खराब गट हेल्थ यानी आंतों की सेहत न सिर्फ शरीर को प्रभावित करती है, बल्कि मूड और एनर्जी लेवल को भी बिगाड़ देती है। गट हेल्थ बिगड़ने पर पेट फूलने, गैस, अपच और कब्ज जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। डायटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी के मुताबिक, अनहेल्दी लाइफस्टाइल और खराब खानपान के चलते पाचन से जुड़ी समस्याएं होना बहुत ही आम होती हैं, लेकिन सही डाइट और कुछ घरेलू नुस्खों से काफी हद तक इस परेशानी पर काबू किया जा सकता है। एक्सपर्ट के मुताबिक संतुलित और पौष्टिक डाइट पाचन स्वास्थ्य की नींव है। एक्सपर्ट ने बताया कुछ सीड्स का सेवन करने से आंतों की सेहत सुधार सकती है और पाचन दुरुस्त हो सकता है। आइए जानते हैं कि कौन-कौन से सीड्स खाने से गट हेल्थ में होता है सुधार।

सौंफ के बीज

Journal of Food Science and Technology की एक रिसर्च के मुताबिक सौंफ में मौजूद ‘एनेथोल’ इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS) के लक्षणों को कम करने में प्रभावी पाया गया है। पाचन के लिए सौंफ के बीज फायदेमंद होते हैं। खाने के बाद सौंफ चबाने की परंपरा केवल स्वाद के लिए नहीं है, बल्कि सेहत के कारण भी हैं। सौंफ के बीज में एनेथोल नामक यौगिक होता है, जो आंतों की मांसपेशियों को रिलैक्स करता है और गैस व पेट फूलने से राहत दिलाता है। यह पाचन एंजाइम्स के स्राव को बढ़ाता है, जिससे भोजन जल्दी और आसानी से पचता है। सौंफ को सीधे चबा सकते हैं या इसकी चाय बनाकर पी सकते हैं।

तिल के बीज

छोटे-छोटे तिल के बीज पोषण और पाचन दोनों के लिए बेहद फायदेमंद हैं। इनमें हाई मात्रा में फाइबर होता है, जो मल को नरम बनाकर कब्ज से राहत देता है। तिल प्रीबायोटिक की तरह काम करता है और आंतों में अच्छे बैक्टीरिया को पोषण देता है। तिल के बीज में मौजूद कैल्शियम और जिंक हड्डियों की मजबूती और घनत्व को भी बढ़ाते हैं।

अलसी के बीज

अगर, आपका पाचन तंत्र सुस्त है, तो अलसी आपके लिए वरदान साबित हो सकती है। अलसी के बीज में लिग्नान्स पाए जाते हैं, जो एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होते हैं। यह नियमित मल त्याग को प्रोत्साहित करते हैं और हार्मोन बैलेंस बनाए रखने में मदद करते हैं। अलसी आंतों की सूजन को कम करती है और एस्ट्रोजन मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करती है। पाचन तंत्र को मजबूत बनाने के लिए अलसी को भिगोकर या पाउडर बनाकर स्मूदी, सलाद या दही में मिलाकर खाया जा सकता है।

Nutrients जर्नल में प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार, अलसी के बीज का सेवन न केवल कब्ज दूर करता है, बल्कि यह गट माइक्रोबायोम की विविधता को भी बढ़ाता है।

चिया सीड्स

Journal of Food Science की रिसर्च बताती है कि चिया सीड्स अपने वजन से 10-12 गुना ज्यादा पानी सोख सकते हैं, जिससे यह आंतों की सफाई (Bowel movement) में मदद करते हैं। चिया सीड्स आंतों को मजबूत बनाए रखने के लिए सुपरफूड माने जाते हैं। इनमें मौजूद सोल्युबल फाइबर मल को भारी और नरम बनाता है, जिससे कब्ज की समस्या कम होती है। यह गट माइक्रोबायोम को सपोर्ट करते हैं और अच्छे बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाते हैं। चिया सीड्स में ओमेगा-3 फैटी एसिड होते हैं, जो आंतों के स्वास्थ्य के साथ-साथ ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखने में मदद करते हैं।

सूरजमुखी के बीज

पाचन के लिए सूरजमुखी के बीज फायदेमंद साबित हो सकते हैं। डाइजेशन को अच्छा बनाने के लिए सूरजमुखी के बीजों का सेवन कर सकते हैं। सूरजमुखी के बीजों में आयरन, फाइबर और फास्फोरस अच्‍छी मात्रा होता है, जो पाचन के साथ-साथ सेहत के लिए भी लाभकारी होते हैं।

Hypertension & Periods: क्या महिलाओं में अनियमित पीरियड का हाई ब्लड प्रेशर से है संबंध? जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट

Disclaimer:  

इस लेख में साझा की गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार के विकल्प के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। अपनी डाइट, एक्सरसाइज या दवाओं में कोई भी बदलाव करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति के मामले में तुरंत नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें।