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आचार्य बालकृष्ण के नुस्खेः आंखों, दांतों और हर तरह के यौन रोगों का रामबाण उपचार है बबूल, जानें इस्तेमाल की विधि

बबूल आयुर्वेद की एक महत्वपूर्ण औषधि है जो दांतों, आंखों और तमाम यौन रोगों के उपचार में काम आती है।

आंखों की परेशानी के लिए बबूल का प्रयोग बेहद फायदेमंद होता है

बबूल ज्यादातर सूखे क्षेत्रों में पाया जाता है। इसे कीकर नाम से भी जाना जाता है। कीकर के पेड़ की सबसे बड़ी खासियत है कि इसके फूल बाद में फल नहीं बनते। गर्मी में इस पर फूल लगते हैं जो बरसात के मौसम में पूरी तरह से झड़ जाते हैं। बाद में सर्दियों में इस पर फलियां आती हैं। बबूल आयुर्वेद की एक महत्वपूर्ण औषधि है जो दांतों, आंखों और तमाम यौन रोगों के उपचार में काम आती है। तो चलिए, हम जानते हैं कि बबूल के औषधीय गुणों के बारे में आचार्य बालकृष्ण क्या बताते हैं।

बबूल के दातुन – दांत संबंधी बीमारियों के लिए बबूल का दातुन चमत्कारिक रूप से फायदेमंद है। ग्रामीण इलाकों में आज भी बहुत से लोग सुबह ब्रश करने की बजाय बबूल के दातुन दातों को साफ करने के लिए इस्तेमाल करते हैं। इस दातुन से दातों की बीमारियां तो दूर होती ही हैं साथ ही साथ मसूढ़ों से खून आना, मसूढ़ों में सूजन आदि समस्याएं भी ठीक हो जाती हैं। बबूल का दातुन रोज करने से दांतों में किसी तरह का संक्रमण नहीं होता। इसके अलावा मुंह में छाले भी नहीं पड़ते।

दांतों के लिए मंजन – बबूल के दातुन के अलावा आप इसका मंजन बनाकर दांतों की सफाई के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे भी दांत संबंधी तमाम परेशानियां दूर हो जाती हैं। इसके लिए बबूल की छाल को कूटकर उसमें थोड़ी फिटकरी, थोड़ी लौंग, कालीमिर्च तथा त्रिफला आदि का चूर्ण मिलाकर मंजन बना लें। इस मंजन से नियमित अपने दांतों की सफाई करें।

मुंह के छालों को दूर करने में – मुंह में छाले पड़ जाने पर बबूल की पत्तियों को मुंह में लेकर अच्छी तरह से चबाएं। चबाने के बाद इसे मुंह में ही घुमाते रहें। इससे छाले तो ठीक होंगे ही साथ ही मसूढ़े भी मजबूत होते हैं।

बार-बार स्वप्नदोष होने पर – प्रमेह और बार-बार स्वप्नदोष होने की समस्या में बबूल चमत्कारिक रूप से फायदेमंद होता है। इसके लिए सुबह-सुबह बबूल की 5-7 पत्तियां तोड़कर चबाएं और उसे निगल लें। निगलने के बाद एक गिलास पानी पी लें। ऐसा नियमित रूप से करने के बाद आप बार-बार स्वप्नदोष की समस्या से निजा पा सकेंगे।

शारीरिक कमजोरी में – शारीरिक कमजोरी होने पर कीकर यानी कि बबूल की मुलायम कली को सुखाकर उसका पाउडर बना लें और सुबह शाम इसका सेवन करें। इससे हर तरह की कमजोरी, शारीरिक शिथिलता, यौन रोग, शीघ्रपतन आदि में लाभ होता है।

आंखों की परेशानी में – आंखों की परेशानी के लिए बबूल का प्रयोग बेहद फायदेमंद होता है। इसके लिए बबूल की पत्तियों को पीसकर उसकी लुग्दी बना लें और उसे रूई पर रख आंखों से बांध लें। इससे आंखों में संक्रमण, लाली आदि तकलीफों से आराम मिलता है।


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