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आचार्य बालकृष्ण के नुस्खेः ततैया का विष हो या कैंसर की घातक बीमारी, सदाबहार है रामबाण उपचार

सदाबहार रक्त शुद्ध करने, ततैया आदि के काटने पर उसके विष का प्रभाव कम करने, मोटापे तथा कैंसर जैसे घातक रोगों के उपचार में भी बहुत लाभकारी है।

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सदाबहार एक सुलभ लेकिन दिव्य औषधीय गुणों से युक्त पौधा है जो हमें कहीं भी आसानी से उपलब्ध हो जाता है। इसमें 12 महीने फूल आते हैं इसलिए ही इसे सदाबहार कहा गया है। इसके एक नहीं अनेक औषधीय गुणों के कारण इसे संजीवनी भी कहा जाता है। मधुमेह में सदाबहार रामबाण औषधि की तरह काम करता है। इसके अलाव रक्त शुद्ध करने, ततैया आदि के काटने पर उसके विष का प्रभाव कम करने, मोटापे तथा कैंसर जैसे घातक रोगों के उपचार में भी यह बहुत लाभकारी है। तो चलिए इसके औषधीय गुणों के बारे में आपको विस्तार से बताते हैं।

डायबिटीज में – डायबिटीज से राहत दिलाने में सदाबहार एक रामबाण औषधि की तरह है। इसके लिए एक करेला, एक खीरा, एक टमाटर लें और उसे गर्म पानी से धोकर उसका जूस निकाल लें। इस जूस में सदाबहार के 5-7 फूल और नीम की 4-5 पत्तियां पीसकर डाल दें। अब इस मिश्रण का सेवन करें। इससे पेशाब खुलकर होता है तथा किडनी की परेशानियां दूर हो जाती हैं। साथ ही साथ शरीर के समस्त विषाक्त तत्व भी बाहर निकल जाते हैं।

ततैया के काटने पर – ततैया आदि के काटने पर सदाबहार से उसका उपचार करना काफी फायदेमंद होता है। इसके लिए सदाबहार का पत्तियों का रस निकालकर उस जगह पर लगाएं जहां ततैया ने काटा हो। इससे सूजन और दर्द दोनों की संभावना खत्म हो जाती है तथा बहुत जल्दी ही आराम मिल जाता है।

फोड़ा-फुंसी के उपचार में – ऐसे लोग जिन्हें त्वचा संबंधी कोई समस्या है, बार-बार शरीर में फोड़ा-फुंसी की शिकायत होती है ऐसे लोगों के लिए सदाबहार बेहतरीन उपचार है। इसके लिए सदाबहार के 2-3 पत्ते चबाकर या फिर सुखाकर खाएं। इससे रक्त शुद्ध होता है तथा त्वचा से संबंधित हर तरह की समस्या की आशंका खत्म हो जाती है।

मोटापे में – मोटापे से परेशान होकर हर तरह के उपाय आजमाकर थक चुके हैं तो एक बार सदाबहार का इस्तेमाल करके देख लीजिए। सदाबहार की 2-3 पत्तियां तथा उसकी थोड़ी सी जड़ लेकर पानी में उबाल लीजिए और हर सुबह खाली पेट इसे पीजिए। इसका सेवन करने से मोटापा तो दूर होता ही है, साथ ही साथ डायबिटीज में भी यह नुस्खा बेहद लाभकारी है।

कैंसर के उपचार में – सदाबहार में कैंसररोधी तत्व भी पाए जाते हैं। कैंसर के रोगियों को सदाबहार की पत्तियों की चटना बनाकर सेवन करने को नियमित रूप से दिया जाए तो इससे काफी लाभ मिलता है। अगर रोगी कुछ खा पी पाने की अवस्था में नहीं है तो उसे सुबह शौच के बाद खाली पेट सदाबहार का जूस दें।


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