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माइग्रेन का दर्द दूर करने में मददगार है अनुलोम-विलोम, सप्ताह भर लगातार करने से ये होते हैं लाभ

Migraine Remedies: अनुलोम-विलोम करने से मूड शांत होता है, साथ ही गुस्से पर कंट्रोल करने और ध्यान केंद्रित करने में भी ये मददगार है

migraine, anulom vilom, what causes migraine, headacheसांस संबंधी प्राणायाम जिसमें अनुलोम-विलोम भी एक है, ये माइग्रेन के दर्द को कम करने में मददगार है

Anulom-Vilom Health Benefits: कई बीमारियों के प्रभाव को कम करने में योग का बहुत बड़ा हाथ होता है। तनाव कम करने से लेकर वजन पर संतुलन बनाने में योग का कोई जोड़ नहीं है। माइग्रेन के दर्द को कम करने में भी योग सक्रिय भूमिका निभाता है। इस बीमारी से पीड़ित लोगों को सिर दर्द, चक्कर आना, बेचैनी, वर्टिगो, रोशनी और आवाज से सेंसिटिविटी हो सकती है। आंकड़ों के अनुसार दुनिया भर में माइग्रेन के मरीज लाखों की तादाद में हैं।

सिर दर्द दूर करने में अनुलोम-विलोम: सांस संबंधी प्राणायाम जिसमें अनुलोम-विलोम भी एक है, ये माइग्रेन के दर्द को कम करने में मददगार है। साथ ही, इसे करने के कोई साइड इफेक्ट नहीं है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि हर रोज 15 मिनट अनुलोम-विलोम करने से माइग्रेन के दर्द को कम या दूर किया जा सकता है। साथ ही, इससे तनाव और चिंता कम होती है जिससे सिर दर्द कम करने में मदद मिलती है। लोग चाहें तो इस प्राणायाम को करते वक्त बीच में ओमकार व गायत्री मंत्र का ध्यान करना भी फायदेमंद होगा।

मूड होता है बेहतर: अनुलोम-विलोम करने से मूड शांत होता है, साथ ही गुस्से पर कंट्रोल करने और ध्यान केंद्रित करने में भी ये मददगार है। अगर लोग इस योगासन को नियम से करेंगे तो लोग रिलैक्स महसूस करते हैं। मानसिक स्टेबिलिटी को बरकरार रखने में भी ये प्राणायाम कारगर है। एंग्जायटी को दूर रखने के साथ ही ये अवसाद से पीड़ित होने के खतरे को भी कम करता है।

नींद अच्छी आती है: नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ की एक रिपोर्ट की मानें तो दुनिया भर में डिसेबलिटी के प्रमुख कारणों में माइग्रेन 7वें स्थान पर है। अत्यधिक तनाव, नींद में कमी या फिर चिंता के कारण भी माइग्रेन की समस्या होती है। ऐसे में अनुलोम-विलोम का पालन करना अच्छी नींद लाने में मददगार साबित होता है। इसे करने से पारासिम्पथेटिक नर्वस सिस्टम एक्टिवेट होता है जो शरीर को रिलैक्स करता है और नींद अच्छी आती है।

स्किन के लिए है फायदेमंद: इस एक्सरसाइज करने से खून को शुद्ध करने में मदद मिलती है, साथ ही ऑक्सीजन का सप्लाई भी ठीक से होता है। इससे त्वचा बेहतर तरीके से सांस ले पाता है, इससे चेहरे पर निखार आता है और पिंपल्स की परेशानी दूर होती है।

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