कुछ लोगों के मुंह से लगातार बदबू आती है और कई बार इसकी गंध इतनी तेज होती है कि सामने वाले व्यक्ति को भी असहजता महसूस हो सकती है। मुंह से आने वाली दुर्गंध को मेडिकल भाषा में Halitosis कहा जाता है। यह समस्या सिर्फ शर्मिंदगी या सोशल लाइफ को प्रभावित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे दांतों और मसूड़ों की समस्या से लेकर साइनस, मुंह का सूखापन या एसिड रिफ्लक्स जैसे कई कारण हो सकते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि मुंह से बदबू आखिर क्यों आती है? क्या इसकी वजह खराब डेंटल हाइजीन है या किसी दूसरी स्वास्थ्य समस्या का संकेत? 

सर गंगाराम अस्पताल, नई दिल्ली के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. (प्रो.) अनिल अरोड़ा ने जनसत्ता को बताया कि सांसों की दुर्गंध केवल मुंह की सफाई तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसका सीधा संबंध आपके पाचन तंत्र और पेट की सेहत से भी होता है। जब पेट में एसिडिटी, गैस या अपच जैसी समस्याएं होती हैं, तो यह सीधे आपकी सांसों की ताज़गी को प्रभावित कर सकती हैं। गैस्ट्रोलॉजिस्ट के अनुसार, पेट और पाचन से जुड़े 5 प्रमुख कारण है जिन्हें समझना और उनसे बचाव करना जरूरी है।

मुंह की दुर्गंध के लिए ओरल हाइजीन का असर

मुंह से बदबू आने को Halitosis कहा जाता है जिसके आम कारणों में मसूड़ों की बीमारी, दांतों में कैविटी, जीभ पर बैक्टीरिया, मुंह का सूखापन, साइनस की समस्या जिम्मेदार हो सकती है। अगर बदबू लगातार बनी रहती है और ब्रश या ओरल हाइजीन के बावजूद ठीक नहीं होती, तो सबसे पहले डेंटिस्ट से जांच कराना बेहतर होता है।

मसूड़ों का इंफेक्शन और दांतों की कैविटी है ज्यादा जिम्मेदार

मुंह में जमा होने वाले बैक्टीरिया से भरा ‘प्लाग’ (Plaque) कैविटी और मसूड़ों के इन्फेक्शन दोनों की मुख्य वजह है। Journal of Oral Microbiology और PubMed Central में प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक जब Streptococcus mutans बैक्टीरिया दांतों के इनेमल (Enamel) को सड़ाकर कैविटी बनाता है, तो वही प्लाक और मसूड़ों की जेबों (Periodontal Pockets) में जमा होकर Porphyromonas gingivalis जैसे हानिकारक बैक्टीरिया को पनपने का मौका देता है, जिससे मसूड़ों में गंभीर इंफेक्शन (Periodontitis) होता है। डॉक्टर के मुताबिक मसूड़ों में इंफेक्शन यानी पायरिया और दांतों में कैविटी लगातार मुंह से बदबू आने की वजह बन सकती है। इंफेक्शन वाली जगह पर बैक्टीरिया मौजूद रहते हैं और सांसों की दुर्गंध का कारण बनते हैं।

एसिड रिफ्लक्स से भी आ सकती है बदबू

पेट और फूड पाइप के बीच एक वाल्व होता है, जो खाने को वापस ऊपर आने से रोकता है। अगर यह ठीक तरह से काम न करे और पेट का एसिड बार-बार फूड पाइप की तरफ आने लगे, तो यह गले और मुंह तक पहुंच सकता है। इससे मुंह में खट्टा पानी आना, खट्टी डकार और सांसों में बदबू जैसी समस्या हो सकती है।

गैस, एसिडिटी और अपच का है मुंह की बदबू से संबंध

अगर किसी व्यक्ति को बार-बार एसिडिटी, अपच या रिफ्लक्स की समस्या रहती है, तो मुंह की दुर्गंध की शिकायत भी हो सकती है। खासकर ज्यादा मीठा, ऑयली या भारी खाना खाने से कुछ लोगों में पेट खाली होने की प्रक्रिया धीमी हो सकती है, जिससे रिफ्लक्स की समस्या बढ़ सकती है।

मुंह में बैक्टीरिया की अधिकता

मुंह में सामान्य रूप से कई तरह के बैक्टीरिया मौजूद होते हैं। लेकिन अगर ओरल कैविटी में कुछ बैक्टीरिया की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ जाए, तो वे दुर्गंध पैदा करने वाले यौगिक बना सकते हैं। इसलिए सिर्फ सुबह ब्रश करना ही पर्याप्त नहीं माना जाता, बल्कि खाने के बाद मुंह की सफाई का भी ध्यान रखना जरूरी है।

साइनस और नाक के संक्रमण से बदबू

नाक या साइनस में इंफेक्शन होने पर भी सांसों की दुर्गंध हो सकती है। नाक बंद रहने, गले में बलगम आने या साइनस में संक्रमण की स्थिति में समस्या ज्यादा महसूस हो सकती है। ऐसे मामलों में ENT डॉक्टर से जांच कराना जरूरी हो सकता है।

डायबिटीज और मुंह की बदबू

डायबिटीज वाले कुछ लोगों में भी सांसों की गंध में बदलाव हो सकता है, लेकिन हर तरह की मुंह की बदबू को डायबिटीज से जोड़ना सही नहीं है। लगातार या असामान्य गंध के पीछे कई अन्य कारण हो सकते हैं, इसलिए सही कारण की जांच जरूरी है।

मुंह की बदबू का पता लगाने के लिए कई टेस्ट हैं जरूरी

मुंह से बदबू आने का कारण पता करने के लिए कोई एक टेस्ट पर्याप्त नहीं होता। सबसे पहले डेंटिस्ट से दांतों में कैविटी और मसूड़ों के इंफेक्शन की जांच करानी चाहिए। अगर ओरल समस्या नहीं मिलती, तो ENT डॉक्टर से नाक और साइनस की जांच कराई जा सकती है। वहीं, रिफ्लक्स के लक्षण होने पर गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से सलाह ली जा सकती है।

कौन से लक्षण रिफ्लक्स की ओर इशारा करते हैं?

अगर बदबू के साथ मुंह में खट्टा पानी आना, खट्टी डकार, एसिडिटी, हार्टबर्न या छाती के पीछे जलन महसूस होती है, तो यह एसिड रिफ्लक्स से जुड़ा हो सकता है। लेटने पर समस्या बढ़ना भी रिफ्लक्स की ओर संकेत कर सकता है।

मुंह की बदबू से कैसे पाएं छुटकारा

खाने के बाद करें मुंह की सफाई

डॉक्टर अनिल अरोड़ा ने बताया अगर आप मुंह की बदबू से छुटकारा पाना चाहते हैं तो अपनी कुछ आदतों में बदलाव करें। सिर्फ सुबह ब्रश करके पूरे दिन ओरल हाइजीन की चिंता खत्म नहीं हो जाती। कुछ भी खाने के बाद, खासकर मीठा या स्नैक खाने के बाद, मुंह को पानी से अच्छी तरह रिंज करना मददगार हो सकता है। इससे मुंह में खाने के अवशेष जमा होने और बैक्टीरिया की गतिविधि को कम करने में मदद मिलती है।

डाइट में करें ये बदलाव

अगर बदबू रिफ्लक्स से जुड़ी है, तो एक बार में बहुत ज्यादा खाने के बजाय थोड़ा-थोड़ा और बार-बार खाना खाएं, खाने और सोने के बीच करीब 3 घंटे का अंतर रखना और बहुत ज्यादा ऑयली व मसालेदार भोजन से बचना मददगार हो सकता है। ज्यादा मीठा खाने को भी सीमित करना बेहतर है।

क्या मुंह की बदबू गंभीर बीमारी का संकेत है?

हर बार मुंह से बदबू आना किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता। कई मामलों में इसका कारण ओरल हाइजीन, दांतों या मसूड़ों की समस्या होता है। हालांकि, अगर बदबू लगातार बनी रहती है और अच्छी ओरल हाइजीन के बावजूद ठीक नहीं होती तो इसके पीछे के कारण का पता लगाने के लिए डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

मुंह की बदबू का मानसिक और सामाजिक असर

लगातार मुंह से बदबू आने पर व्यक्ति को सामाजिक परिस्थितियों में शर्मिंदगी या असहजता महसूस हो सकती है। कुछ लोगों में इसका असर आत्मविश्वास और सामाजिक मेलजोल पर भी पड़ सकता है। इसलिए समस्या को नजरअंदाज करने के बजाय इसके कारण का पता लगाना जरूरी है।

मुंह की दुर्गंध से बचाव के कुछ आसान उपाय

  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि टॉक्सिन्स बाहर निकल सकें।
  • खाना खाने के तुरंत बाद लेटने से बचें और खान-पान में फाइबर शामिल करें।
  • अधिक तला-भुना और मसालेदार भोजन कम करें।  
  • समस्या बनी रहने पर गैस्ट्रोलॉजिस्ट से परामर्श लें।  

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। लगातार मुंह से बदबू आने पर सही कारण और इलाज के लिए डॉक्टर से सलाह लें।