सुबह की शुरुआत अगर गलत खानपान से हो, तो इसका सीधा असर हमारे पाचन और दिनभर की एनर्जी पर पड़ता है। आज के दौर में पिज्जा, बर्गर और पास्ता जैसे प्रोसेस्ड फूड्स भले ही ब्रेकफास्ट का हिस्सा बनते जा रहे हों, लेकिन आयुर्वेद इसे सेहत के लिए धीमा जहर मानता है। आयुर्वेद के मुताबिक सुबह के नाश्ते में ऐसे फूड्स का सेवन करना जरूरी है जो पचने में आसान हो, शरीर को नेचुरल तरीके से पोषण दे और बॉडी को हेल्दी रखें। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉक्टर रूपाली जैन ने बताया सुबह के नाश्ते में आप च्यवनप्राश खाएं। आयुर्वेद के मुताबिक कुछ फूड्स आपको दिनभर तरोताजा और बीमारियों से दूर रखने में मदद करेंगे। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि सुबह के नाश्ते में कौन कौन से फूड्स का सेवन असरदार साबित होता है।  

घी का करें सेवन

आयुर्वेद में घी को रसायन के रूप में बताया गया है। सुबह गुनगुने पानी में करीब आधा से एक चम्मच घी का सेवन आप करें तो वात और पित्त को बैलेंस कर सकते हैं। घी का सेवन जठराग्नि को बेहतर करने तथा एकाग्रता और मानसिक स्थिरता में मददगार माना जाता है। आयुर्वेद में गाय के घी को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।

च्यवनप्राश

सुबह खाली पेट आधा से एक चम्मच च्यवनप्राश का सेवन आपको दिनभर एनर्जेटिक रखने में मदद करेगा। आयुर्वेद में  इसे धीरे-धीरे खाने और इसके बाद कुछ समय तक भोजन न करने की सलाह दी गई है। हालांकि, च्यवनप्राश में चीनी की मात्रा उत्पाद के अनुसार अलग हो सकती है, इसलिए डायबिटीज वाले लोगों को इसके सेवन से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेनी चाहिए।

आंवला रसायन और त्रिफला का करें सेवन

आंवला रसायन को भी सुबह खाने की सलाह दी गई है। आधा से एक चम्मच आंवला रसायन को गुनगुने पानी में मिलाकर लेने से इम्यूनिटी मजबूत होती है और ओवरऑल हेल्थ में सुधार होता है। त्रिफला चूर्ण का सेवन भी सुबह करें। आधा से एक चम्मच त्रिफला को गुनगुने पानी के साथ लेने से पाचन दुरुस्त रहेगा और कब्ज से निजात मिलेगी।  जिन लोगों के शरीर में  रूखापन अधिक है वो इसमें थोड़ा घी या तेल मिलाकर इस्तेमाल कर सकते हैं।

नट्स को भिगोकर खाएं

बादाम, अखरोट और पिस्ता को आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से भारी और गर्म तासीर वाला माना जाता है। अगर आप गर्मी में नट्स का सेवन करना चाहते हैं तो उन्हें रातभर पानी में भिगो दें और सुबह उनका सेवन करें। नट्स का सेवन पाचन में सुधार करेगा और बॉडी को हेल्दी रखेगा।

अलसी, पंपकिन सीड्स और चिया सीड्स खाएं

कोलेस्ट्रॉल, फैटी लिवर या बढ़ते वजन जैसी समस्याओं में एक चम्मच अलसी के बीज का सेवन असरदार साबित होता है। पंपकिन सीड्स और चिया सीड्स को भी विकल्प के रूप में बताया गया है। हालांकि, चिया सीड्स का पारंपरिक आयुर्वेदिक ग्रंथों में वर्णन नहीं है। आयुर्वेद में इन सभी चीजों को एक साथ ज्यादा मात्रा में लेने के बजाय एक-एक करके या रोटेशन में लेने की सलाह दी गई है।

मेथी दाना का करें सेवन

शरीर में दर्द, जकड़न या अर्थराइटिस जैसी समस्या वाले लोगों के लिए रातभर भिगोए हुए एक चम्मच मेथी दाना का सेवन सुबह चबाकर खाने और उसका पानी पीने से राहत मिलती है। मेथी का सेवन कुछ लोगों में ब्लड शुगर को प्रभावित कर सकता है, इसलिए डायबिटीज की दवा लेने वालों को सावधानी रखनी चाहिए।

फल खाने के लिए इस नियम को समझें

सुबह फल खाने का निर्णय व्यक्ति की प्रकृति के अनुसार किया जाना चाहिए। वात प्रकृति वाले लोगों के लिए फल उपयुक्त बताए गए हैं, जबकि पित्त प्रकृति में बहुत खट्टे फलों से बचने की सलाह दी गई है। मीठे अनार जैसे फलों का सुबह खाली पेट सेवन बेहद असरदार हो सकता है। कफ प्रकृति वाले लोगों को सुबह-सुबह फल खाने से बचने की सलाह दी गई है। इसके बजाय दोपहर में फल खाने और उस पर थोड़ा भुना जीरा, सोंठ या काला नमक डालने की बात कही गई है।  एक समय में एक ही फल खाने की सलाह दी गई है। आयुर्वेद जूस के बजाय पूरा फल खाने को प्राथमिकता देता है।आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से फल और दूध को साथ लेने से बचना चाहिए।

सुबह अंकुरित मूंग खाएं

मूंग को आयुर्वेद में हल्का और पथ्य माना जाता है, साबुत मूंग और दूसरी दालों को रूखा बताया गया है, जिससे कुछ लोगों में वात बढ़ सकता है। स्प्राउट्स की तुलना में मूंग को रातभर भिगोकर अच्छी तरह पकाकर, घी या तेल और उपयुक्त मसालों के साथ खाने को बेहतर विकल्प बताया गया है।

चने का करें सेवन

चना भी वात बढ़ाने वाला बताया गया है। जिन लोगों में वात प्रकृति, शरीर में अधिक सूखापन, दर्द या पाचन संबंधी परेशानी हो, उन्हें चने का सेवन सीमित करने की सलाह दी गई है।

डॉक्टर की सलाह

सुबह खाली पेट कोई एक चीज सभी लोगों के लिए समान रूप से फायदेमंद नहीं होती। अपनी प्रकृति, पाचन क्षमता, मौसम, उम्र और हेल्थ कंडीशन को ध्यान में रखकर ही भोजन या किसी आयुर्वेदिक औषधि का चुनाव करना चाहिए। खासकर डायबिटीज, गर्भावस्था, किडनी या लिवर की बीमारी या नियमित दवाएं लेने वाले लोगों को किसी भी औषधि या सप्लीमेंट को शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग्य आयुर्वेद विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी आयुर्वेदिक दृष्टिकोण पर आधारित है। किसी भी खाद्य पदार्थ या आयुर्वेदिक औषधि का सेवन शुरू करने से पहले अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार डॉक्टर या योग्य विशेषज्ञ की सलाह लें।