्वास कहकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह समस्या व्यक्ति को चिंता, अवसाद और सामाजिक अलगाव की ओर धकेल सकती है। कई लोग दोस्तों से मिलना बंद कर देते हैं, फोटो खिंचवाने से बचते हैं और खुद को दुनिया से अलग-थलग महसूस करने लगते हैं।

कॉस्मेटिक सर्जरी हमेशा समाधान नहीं

अक्सर लोग सोचते हैं कि अगर चेहरे या शरीर में कोई बदलाव कर लिया जाए तो समस्या खत्म हो जाएगी। लेकिन BDD में असली समस्या शरीर में नहीं, बल्कि व्यक्ति की सोच और धारणा में होती है। यही कारण है कि कई लोग सर्जरी के बाद भी संतुष्ट नहीं हो पाते और उन्हें कोई नई कमी दिखाई देने लगती है।

समय रहते मदद लेना जरूरी

अगर कोई व्यक्ति अपने रूप-रंग को लेकर अत्यधिक परेशान रहता है, बार-बार आईना देखता है, तस्वीरें एडिट करता है या उसकी यह चिंता उसके सामान्य जीवन को प्रभावित कर रही है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। ऐसे लोगों को मनोचिकित्सक या क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट की मदद लेने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

सबसे जरूरी है स्वीकार करना

हर व्यक्ति की खूबसूरती अलग होती है। BDD यह समझाता है कि कई बार समस्या हमारे चेहरे में नहीं, बल्कि खुद को देखने के तरीके में होती है। इसलिए जरूरी है कि हम अपनी कमियों के बजाय अपनी खूबियों को पहचानना सीखें और मानसिक स्वास्थ्य को भी उतनी ही गंभीरता से लें जितनी शारीरिक स्वास्थ्य को देते हैं।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी वरिष्ठ मनोचिकित्सक से बातचीत और सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से लिखी गई है। यह किसी भी प्रकार के व्यक्तिगत मेडिकल परामर्श, निदान या इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव या ऐसे लक्षणों से जूझ रहा है, तो कृपया तुरंत किसी प्रमाणित डॉक्टर या क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट से संपर्क करें।