गोंद कतीरा एक ऐसा नेचुरल प्रोडक्ट है जो दवाई के साथ-साथ आयुर्वेदिक उपाय के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है। इस हर्ब की तासीर ठंडी होती है जो बॉडी की अंदर की गर्मी को कंट्रोल करती है और पाचन को दुरुस्त करती है। गर्मी के मौसम में गोंद कतीरा शरीर को ठंडक देने, हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन से बचाने में खासतौर पर फायदेमंद माना जाता है। वहीं, सीमित मात्रा में लिया जाए तो सर्दियों में भी इसका सेवन असरदार साबित हो सकता है, क्योंकि ये पाचन को बेहतर बनाता है और शरीर के अंदर संतुलन बनाए रखता है।

गोंद कतीरा को नाक से खून आने (नकसीर फूटना) की समस्या में भी लाभकारी माना जाता है। इसकी कूलिंग प्रॉपर्टी शरीर की अतिरिक्त गर्मी को कम करती है, जिससे बार-बार होने वाली नकसीर की समस्या में राहत मिल सकती है। नोजब्लीडिंग खासतैर पर शरीर में बढ़ी हुई पित्त और नाक की नाजुक रक्त वाहिकाओं (blood vessels) के फटने के कारण होती है। आयुर्वेद और आधुनिक प्राकृतिक चिकित्सा में गोंद कतीरा को इसका रामबाण इलाज माना गया है।

एम्स के पूर्व कंसल्टेंट और साओल हार्ट सेंटर के फाउंडर एंड डायरेक्टर और प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट  डॉक्टर बिमल छाजर के मुताबिक गोंद कतीरा एक ऐसा नेचुरल प्रोडक्ट है जो दवाई के साथ-साथ आयुर्वेदिक उपाय के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है। कुछ लोगों को नाक से ब्लीडिंग की समस्या होती है ऐसे में गोंद कतीरा शरीर की गर्मी को कम करके इस परेशानी से बचाव करता है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि गोंद कतीरा का सेवन कैसे सेहत के लिए असरदार साबित होता है। 

खराब पाचन का करता है इलाज

गोंद कतीरा पाचन तंत्र के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसका सेवन करने से कब्ज की समस्या का इलाज होता है। ये बाउल मूवमेंट को बेहतर बनाता है। इसका सेवन करने से आंतों की मूवमेंट स्मूथ रहती है और डाइजेशन में सुधार होता है। British Journal of Nutrition में प्रकाशित शोध के अनुसार गोंद एक हाई क्वालिटी वाला प्रीबायोटिक है जो पेट में जाकर पचता नहीं बल्कि आंतों में मौजूद गुड बैक्टीरिया का भोजन बनता है। जब गुड बैक्टीरिया बढ़ते हैं, तो पाचन अपने आप सुधर जाता है और ब्लोटिंग कम होती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि गोंद में मौजूद पॉलीसैकेराइड आंतों की अंदरूनी दीवार को मजबूती देते हैं।

स्किन के लिए भी दवा का काम करता है गोंद

गोंद कतीरा में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो स्किन की सूजन को कम करने में मदद करता हैं। इसका सेवन करने से स्किन मॉइस्चराइजर रहती है और स्किन की इलास्टिसिटी बढ़ती है। ये मुंह के मुहांसों का भी इलाज करता है। इसका सेवन करने से स्किन में नेचुरल ग्लो आता है। एंटी एजिंग गुणों से भरपूर गोंद रूखी और बेजान स्किन में नेचुरल चमक देता है और स्किन को अंदर से हाइड्रेटेड रखता है।

वजन घटाने में है मददगार

गोंद कतीरा में फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है जो भूख और फूड क्रेविंग को कम करती है। वजन घटाने के सफर में गोंद कतीरा एक साइलेंट हीरो की तरह काम करता है। आधुनिक न्यूट्रिशन साइंस और क्लिनिकल रिसर्च इसे वजन कम करने के लिए एक प्रभावी मेटाबोलिक बूस्टर मानते हैं। रिसर्च के अनुसार ये मस्तिष्क को फुलनेस का सिग्नल भेजता है, जिससे आप ओवरईटिंग से बच जाते हैं और कैलोरी की मात्रा अपने आप कम हो जाती है।

ब्लड शुगर कंट्रोल करने में करता है मदद

Journal of Clinical Biochemistry and Nutrition में प्रकाशित एक शोध के अनुसार जब कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन के साथ सॉल्यूबल फाइबर लिया जाता है तो ये भोजन के ग्लाइसेमिक इंडेक्स को कम कर देता है। यह पेट में एक जेल जैसी परत बना देता है, जिससे ग्लूकोज खून में धीरे-धीरे रिलीज होता है। इससे खाना खाने के बाद अचानक शुगर बढ़ने की समस्या नहीं होती।

हड्डियों और जोड़ों के लिए फायदेमंद

गोंद कतीरा में कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स पाए जाते हैं। ये जोड़ों की सूजन कम करता है और दर्द से राहत देता है। गोंद का सेवन करने से अर्थराइटिस पेन से राहत मिलती है। ये हड्डियों को मजबूत करता है। ये हड्डियों को अंदर से खोखला होने से रोकता है और ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) जैसी बीमारियों के खतरे को कम करता है।

गोंद कतीरा लेने का सही तरीका

1–2 चम्मच गोंद कतीरा रातभर पानी में भिगो दें, सुबह ये जेली जैसा हो जाएगा। इसे दूध, नींबू पानी, स्मूदी, छाछ या हर्बल टी में मिलाकर इसका सेवन करें आपको फायदा होगा। इसमें शहद या गुड़ भी मिलाया जा सकता है। मिठाइयों में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

सावधानियां भी ज़रूरी

अधिक मात्रा में लेने से गैस या लूज़ मोशन हो सकते हैं इसलिए इसका सीमित सेवन ही जरूरी है। जिन लोगों को एलर्जी की समस्या हो, वे इसका सेवन न करें। किसी भी गंभीर बीमारी में डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें

डिस्क्लेमर

यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

रात में सोते-सोते पेशाब के लिए भागते हैं और यूरिन हो जाता है लीक, ये 2 चीजें बिना दवा रोकेंगी मूत्र रिसाव, डॉक्टर ने बताया नुस्खा। पूरी जानकारी के लिए लिंक पर क्लिक करें।