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परिवार में किसी को है Arthritis की समस्या, इन 4 तरीकों से कर सकते हैं मदद

Arthritis Symptoms: जरा सा काम करने पर थकान महसूस करना और शरीर के जोड़ों में दर्द रहना भी अर्थराइटिस बीमारी का एक लक्षण है

ऐसा माना जाता है कि केवल 10 प्रतिशत वजन कम करने से अर्थराइटिस का दर्द 50 प्रतिशत तक कम हो सकता है

Tips for Arthritis Patients: उम्र बढ़ने के साथ बढ़ती हैं शारीरिक समस्याएं। अर्थराइटिस भी इन्हीं बीमारियों में से एक है जिसमें लोग जोड़ों और घुटनों के दर्द से परेशान रहते हैं। अर्थराइटिस यानि कि गठिया बढ़ती उम्र में होने वाली आम बीमारियों में से एक है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारत में इस बीमारी के 1 करोड़ से भी अधिक मरीज हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इस बीमारी के शुरुआती चरणों में अपनी जीवन-शैली में बदलाव लाकर और दवाइयों के नियमित सेवन से मरीजों की स्थिति में सुधार लाया जा सकता है। वहीं, लापरवाही करने से जॉइंट रिप्लेसमेंट ही एकमात्र उपाय बचता है। ऐसे में अगर आपके परिवार में कोई गठिया रोगी है तो आप इन 4 तरीकों से कर सकते हैं उनकी मदद-

एक्सरसाइज के लिए करें प्रेरित: बढ़ती उम्र के साथ फिजिकल इनैक्टिविटी यानि कि शारीरिक असक्रियता ज्यादा हो जाती है। बड़े-बुजुर्गों को एक्सरसाइज करने में दिक्कत हो सकती है। ऐसे में आप उन्हें हल्के योगासन या फिर कुछ देर टहलने के लिए प्रेरित करें। हालांकि, एक्सरसाइज को ज्यादा कॉम्प्लिकेटेड न बनाएं, हफ्ते में 2 से 3 बार करना भी इन मरीजों के लिए पर्याप्त होगा। जॉन हॉप्किंस अर्थराइटिस सेंटर के अनुसार नियमित शारीरिक गतिविधि प्रभावित जोड़ों के आसपास की मांसपेशियों को मजबूत रख सकती है, हड्डियों के नुकसान को कम कर सकती है, और जोड़ों की सूजन और दर्द को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है।

इन उपायों से दर्द होगा कम: जब कोई भी व्यक्ति गठिया से पीड़ित होता है तो शरीर के कई हिस्सों में दर्द और सूजन उनके जीवन का एक नियमित हिस्सा बन जाता है। लेकिन इस दर्द को कैसे कम किया जाए, इस बात को जानना भी बेहद जरूरी है। गठिया के दर्द और सूजन को मैनेज करने के लिए कई नैचुरल तरीके हैं। इन मरीजों के लिए हॉट और कोल्ड अप्रोच भी कारगर साबित हो सकता हैं। हॉट शॉवर या फिर एलेक्ट्रिक कंबल अर्थराइटिस के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकता है। इनकी मदद से अकड़न और शारीरिक असुविधा को खत्म किया जा सकता है।

हीट थेरेपी से मिलेगा आराम: अर्थराइटिस फाउंडेशन हीट थेरेपी के विशेष लाभों के बारे में बताता है कि किसी सूजे हुए जोड़ों या फिर शरीर के जिस हिस्से में अकड़न हो वहां किसी गर्म चीज से सेकते हैं तो इससे ब्लड वेसल्स बड़ी हो जाती हैं। इससे प्रभावित टिश्यूज तक ब्लड, ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुंचने में आसानी होती है। बेहतर ब्लड सर्कुलेशन के कारण मांसपेशियों और जोड़ों में आई अकड़न को कम करने में मदद मिलती है।

वजन कंट्रोल के लिए प्रोत्साहित करें: घुटने में दर्द का एक कारण शरीर का अधिक वजनदार होना भी माना जाता है। जिन लोगों का वजन ज्यादा होता है, उनके जोड़ों पर भी प्रेशर बढ़ते जाता है। शोध के अनुसार ऐसा माना जाता है कि केवल 10 प्रतिशत वजन कम करने से अर्थराइटिस का दर्द 50 प्रतिशत तक कम हो सकता है। इसके अलावा, अर्थराइटिस के मरीजों के बैठने और सोने के पोस्चर का ध्यान रखना भी जरूरी है। लगातार एक ही पोजिशन में बैठे रहने से जोड़ों में ब्लड फ्लो ठीक से नहीं हो पाता है जिसके कारण घुटनों में दर्द और अकड़न आ जाती है।

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