सुबह का नाश्ता दिन का सबसे पहला और अहम भोजन माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी डाइट में शामिल सीरियल (Cereal), जिसे आप सेहतमंद समझकर खाते हैं, वह आपकी सेहत बना भी सकता है और बिगाड़ भी सकता है? बाजार में मिलने वाले रंग-बिरंगे डिब्बे, कार्टून कैरेक्टर और हाई फाइबर  या विटामिन से भरपूर जैसे दावे अक्सर लोगों को यह विश्वास दिलाते हैं कि सही ब्रेकफास्ट सीरियल चुनना बहुत आसान है। लेकिन इन आकर्षक मार्केटिंग दावों के पीछे एक अहम सवाल छिपा होता है, आखिर कौन सा ब्रेकफास्ट सीरियल सच में सबसे हेल्दी है? आजकल बाजार में कई तरह के सीरियल मिलते हैं, जैसे शुगर से भरे फ्लेक्स, मल्टीग्रेन क्लस्टर और मिलेट से बने विकल्प। इतने विकल्पों के बीच सही चुनाव करना कई बार मुश्किल हो जाता है।

कंसल्टेंट डाइटीशियन और सर्टिफाइड डायबिटीज एजुकेटर कनिका मल्होत्रा के मुताबिक, सही ब्रेकफास्ट सीरियल चुनना आपके पूरे दिन की सेहत पर असर डालता है। उनका कहना है कि ऐसा सीरियल चुनना चाहिए जिसमें एडेड शुगर कम हो, आदर्श रूप से प्रति सर्विंग 5 ग्राम से कम हो। ज्यादा शुगर वाले सीरियल से शरीर में अचानक एनर्जी बढ़ती है और फिर जल्दी गिर जाती है, जिससे थकान और डायबिटीज जैसे जोखिम बढ़ सकते हैं। डायटीशियन के अनुसार, प्रति सर्विंग कम से कम 3 ग्राम फाइबर होना चाहिए। ज्यादा फाइबर पाचन को बेहतर बनाता है और लंबे समय तक पेट भरा महसूस कराता है। इसके अलावा साबुत अनाज से बने सीरियल बेहतर होते हैं क्योंकि इनमें जरूरी विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो कई पुरानी बीमारियों के खतरे को कम करते हैं।

प्रोटीन का नाश्ते में किरदार

प्रोटीन भी नाश्ते में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए सीरियल को दूध, दही या नट्स के साथ खाने से प्रोटीन की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे मसल्स हेल्थ और पेट भरा रहने में मदद मिलती है। हालांकि कई सीरियल में विटामिन और मिनरल मिलाए जाते हैं, लेकिन सिर्फ फोर्टिफाइड लिखे होने पर भरोसा करने के बजाय पूरा न्यूट्रिशन लेबल पढ़ना जरूरी है।

कौन सा ब्रेकफास्ट सीरियल ज्यादा हेल्दी है?

म्यूसली खाएं

डायटीशियन के अनुसार अलग-अलग सीरियल का पोषण मूल्य अलग होता है। बात करें मूसली की (ओट्स, नट्स, सीड्स और ड्राई फ्रूट्स) तो  आधा कप म्यूसली में लगभग 4 ग्राम फाइबर और 3.6 ग्राम प्रोटीन होता है और करीब 151 कैलोरी मिलती है। इसमें नेचुरल शुगर होती है और आमतौर पर एडेड शुगर नहीं होती, जिससे यह पाचन और स्थिर एनर्जी के लिए अच्छी मानी जाती है। अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, जो लोग अपने नाश्ते में साबुत अनाज और उच्च फाइबर वाले सीरियल शामिल करते हैं उनका ‘बॉडी मास इंडेक्स’ (BMI) उन लोगों की तुलना में कम रहता है जो रिफाइंड या शुगर वाले अनाज खाते हैं।

ग्रेनोला

ग्रेनोला भी ओट्स और नट्स से बनता है, लेकिन इसे तेल और मिठास के साथ बेक किया जाता है। इसलिए इसमें कैलोरी और शुगर ज्यादा हो सकती है। आधा कप ग्रेनोला में लगभग 212 कैलोरी और 15 ग्राम तक शुगर हो सकती है, जो वजन और ब्लड शुगर कंट्रोल के लिए ठीक नहीं मानी जाती।

कॉर्नफ्लेक्स

मिल्ड कॉर्न से बने कॉर्नफ्लेक्स में आमतौर पर करीब 1.2 ग्राम फाइबर होता है। इनमें माइक्रोन्यूट्रिएंट्स जोड़े जाते हैं, लेकिन इनमें सरल कार्बोहाइड्रेट और शुगर ज्यादा होती है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है।

चॉकलेट सीरियल

चॉकलेट फ्लेवर वाले सीरियल में आमतौर पर ज्यादा एडेड शुगर और कम फाइबर होता है, इसलिए इन्हें सबसे कम हेल्दी विकल्प माना जाता है। डायटीशियन के मुताबिक, जिन सीरियल में कम शुगर, ज्यादा फाइबर और साबुत अनाज होते हैं जैसे म्यूसली वे मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए बेहतर माने जाते हैं।

क्या नाश्ते में सीरियल खाना सही है?

एक्सपर्ट के अनुसार साबुत अनाज और फाइबर से भरपूर ब्रेकफास्ट सीरियल संतुलित नाश्ते का अच्छा हिस्सा हो सकते हैं। ओट्स, जौ या इसबगोल जैसे फाइबर रिच अनाज वाले सीरियल कोलेस्ट्रॉल कम करने और पाचन सुधारने में मदद कर सकते हैं। जो लोग नियमित रूप से सीरियल खाते हैं, उनमें अक्सर विटामिन और मिनरल्स का सेवन ज्यादा होता है। कुल फैट का सेवन कम और डाइट क्वालिटी बेहतर देखी होती है। इससे बॉडी मास इंडेक्स कम रहने और मोटापे का खतरा घटाने में भी मदद मिल सकती है।

एक्सपर्ट ने बताया बॉडी को फायदा पहुंचाने के लिए ऐसा सीरियल चुनना चाहिए जिसमें प्रति सर्विंग 5 ग्राम से कम एडेड शुगर और कम से कम 3 ग्राम फाइबर हो। साथ ही इसे दही, दूध या नट्स जैसे प्रोटीन स्रोत के साथ खाने से पेट ज्यादा देर तक भरा रहता है और ब्लड शुगर भी कंट्रोल रहता है। एक्सपर्ट के मुताबिक अंडे, स्मूदी या होल-ग्रेन टोस्ट जैसे दूसरे नाश्ते भी पोषण से भरपूर होते हैं। लेकिन सही तरीके से चुना गया ब्रेकफास्ट सीरियल आज भी एक आसान, जल्दी बनने वाला और पोषक विकल्प हो सकता है।

डिस्क्लेमर:

इस लेख में दी गई जानकारी कंसल्टेंट डायटीशियन के सुझावों और उपलब्ध शोध पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या डाइट प्लान में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर या प्रमाणित पोषण विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।