डायबिटीज (Diabetes) एक ऐसी क्रॉनिक स्थिति है, जिसमें ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। अक्सर देखा गया है कि डायबिटीज मरीजों की फास्टिंग शुगर हाई रहती है जिसके लिए कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। सुबह लगभग 3 बजे से 8 बजे के बीच शरीर कुछ हार्मोन जैसे कॉर्टिसोल, ग्रोथ हार्मोन और ग्लूकागन ज्यादा रिलीज करता है। ये हार्मोन शरीर को जागने के लिए तैयार करते हैं, लेकिन साथ ही लिवर से ग्लूकोज रिलीज बढ़ा सकते हैं। रात में दवा या इंसुलिन का असर कम होना,देर रात ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाला खाना खाना,नींद की कमी और तनाव की वजह से अक्सर डायबिटीज मरीजों की सुबह शुगर बढ़ जाती है। ऐसे में अगर दिन की शुरुआत गलत खानपान से की जाए तो ब्लड शुगर तेजी से स्पाइक करती है। डायबिटोलोजिस्ट और डायटिशियन के अनुसार, सुबह की शुरुआत सही खानपान से करना दिनभर के ब्लड शुगर मैनेजमेंट में बेहद अहम भूमिका निभाती है। गलत समय या गलत पेय पदार्थ से दिन की शुरुआत करने पर ब्लड शुगर अचानक स्पाइक (Spike) कर सकता है।
सर्टिफाइड डायबिटीज केयर एंड एजुकेशन स्पेशलिस्ट,रजिस्टर्ड डायटीशियन, कैरोलिन थॉमसन ने eating well में छपे एक लेख में बताया अगर डायबिटीज मरीज दिन की शुरुआत एक बड़े गिलास आइस्ड कॉफी या स्मूदी से करते है तो दिन का ये पहला ड्रिंक आपके ब्लड शुगर पर आपकी सोच से ज्यादा असर डाल सकता है। सुबह के कई ड्रिंक में कार्बोहाइड्रेट और अतिरिक्त शुगर होती है जो तेजी से शरीर में पहुंचती है। वहीं, इनमें अक्सर प्रोटीन और फाइबर जैसे ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने वाले पोषक तत्व कम होते हैं। डायटीशियन, कैरोलिन ने बताया डायबिटीज मरीज सुबह के समय सही हेल्दी ड्रिंक्स का सेवन करें तो इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार होता है और ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में भी मदद मिलती है। आइए जानते हैं ऐसे ही 4 ड्रिंक्स के बारे में और डायटीशियन से समझते हैं कि ये शरीर पर किस तरह काम करते हैं।
दिन की शुरुआत पानी से करें
पानी भले ही बहुत सामान्य लगे, लेकिन ब्लड शुगर कंट्रोल करने में ये सबसे बेहतर लिक्विड है। इसमें कार्बोहाइड्रेट और अतिरिक्त शुगर नहीं होती। रोजाना पर्याप्त पानी का सेवन ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद करता है। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन भी डायबिटीज को मैनेज करने वाले या इसके जोखिम वाले लोगों के लिए पानी को डिफॉल्ट ड्रिंक के तौर पर चुनने की सलाह देता है। पानी का सेवन सुबह खाली पेट करने से बॉडी हाइड्रेट रहती है और ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद मिलती है। पानी का सेवन खाली पेट करने से बॉडी से टॉक्सिन पेशाब के जरिए रिलीज होते हैं और बॉडी हेल्दी रहती है। आप पानी के साथ रोजाना नींबू का रस मिलाकर पिएं तो ब्लड में शुगर का स्तर कम करने में मदद मिल सकती है।
दक्षिण अमेरिका की यर्बा माते टी का करें सेवन
अगर आप सुबह कैफीन के साथ कुछ दूसरे फायदे भी लेना चाहते हैं तो आप यर्बा माते का सेवन करें। यह दक्षिण अमेरिका की एक चाय है, जिसका स्वाद हल्का कड़वा और मिट्टी जैसा होता है। इसमें कैफीन, पॉलीफेनॉल और थियोब्रोमाइन पाए जाते हैं। डायटीशियन गिसेला बुवियर के अनुसार, यर्बा माते में अतिरिक्त शुगर नहीं होती इसका सेवन सुबह खाली पेट करने से बॉडी को फायदा होगा। रैंडमाइज्ड कंट्रोल्ड ट्रायल्स की एक समीक्षा और मेटा-एनालिसिस में पाया गया कि यर्बा माते का सेवन मेटाबॉलिक जोखिम वाले लोगों में ग्लाइसेमिक कंट्रोल के कुछ संकेतकों में सुधार कर सकता है। इनमें खाने के बाद ब्लड ग्लूकोज और HbA1c में कमी भी शामिल थी। आप यर्बा माते को घर पर बनाकर गर्म या ठंडा पी सकते हैं। इसे हमेशा बिना चीनी के पीना बेहतर है। चूंकि इसमें कैफीन होता है, इसलिए इसे सुबह पीना बेहतर है, ताकि रात की नींद प्रभावित न हो।
लाटे का करें सेवन
लाटे (Latte) एक तरह की कॉफी है, जिसे एस्प्रेसो और गर्म दूध से बनाया जाता है। डायबिटीज के मरीज सुबह के समय लाटे पी सकते हैं, लेकिन इसमें चीनी और मीठी चीजें मिलाने से बचना चाहिए। लाटे बनाने के लिए सादा गाय का दूध या बिना चीनी वाला सोया मिल्क इस्तेमाल कर सकते हैं। इनमें प्रोटीन होता है, जो खाना खाने या कोई पेय पीने के बाद ब्लड शुगर तेजी से बढ़ने से रोकने में मदद कर सकता है। डायटीशियन के मुताबिक, कॉफी में डाला जाने वाला फ्लेवर्ड सिरप, मीठा क्रीमर और व्हिप्ड क्रीम इसे ज्यादा शुगर वाला पेय बना सकते हैं। इसलिए लाटे को बिना चीनी या बहुत कम चीनी के साथ पीना बेहतर है।
प्रोटीन शेक भी हो सकता है बेहतर विकल्प
सुबह के समय प्रोटीन शेक लेना डायबिटीज वाले लोगों के लिए एक विकल्प हो सकता है। प्रोटीन वाला नाश्ता पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद करता है और खाने के बाद ब्लड शुगर तेजी से बढ़ने से रोकने में भी मदद कर सकता है। कुछ रिसर्च में यह भी देखा गया है कि सुबह प्रोटीन लेने से दिन में बाद के खाने के बाद ब्लड शुगर की प्रतिक्रिया बेहतर हो सकती है। प्रोटीन शेक को ज्यादा पौष्टिक बनाने के लिए इसमें बिना चीनी वाला ग्रीक योगर्ट, सोया मिल्क या प्रोटीन पाउडर शामिल कर सकते हैं। फाइबर के लिए थोड़ी मात्रा में बेरीज या दूसरे कम मीठे फल डाल सकते हैं। वहीं चिया सीड्स, पिसी हुई अलसी या थोड़ा एवोकाडो हेल्दी फैट और फाइबर देने में मदद कर सकते हैं। ध्यान रखें कि डायबिटीज में प्रोटीन शेक लेते समय अतिरिक्त चीनी, शहद, मीठे फ्लेवर वाले पाउडर और ज्यादा मीठे फलों का सेवन करने से बचना बेहतर है। प्रोटीन शेक को संतुलित नाश्ते का हिस्सा बनाएं, इसे डायबिटीज की दवा या इलाज का विकल्प न समझें।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। इन ड्रिंक्स को डायबिटीज का इलाज या ब्लड शुगर कम करने वाली दवा न समझें। डायबिटीज से पीड़ित लोग अपनी डाइट और पेय पदार्थों में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लें।
