भागदौड़ भरी जिंदगी और सेडेंटरी लाइफस्टाइल ने हमारे शरीर को धीरे-धीरे बीमारियों की गिरफ्त में धकेल दिया है। घंटों तक कुर्सी पर बैठे रहना, शारीरिक गतिविधियों की कमी और खराब खानपान, ये सभी आदतें कम उम्र में ही दिल की बीमारियों, किडनी, फेफड़ों और अन्य क्रॉनिक रोगों का खतरा बढ़ा रही हैं। बॉडी को हेल्दी और एक्टिव रखने के लिए जरूरी नहीं है कि आप जिम जाकर वर्कआउट करें, आप दिन भर में कुछ देर की वॉक करके अपनी बॉडी को हेल्दी और एक्टिव बना सकते है। कई रिसर्च में ये बात साबित हो चुकी है कि रोजाना 10000 कदम चल के आप  चिंता, डिप्रेशन, गुस्सा, थकान और मानसिक तनाव को कंट्रोल कर सकते हैं।  

The Brazilian Journal of Physical Therapy में प्रकाशित एक रिसर्च में 30 लोगों ने भाग लिया। रिसर्च में शामिल लोगों ने 12 हफ्तों तक रोजाना 10,000 कदम वॉक की और अपनी फिजिकल और मेंटल हेल्थ में सुधार महसूस किया। खासतौर पर जो लोग सेडेंटरी और ओवरवेट थे, उनमें चिंता, डिप्रेशन, गुस्सा, थकान और मानसिक तनाव के स्तर में कमी नोट की गई। रिसर्च के मुताबिक वॉक न केवल आपके दिल को जवान रखती है, बल्कि मेटाबॉलिज्म को भी बूस्ट करती है। आइए वैज्ञानिक नजरिए से समझते हैं कि एक महीने का यह सफर आपके शरीर को कैसे बदल देता है।

रिसर्च से जानिए कैसे वॉक करने से सेहत को फायदा होता है?

अगस्त 2023 में यूरोपियन जर्नल ऑफ प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी में प्रकाशित एक बड़े मेटा-एनालिसिस के मुताबिक जिसमें  2,27,000 लोगों को शामिल किया गया था पता चला कि रोजाना केवल 1,000 अतिरिक्त कदम चलने से किसी भी कारण से होने वाली मृत्यु के जोखिम में 15% की कमी आती है। हर दिन 500 कदमों की बढ़ोतरी दिल के रोगों से होने वाली मौत के जोखिम में 7% की गिरावट देखी गई है। रिसर्च के मुताबिक 1,000 अतिरिक्त कदम चलने पर मृत्यु दर में 15% की कमी दर्ज की गई।

रोजाना वॉक करने से सेहत को कौन-कौन से फायदे हो सकते हैं?

दिल की सेहत में होता है सुधार

रोजाना 10,000 कदम चलना दिल के लिए फायदेमंद है। यह ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करता है, हार्ट रेट को कंट्रोल करता है और दिल की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। रिसर्च के अनुसार हर अतिरिक्त 1,000 कदम दिल के दौरे और स्ट्रोक के खतरे को कम कर सकते हैं।

वजन रहता है कंट्रोल

वॉकिंग कैलोरी बर्न करने में मदद करती है। आमतौर पर 10,000 कदम चलने से रोज 300–500 कैलोरी बर्न हो सकती है। एक महीने में इस से 1–2 किलो तक वजन कम हो सकता है। यह खासतौर पर पेट और अंदरूनी अंगों के आसपास जमा फैट को कम करने में मदद करती है।

मूड और मानसिक सेहत में होता है सुधार

चलने से एंडोर्फिन हॉर्मोन रिलीज होता हैं, जो मूड को बेहतर बनाता हैं और एंग्जायटी, डिप्रेशन और थकान को कम करता हैं। यह दिमाग को शांत करने और फोकस बढ़ाने में भी मदद करता है।

मांसपेशियां और हड्डियां होती है मजबूत

वॉकिंग से शरीर की कई मांसपेशियां सक्रिय होती हैं, खासकर पैरों और कोर की। इससे मसल स्ट्रेंथ बढ़ती है और हड्डियों का घनत्व बेहतर होता है, जो बढ़ती उम्र में खासतौर पर जरूरी है।

जोड़ों के लिए फायदेमंद

रोजाना चलने से जोड़ों का लचीलापन बना रहता है और आर्थराइटिस के लक्षणों में राहत मिल सकती है। यह जॉइंट्स को हेल्दी और चिकना बनाए रखने में मदद करता है।

ब्लड शुगर होता है कंट्रोल

रोजाना वॉक करने से इंसुलिन सेंसिटिविटी बेहतर होती है और ब्लड शुगर कंट्रोल रहता है। खाने के बाद अगर वॉक किया जाए तो खाने के बाद शुगर स्पाइक कम होता है।

नींद की गुणवत्ता में होता है सुधार

नियमित रूप से चलने से नींद जल्दी आती है और नींद गहरी और सुकून भरी होती है।

इम्यूनिटी होती है मजबूत

मीडियम एक्सरसाइज जैसे रोजाना वॉकिंग करने से इम्यूनिटी मजबूत होती है, संक्रमण से बचाव होता है और क्रॉनिक बीमारियों का खतरा भी कम होता है।
रोजाना 10,000 कदम चलने की आदत अपनाने से न सिर्फ शारीरिक फिटनेस बल्कि मानसिक संतुलन और ओवरऑल वेलबीइंग में भी सुधार होता है।

डिस्क्लेमर:

ये लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यदि आपको जोड़ों में दर्द, सांस लेने में तकलीफ या दिल से जुड़ी कोई पुरानी बीमारी है, तो वॉक या किसी भी नए व्यायाम को शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।