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विशेषज्ञ की राय: अच्छी सेहत के लिए छोड़ें गाय का दूध, रोज पिएं बीयर

विशेषज्ञ ने साथ ही यह भी बताया है कि एल्कोहल के सेवन से दिल की ग्रंथियां साफ रहती हैं।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

एक स्वस्थ और संतुलित आहार को लेकर हर कोई चिंतित रहता है। लोग अक्सर इस उहापोह में देखे जाते हैं कि क्या खाना उनके लिए सही है और क्या खाना गलत। अमेरिका के यूसीएलए फिल्डिंग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की न्यूट्रिशनल एपिडेमियोलाजिस्ट करीन मिशेल ने खान-पान से शारीरिक स्वास्थ्य सुधारने को लेकर कई सालों तक अध्ययन किया है। वह कहती हैं कि कई तरह के आहार को लेकर अभी भी लोगों के मन में गलत धारणाएं मौजूद हैं। उनका मानना है कि बहुत से लोग अपने खान-पान को लेकर विशेषज्ञों से सलाह नहीं लेते जिसकी वजह से ही वह खान-पान को लेकर कई तरह की मान्यताओं में यकीन करना शुरू कर देते हैं। कई सारे मिथक ऐसे ही बनते हैं।

बहुत से लोगों का मानना है कि रेड मीट आयरन संबंधी समस्या से छुटकारा दिलाने में हमारी मदद करता है लेकिन मिशेल का मानना है कि रेड मीट में पाया जाने वाला आयरन सब्जियों में पाए जाने वाले आयरन से बहुत अलग होता है। रेड मीट दरअसल कार्टिओवेस्कुलर बीमारियों का कारक होता है। आयरन की मात्रा पत्तेदार सब्जियों और बीन्स में भारी मात्रा में पाई जाती हैं। बहुत से लोग ऐसा सोचते हैं कि एल्कोहल स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है। लेकिन इससे जुड़े हुए तथ्य मिले-जुले परिणाम देते हैं। एल्कोहल हमारी हृदय धमनियों को साफ रखता है इसलिए अगर आपके परिवार की मेडिकल हिस्ट्री हृदय धमनियों संबंधी बीमारी की चपेट में है तो एल्कोहल आपके लिए बहुत फायदेमंद है। मिशेल ने बताया कि इसके साथ ही आपको एल्कोहल की संतुलित मात्रा का सेवन करना है। इसकी अधिकता कई तरह के कैंसर का कारण भी हो सकती है।

गाय का दूध मानव-स्वास्थ्य के लिए सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है। लेकिन मिशेल का कहना है कि गाय का दूध इंसानों के सेवन के लिए नहीं होता। इसकी संरचना मां के दूध से बहुत अलग होती है। उन्होंने बताया कि आजकल गायों में दूध देने की क्षमता बढ़ाने के लिए तथा लगातार दुग्ध उत्पादन के लिए कृत्रिम गर्भाधान का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। इसकी वजह से गायों के गर्भधारण के लिए जिम्मेदार हार्मोंस एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरॉन की दूध में मिलावट हो जाती है। और इस तरह का दूध कई तरह के कैंसर का कारण होता है।

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