फिल्ममेकर अनुराग कश्यप अपनी बेहतरीन फिल्मों के साथ-साथ अब अपने चौंकाने वाले ‘वेट लॉस ट्रांसफॉर्मेशन’ को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर उनकी नई तस्वीरें देखकर फैंस हैरान हैं कि आखिर उन्होंने यह कैसे किया। हालांकि इंटरनेट पर उनके वजन घटाने को लेकर कई तरह के अजीबोगरीब और अवास्तविक दावे भी किए जा रहे हैं। लेकिन क्या वाकई वजन घटाना कोई रातों-रात होने वाला चमत्कार है? अनुराग कश्यप ने हाल ही में खुलासा किया कि हार्ट अटैक और लगातार अस्थमा के दौरे पड़ने के बाद उन्होंने 27 किलो वजन कम किया। उन्होंने बताया कि इन स्वास्थ्य समस्याओं और स्टेरॉयड दवाओं के इस्तेमाल के कारण उनका वजन तेजी से बढ़ गया था और शरीर में कई बदलाव आने लगे थे।
अनुराग ने Pema Wellness Retreat को दिए इंटरव्यू में कहा मुझे हार्ट अटैक आया था और लगातार कई बार अस्थमा के अटैक भी आए। मैं स्टेरॉयड ले रहा था और पूरी तरह खुद को खो चुका था। मैंने कई तरीके अपनाए, यहां तक कि डी-एडिक्शन प्रोग्राम भी जॉइन किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। मुझे समझ ही नहीं आ रहा था कि आखिर मेरे साथ क्या हो रहा है।
उन्होंने आगे कहा मैं हमेशा फिट रहा हूं और नियमित रूप से एक्सरसाइज करता था, फिर भी अचानक मेरा वजन क्यों बढ़ गया? मेरे बाल क्यों झड़ने लगे और इतनी जल्दी सफेद कैसे हो गए? मुझे इसकी वजह समझ नहीं आ रही थी। आइए जानते हैं कि कैसे फिल्म निर्माता ने इतनी परेशानियां होने के बाद भी चंद दिनों में कैसे अपना वजन घटा लिया।
कैसे घटाया 27 किलो वजन?
अनुराग कश्यप के मुताबिक उनकी रिकवरी की शुरुआत एक Holistic लाइफस्टाइल अपनाने से हुई। उन्होंने अपनी वेट लॉस जर्नी में अपनी लिक्विड डाइट को जिम्मेदार माना है। अनुराग ने बताया कि उन्होंने 11 दिनों तक डॉक्टरों की निगरानी में सख्त लिक्विड डाइट ली, जिससे उन्हें पहली बार अपने शरीर में बड़ा बदलाव महसूस हुआ। फिल्म निर्माता तब से अब तक 27 किलो वजन कम कर चुके हैं। उन्होंने वजन कम करने के लिए प्राणायाम को भी क्रेडिट दिया। उन्हें योग शिक्षक ने प्राणायाम सिखाया, जिससे तनाव कम करना सीखा। उन्होंने बताया कि पहले उनका पूरा ध्यान सिर्फ काम, खाना और सोने तक सीमित था, लेकिन अब वो अपनी सेहत और मानसिक शांति के लिए भी समय निकालना सीख गए हैं।
क्या हार्ट अटैक के बाद होलिस्टिक लाइफस्टाइल फायदेमंद है?
मुंबई के वॉकहार्ट हॉस्पिटल के इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. पारिन सांगोई के अनुसार, हार्ट अटैक और गंभीर अस्थमा के बाद शरीर पर शारीरिक और मानसिक दोनों तरह का दबाव पड़ता है। अस्थमा में इस्तेमाल होने वाले स्टेरॉयड वजन बढ़ाने, भूख बढ़ाने, शरीर में पानी रुकने और मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करने का कारण बन सकते हैं। अनुराग ने बताया है कि उनकी बीमारी, नींद की कमी, तनाव, सूजन और कम शारीरिक गतिविधियों की वजह से उनका वजन बढ़ने लगा था और बाल झड़ने जैसी समस्याएं हो रही थी।
क्या वजन घटाने के लिए लिक्विड डाइट सही है?
डॉ. सांगोई का कहना है कि हार्ट अटैक के बाद तेजी से वजन घटाने की कोशिश हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं होती। डॉक्टर की निगरानी में कुछ लोगों के लिए लिक्विड डाइट फायदेमंद हो सकती है, लेकिन इसे सभी के लिए सही नहीं माना जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि अत्यधिक सख्त डाइट से शरीर में पोषक तत्वों की कमी, मांसपेशियों का नुकसान और कमजोरी हो सकती है। हेल्दी तरीके से वजन कम करने के लिए बैलेंस डाइट, नियमित एक्सरसाइज, पर्याप्त नींद, तनाव कंट्रोल और डॉक्टर की सलाह लेना सबसे जरूरी है। एक्सपर्ट के मुताबिक
किसी गंभीर बीमारी से उबरने का मतलब केवल इलाज पूरा होना नहीं है, बल्कि लंबे समय तक हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना भी जरूरी है। तनाव कम करना, अच्छी नींद लेना, संतुलित भोजन करना और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना रिकवरी का अहम हिस्सा है। छोटे लेकिन नियमित बदलाव लंबे समय में सबसे बेहतर परिणाम दे सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी प्रदान करना है। इसे चिकित्सीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प न समझें। यदि आपको हृदय रोग, अस्थमा, मोटापा या कोई अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, तो किसी भी डाइट, व्यायाम या लाइफस्टाइल में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से अवश्य सलाह लें।
