आजकल सेहत को लेकर लोग पहले से ज्यादा सतर्क हो गए हैं। शुगर, बीपी और हार्ट से जुड़ी जांचें घर पर ही करने लगे हैं। खासतौर पर ब्लड प्रेशर मशीन लगभग हर घर में मिल जाती है। लेकिन सवाल यह है कि ब्लड प्रेशर कितनी बार चेक करना सही है? क्या बार-बार बीपी मापना नुकसानदायक साबित हो सकता है? जुपिटर हॉस्पिटल के डायरेक्टर (इंटरनल मेडिसिन) थाणे में डॉ. अमित सराफ ने अपनी जुबानी पूरी जानकारी दी।

क्या बार-बार ब्लड प्रेशर चेक करना गलत है?

ब्लड प्रेशर बार-बार चेक करना अपने आप में हानिकारक नहीं है, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप क्यों और कैसे चेक कर रहे हैं। कुछ लोगों के लिए बार-बार ब्लड प्रेशर मापना तसल्ली देता है और बीमारी को संभालने में मदद करता है। लेकिन जिन लोगों को चिंता ज्यादा रहती है, उनके लिए बार-बार बीपी मापना उल्टा असर डाल सकता है। ऐसे लोगों में हर रीडिंग को लेकर डर और तनाव बढ़ जाता है, जिससे बीपी अस्थायी रूप से बढ़ भी सकता है।

कब समस्या बन जाता है बार-बार बीपी चेक करना?

जब लोग बिना डॉक्टर की सलाह के दिन में कई बार ब्लड प्रेशर चेक करने लगते हैं, तब यह आदत अनहेल्पफुल हो जाती है। खासतौर पर हर तनाव, खाना खाने के बाद, या हल्के लक्षणों पर तुरंत बीपी मापना सही नहीं होता है। इससे मेजरमेंट एंग्जायटी पैदा हो सकती है। यानी बीपी रीडिंग को लेकर घबराहट इतनी बढ़ जाती है कि वही तनाव बीपी को अस्थायी रूप से बढ़ा देता है। इसका मतलब यह नहीं कि व्यक्ति को सच में हाई ब्लड प्रेशर है, बल्कि यह भावनात्मक तनाव का संकेत होता है।

किन लोगों को घर पर नियमित बीपी मॉनिटरिंग की जरूरत है?

हर किसी को रोजाना ब्लड प्रेशर चेक करने की जरूरत नहीं होती। घर पर नियमित बीपी मॉनिटरिंग खासतौर पर उन लोगों के लिए जरूरी है जिन्हें पहले से हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी है। या फिर जो ब्लड प्रेशर की दवाएं ले रहे हैं, खासकर जब दवा की डोज बदली गई हो। या जिन्हें डायबिटीज, किडनी की बीमारी या हार्ट की समस्या है। वहीं, जो लोग पूरी तरह स्वस्थ हैं और जिन्हें हाई बीपी की कोई शिकायत नहीं है, उनके लिए रोज बीपी चेक करना आमतौर पर जरूरी नहीं होता।

ब्लड प्रेशर चेक करने की सही फ्रीक्वेंसी क्या है?

हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए डॉक्टर आमतौर पर सलाह देते हैं कि कुछ दिनों तक सुबह और शाम एक-एक बार बीपी चेक किया जाए। लंबे समय में हफ्ते में कुछ बार या डॉक्टर से मिलने से पहले बीपी मापना पर्याप्त होता है। इसके अलावा, अगर किसी को लगातार सिरदर्द, चक्कर, सीने में परेशानी, असामान्य थकान या दिल की धड़कन तेज लगने जैसे लक्षण हों, तो उस समय बीपी चेक करना फायदेमंद होता है। इससे डॉक्टर को यह समझने में मदद मिलती है कि लक्षणों और बीपी के बीच कोई संबंध है या नहीं।

घर पर बीपी मापते समय किन बातों का रखें ध्यान?

  • बीपी चेक करने से पहले कम से कम 5 मिनट शांति से बैठें
  • जांच से 30 मिनट पहले चाय-कॉफी, सिगरेट या एक्सरसाइज न करें
  • हाथ को दिल की ऊंचाई पर सहारा देकर रखें
  • हमेशा वैलिडेटेड डिजिटल बीपी मशीन का इस्तेमाल करें
  • दो रीडिंग लें और उनका औसत नोट करें
  • सबसे जरूरी बात यह है कि एक बार की ज्यादा रीडिंग देखकर घबराएं नहीं। हमेशा लंबे समय के ट्रेंड पर ध्यान दें।

निष्कर्ष

सही तरीके से और सीमित मात्रा में ब्लड प्रेशर चेक करना फायदेमंद है। लेकिन जरूरत से ज्यादा और बिना कारण बार-बार जांच करना तनाव और भ्रम पैदा कर सकता है।

डिस्क्लेमर

यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

नेस्थिसियोलॉजिस्ट और पेन मेडिसिन फिजिशियन डॉ. कुनाल सूद के मुताबिक, कुछ आदतें जो देखने में सामान्य लगती हैं, वही दिल को नुकसान पहुंचाती हैं। पूरी जानकारी के लिए लिंक पर क्लिक करें।