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पुरुषों में जीवन भर नहीं बंद होता है स्पर्म बनना, यहां पढ़ें स्पर्म से जुड़े और तथ्य

महिलाओं में एक उम्र के बाद अंडोत्सर्ग की प्रक्रिया बंद हो जाती है लेकिन पुरुषों में स्पर्म निर्माण की प्रक्रिया जीवनभर चलती रहती है।

फोटो सोर्स- यूट्यूब

स्पर्म प्रजनन के लिए बेहद आवश्यक कंपोनेंट होते हैं। लोगों में इन्हें लेकर कई तरह की भ्रामक धारणाएं भी होती हैं। हमारे समाज में आज भी सेक्शुअल हेल्थ से जुड़े विषयों पर चर्चाएं खुलकर नहीं होतीं। ऐसे में इनसे जुड़े भ्रम लोगों के मन में चिंता और भय बनकर समाए रहते हैं। आज हम स्पर्म से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में बताने वाले हैं जिनकी जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है।

1. दस हफ्तों में बनता है स्पर्म – स्खलन के बाद स्पर्म के निर्माण में तकरीबन 10 हफ्तों का वक्त लगता है। सबसे पहले स्पर्म का निर्माण अंडकोष में होता है जिसके बाद वह परिपक्व होने के लिए एपिडिडिमिस में चला जाता है। वहां से वह नलिकाओं द्वारा वीर्य पुटिका में पहुंचता है और वीर्य के साथ मिल जाता है। बाद में प्रोस्टेट से अन्य द्रव्य भी इसमें मिलते हैं और तब स्पर्म स्खलित होने के लिए तैयार होता है।

2. स्पर्म का निर्माण नहीं होता बंद – पुरुषों में स्पर्म का बनना कभी बंद नहीं होता है। महिलाओं में एक उम्र के बाद अंडोत्सर्ग की प्रक्रिया बंद हो जाती है लेकिन पुरुषों में स्पर्म निर्माण की प्रक्रिया जीवनभर चलती रहती है। उम्र बढ़ने के साथ साथ पुरुषों में स्पर्म काउंट कम होने लगते हैं।

3. महीने में चार बार स्खलन जरूरी – एक अध्ययन में कहा गया है कि पुरुषों को अपने स्पर्म की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जरूरी है कि वह महीने में कम से कम चार बार स्खलित हों। बहुत कम मात्रा में इजैकुलेशन आपके स्पर्म काउंट में कमी ला सकता है। लगातार स्खलित होते रहने ले वीर्य की मात्रा में कमी तो आती है लेकिन स्पर्म की क्वालिटी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

4. 15-100 मिलियन प्रति मिली हो स्पर्म – विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक सामान्य तौर पर स्पर्म काउंट 15-100 मिलियन प्रति मिली होना चाहिए। पिता बनने के लिए सामान्य स्पर्म काउंट आवश्यक है।

5. शुक्राणु बढ़ाने वाले आहार – शुक्राणु में वृद्धि के लिए पुरुषों को पोषक तत्वों से युक्त आहार लेना बेहद जरूरी है। इसके लिए गाजर का रस, बादाम, लहसुन, प्याज आदि का सेवन करना चाहिए। ये फूड्स शुक्राणुओं में वृद्धि करने में मददगार होते हैं।


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