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खाने-पीने में शामिल करें ये 5 चीजें, कम होगा स्मॉग का जहरीला असर

हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे में विटामिन सी और ई से भरपूर फूड्स का सेवन करना चाहिए। यह शरीर में प्रदूषण के दुष्प्रभावों को कम करने में मदद करता है।

प्रतीकात्मक चित्र

दिल्ली-एनसीआर इलाके में भारी प्रदूषण की वजह से लोगों का जीना मुहाल है। हवा में घुली जहरीली गैसों की वजह से लोगों के मन में यह डर बना हुआ है कि कहीं वो किसी गंभीर बीमारी के शिकार न हो जाएं। ऐसे माहौल में कुछ हेल्थ एक्सपर्ट्स ने हेल्दी डाइट्स लेने की सलाह दी है। दवा में मौजूद हानिकारक पार्टिकुलेट्स की वजह से सांस संबंधी अनेक रोगों जैसे – ब्रोंकाइटिस, एम्फीजिमा, दिल के रोग, फेफड़ों का कैंसर और अस्थमा का खतरा बना हुआ है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे में विटामिन सी और ई से भरपूर फूड्स का सेवन करना चाहिए। यह शरीर में प्रदूषण के दुष्प्रभावों को कम करने में मदद करता है। इसलिए अगर आप भी इस भयंकर स्मॉग के दुष्प्रभाव से बचना चाहते हैं तो इन फूड्स को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें।

ब्रोकली – वायु प्रदूषण से शरीर को बचाने के लिए ब्रोकली का सेवन सबसे ज्यादा उपयुक्त होता है। ब्रोकली शरीर से सभी प्रदूषित तत्वों का सफाया करने के लिए जाना जाता है। तमाम शोधों में भी यह बात सामने आई है कि ब्रोकली में कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो वायु प्रदूषण के प्रभावों को खत्म कर देते हैं।

टमाटर – वायु प्रदूषण के प्रभावों से बचने के लिए खूब टमाटर का सेवन किया जाना चाहिए। टमाटर में लाइकोपीन नाम का तत्व पाया जाता है जो एक तरह का एंटी-ऑक्सीडेंट होता है। यह सांस संबंधी रोगों से हमारी सुरक्षा करता है।

साइट्रस फल – प्रदूषणजनित रोगों से बचने का सबसे बेहतर उपाय है विटामिन सी का सेवन। इसलिए स्मॉग भरे मौसम में संतरे, अमरूद, कीवी, ग्रेपफ्रूट, नींबू आदि का खूब सेवन करें। यह स्मॉग के खतरनाक प्रभावों से हमारी रक्षा करता है। इसके अलावा फेफड़ों की सेहत को भी दुरुस्त रखता है।

ऑलिव ऑयल – ऑलिव ऑयल में अल्फा-टेकोफेरॉल पाया जाता है जो एक तरह का विटामिन ई होता है। यह फेफड़ों की फंक्शनिंग को सही रखता है।

ग्रीन टी – ग्रीन टी में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स शरीर से विषैले तत्वों को बाहर करने में मददगार होते हैं। यह धरती पर सबसे स्वास्थ्यवर्द्धक फूड्स में गिने जाते हैं।

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