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पिछले कई सालों से चेहरे पर दर्द झेल रहे सलमान खान, जानिए उनकी इस गंभीर बीमारी के बारे में

सलमान खान के Bigg Boss 13 छोड़ने की खबर आ रही है। ऐसा कहा जा रहा है कि सलमान खान को न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर की समस्या है और इसी कारण वह शो छोड़ रहे हैं।

Author Updated: December 11, 2019 7:42 PM
Health News: सलमान खान (Source: Instagram)

Salman Khan, Health News: पिछले कई सीजन से सलमान खान Big Boss को होस्ट कर रहे हैं। लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह सुनने में आ रहा है कि सलमान खान जल्द ही Bigg Boss 13 सीजन छोड़ने वाले हैं। हालांकि अब तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि सलमान खान अपनी बीमारी ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया के कारण ऐसा करने वाले हैं। यह बीमारी उन्हें कई सालों से है। वैसे तो सलमान ने कभी इस बीमारी के बारे में खुलकर बात नहीं की है। यह कोई आम बीमारी नहीं है और बहुत ही कम सुनने को भी मिलती है। आइए हम आपको बताते हैं ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया से जुड़ी कई बातें, जिसका जानना आपके लिए जरूरी है।

ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया क्या है?
ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया (TN) एक दर्दनाक बीमारी है जिसमें ट्राइजेमिनल तंत्रिका शामिल है। संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रति वर्ष प्रति 100,000 लोगों पर लगभग 12 मामले हैं। दो अलग-अलग ट्राइजेमिनल तंत्रिकाएं होती हैं, जो चेहरे के प्रत्येक तरफ होती हैं। ये नसें चेहरे से मस्तिष्क तक दर्द और अन्य संवेदनाओं को ले जाने के लिए जिम्मेदार होती हैं। प्रत्येक तंत्रिका की तीन शाखाएं हैं(फोरहैंड, मिडफेस और चिन)। किसी भी (या सभी) शाखाओं का TN होना संभव है। टीएन के कारण चेहरे के सभी हिस्से में तेज दर्द होता है। ब्रश या शेविंग करने के कारण भी चेहरे में दर्द होने लगता है।

ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया के लक्षण: दर्द आमतौर पर चेहरे के एक तरफ होता है। आइए इसके लक्षण जानते हैं-
– ब्रश करने पर दर्द होना
– शेविंग करने पर
– चेहरे को छूने पर
– बोलने पर
– खाने या पीने पर

ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया के कारण: कई मामलों में, ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया का कारण कभी नहीं पता लगाया जा सकता है। हालांकि, ज्ञात कारणों में शामिल है:

– सूजन वाली रक्त वाहिका या ट्यूमर जो तंत्रिका पर दबाव डालता है।
– मल्टीपल स्केलेरोसिस, एक ऐसी स्थिति है जो माइलिन शीथ को नुकसान पहुंचाती है, जो नसों के आसपास सुरक्षात्मक कोटिंग की तरह होती है।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर और स्ट्रोक के अनुसार, किसी को भी यह बीमारी हो सकता है, यह पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक आम है। 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में यह अधिक सामान्य है, हालांकि यह किसी भी उम्र में हो सकता है।

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