पटना के पॉल्ट्री फॉर्म में बर्ड फ्लू के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। बुधवार को इस कारण 6000 पोल्ट्री पक्षियों का मारकर उन्हें जमीन के अंदर नष्ट कर दिया गया। अत्यधिक संक्रामक माने जाने वाले H5N1 एवियन इन्फ्लुएंजा इस साल पहली बार कौओं से पोल्ट्री पक्षियों में फैल गया है। इस वायरस के कारण पक्षियों में बर्ड फ्लू की बीमारी होती है। डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव शिर्सत कपिल अशोक ने बताया कि 28 जनवरी से अब तक राज्य में H5N1 के कारण 366 कौओं की मौत की पुष्टि हुई है। इनमें दरभंगा में 200, भागलपुर में 70, कटिहार में 62, पटना में 22 और पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में 12 मौतें दर्ज की गई हैं।

अशोक ने बताया कि 16 से 18 फरवरी के बीच पटना और भागलपुर के विभिन्न इलाकों में करीब 68 कौओं की मौत की सूचना मिली थी। इसके बाद 19 फरवरी को नए नमूने कोलकाता स्थित आरडीडीएल (RDDL) भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर H5N1 वायरस क्या है और यह कैसे फैलता है?

क्या है H5N1 वायरस?

बर्ड फ्लू, जिसे वैज्ञानिक भाषा में एवियन इन्फ्लुएंजा (H5N1) कहा जाता है, ये एक संक्रामक वायरल बीमारी है जो खासतौर पर कौवे, बत्तख और मुर्गियों को प्रभावित करती है। हालांकि ये वायरस म्यूटेट होकर इंसानों में भी फैल सकता है जो श्वसन तंत्र (Respiratory system) के लिए बेहद घातक साबित हो सकता है। ये एक प्रकार का इन्फ्लूएंजा वायरस है जो खासतौर पर पक्षियों को संक्रमित करता है और पक्षियों के जरिए इंसानों तक पहुंचता है। वायरस को फैलने से रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा गाइडलाइन जारी की जा रही है। बचाव और रोकथाम के उपाय भी बताए जा रहे हैं।  

H5N1 वायरस कैसे फैलता है?

एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस संक्रमित पक्षियों के साथ सीधे संपर्क से फैलता है। चाहे पक्षी जंगली हों या फिर पालतू हो। ये वायरस पक्षियों के मल, लार, नाक के स्राव तथा दूषित जल या चारे के जरिए फैल सकता है। प्रवासी या माइग्रेटरी पक्षी इस वायरस के प्रमुख वाहक माने जाते हैं। वे एक स्थान से दूसरे स्थान तक लंबी दूरी तय करते हैं और इस दौरान H5N1 वायरस को विभिन्न क्षेत्रों में फैला सकते हैं। इससे पोल्ट्री फार्मों में संक्रमण और प्रकोप का खतरा बढ़ जाता है। बर्ड फ्लू खासतौर पर पक्षियों में फैलता है, लेकिन कुछ मामलों में ये मनुष्यों और दूसरे जानवरों को भी संक्रमित कर सकता है। H5N1 को अगर फैलने से रोकना है तो इस संक्रमण के बारे में जानना जरूरी है।

 H5N1 वायरस क्या इंसानों में फैल सकता है?

H5N1 वायरस संक्रमित पशुओं से इंसानों में फैल सकता है, लेकिन यह बहुत दुर्लभ मामलों में होता है। यह वायरस आमतौर पर पक्षियों को संक्रमित करता है, पर कुछ परिस्थितियों में मनुष्यों को भी प्रभावित कर सकता है। ये वायरस इंसानों में तब फैलता है जब मनुष्य संक्रमित पक्षियों के सीधे संपर्क में आते हैं। संक्रमित पक्षियों के मल, लार या स्राव के संपर्क में आने से ये वायरस मनुष्यों में भी फैल सकता है। संक्रमित पोल्ट्री फार्म में काम करने के दौरान दूषित सतहों के जरिए ये इंसानों में पहुंच सकता है। ये वायरस इंसानों से इंसानों में आसानी से नहीं फैलता।  

H5N1 वायरस के इंसानों में कौन से दिखते हैं लक्षण

संक्रमित व्यक्ति को तेज बुखार हो सकता है।
मरीज का रेस्पिरेटरी सिस्टम प्रभावित हो सकता है। उसे खांसी, गले में खराश और सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।
निमोनिया जैसी गंभीर स्थिति भी आ सकती है। गंभीर मामलों में यह जानलेवा भी हो सकता है, इसलिए सावधानी जरूरी है।

H5N1 वायरस से बचाव कैसे करें?

H5N1 वायरस से बचाव करना चाहते हैं तो संक्रमित या मृत पक्षियों से दूर रहें।
पोल्ट्री फार्म में काम करते समय मास्क और दस्ताने पहनें
चिकन और अंडे अच्छी तरह पकाकर खाएं।
हाथों की साफ-सफाई का खासतौर पर ध्यान रखें

डिस्क्लेमर:

यह लेख केवल सामान्य जानकारी प्रदान करता है। यदि आपमें या आपके आसपास किसी में ऐसे लक्षण दिखते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। पालतू और जंगली जानवरों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। यह संक्रमण संक्रमित जानवरों की लार, मल या अन्य स्राव के संपर्क से फैल सकता है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी निर्णय के लिए विशेषज्ञ की सलाह लेना आवश्यक है।