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मेनोपॉज के बाद महिलाओं में बढ़ जाता है दिल की बीमारियों का खतरा, इन बातों का रखें खास ख्याल

Menopause after affects: मेनोपॉज के दौरान उनके शरीर में कई हार्मोनल बदलाव आते हैं, जिसके कारण बीमारियों से घिरने का खतरा अधिक होता है

menopause in women, menopause after affects, heart problems in women, tips for heart patientsमेनोपॉज के बाद महिलाएं कई तरह के हार्मोनल बदलाव से गुजरती हैं, ऐसे में जरूरी है कि वो एक स्वस्थ जीवनशैली को अपने जिंदगी का हिस्सा बनाएं

Risk of Heart Problems in Women: आज के समय में एक्टिव लाइफस्टाइल का होना बहुत जरूरी है। बैलेंस्ड डाइट के साथ ही शरीर और दिमाग का फिट रहना भी महत्वपूर्ण है। इसलिए बॉडी को मूव करते रहना बेहद आवश्यक है। कई बार देखा गया है कि मेनोपॉज के बाद महिलाएं कई बीमारियों के चपेट में आ जाती हैं। मेनोपॉज के बाद होने वाले हार्मोनल बदलाव के साथ ही महिलाओं की जीवनशैली भी इस बात को निर्धारित करती है कि वो कितनी सेहतमंद रहेंगी।बढ़ती उम्र के साथ हृदय रोग होने का खतरा भी बढ़ता है। महिलाओं में मेनोपॉज और दिल से जुड़ी बीमारियों के बीच कनेक्शन है। मेनोपॉज यानि कि माहवारी  के बंद होने के बाद महिलाओं  में हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ जाता है। आइए जानते हैं कि इस खतरे को कम करने के लिए किन बातों का ध्यान रखना है जरूरी-

मेनोपॉज और हार्ट डिजीज: आमतौर पर महिलाओं में 49 से 52 साल की उम्र में मेनोपॉज होता है। इसके दौरान उनके शरीर में कई हार्मोनल बदलाव आते हैं, जिसके कारण बीमारियों से घिरने का खतरा अधिक होता है। माहवारी बंद होने के बाद उनके शरीर में  एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरॉन हॉर्मोन बनना बंद हो जाता है। एस्ट्रोजेन हॉर्मोन की कमी से महिलाओं के ब्लड में अधिक फैट जमने लगता है जिसके कारण दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ता है। वहीं, जब तक शरीर में ये हार्मोन बनता रहता है तब तक महिलाएं हृदय रोगों से बची रहती हैं।

शारीरिक असक्रियता भी एक कारण: एक शोध की मानें तो महिलाएं जितना अधिक समय बैठे रहेंगी, उतना ही ज्यादा उनमें दिल की बीमारी का खतरा भी बढ़ेगा। महिलाओं में बैठने के समय को घटाने से शरीर में ग्लूकोज कंट्रोल और ब्लड फ्लो बेहतर होता है। इसके मुताबिक, कुकिंग और शॉपिंग जैसे हल्के काम करने से भी दिल की बीमारी और स्ट्रोक होने का खतरा कम होता है। मोटापा से ग्रसित महिलाओं को तो लगातार बैठे रहने से और भी ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। मेनोपॉज के बाद महिलाओं के फिट और एक्टिव रहने से हृदय रोग होने का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।

इन बातों का रखें ख्याल: मेनोपॉज के बाद महिलाएं कई तरह के हार्मोनल बदलाव से गुजरती हैं, ऐसे में जरूरी है कि वो एक स्वस्थ जीवनशैली को अपने जिंदगी का हिस्सा बनाएं। महिलाएं कई तरीकों से खुद को सेहतमंद रख सकती हैं। दिल को स्वस्थ रखने के लिए लाइट एक्सरसाइज भी काफी कारगर साबित हो सकता है। टहलने, जॉगिंग या साइक्लिंग करने से महिलाएं फिट रहेंगी जिससे उनमें हृदय रोग होने का खतरा भी कम होगा। मोटापा करें कम, ये कई बीमारियों को बुलावा देता है। इसके अलावा धूम्रपान करना भी दिल के लिए घातक हो सकता है।

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