वेनेजुएला में पिछले हफ्ते आए भूकंप से 1,450 लोगों की जान गयी है। साथ ही, हजारों लोग घायल हैं और कई लोग लापता बताये जा रहे हैं। बुधवार शाम को आया 7.2 और 7.5 तीव्रता का भूकंप वेनेजुएला में एक सदी से भी अधिक समय में आये सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक था, इसके झटके पूरे इलाके में महसूस किये गए। भूकंप के बाद से ही राहत और बचाव अभियान जारी है। इस सबके बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि भूकंप के बाद फंसे हुए लोग कितने समय तक जीवित रह सकते हैं?

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पीड़ितों की चोटें ज्यादा गंभीर नहीं हैं तो वे एक हफ्ते या उससे अधिक समय तक जीवित रह सकते हैं बशर्ते मौसम बहुत गर्म या बहुत ठंडा न हो। भूकंप के बाद मलबे में फंसे लोगों का जीवित रहना मौसम और पानी और हवा की उपलब्धता सहित कई कारणों पर निर्भर करता है।

फंसे हुए लोगों के बचने की संभावना कब ज्यादा होती है?

एपी की खबर के अनुसार ब्राउन विश्वविद्यालय के भूभौतिक विज्ञानी (Geophysicist) विक्टर ने बताया, “फंसे हुए लोगों के बचने की संभावना तब अधिक होती है जब वे मलबे के नीचे नहीं बल्कि किसी ऐसी जगह पर हों जहां उन्हें बचाव कार्य के दौरान गंभीर चोट न लगे जैसे कि किसी मजबूत डेस्क के नीचे। वहीं, जॉर्ज वाशिंगटन विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर और आपातकालीन प्रतिक्रिया विशेषज्ञ डॉ जोसेफ बारबेरा ने कहा कि अगर इमारत गिरने के चलते आग, धुआं या खतरनाक रसायन निकलते हैं तो इससे किसी व्यक्ति के जिंदा रहने की संभावना कम हो सकती है। इसके अलावा जैसे-जैसे दिन बीतते जाते हैं, सांस लेने के लिए हवा और पीने के लिए पानी का होना बहुत जरूरी हो जाता है।

मलबे के बाहर का तापमान बचाव अभियानों को प्रभावित कर सकता

जिस जगह पर कोई व्यक्ति फंसा हुआ है, वहां का तापमान उसके जीवित रहने की संभावना को प्रभावित कर सकता है और मलबे के बाहर का तापमान बचाव अभियानों को प्रभावित कर सकता है। डॉ जोसेफ ने कहा कि मलबे से निकाले जाने से पहले बचे हुए लोगों को जरूरी चिकित्सा देखभाल मिलना जरूरी हो सकता है। ऐसा नहीं होता है तो कुचली हुई मांसपेशियों में जहरीले पदार्थों के जमाव के कारण बचाए गए व्यक्तियों को सदमा लग सकता है।

2011 में जापान में आए भूकंप और सुनामी के बाद एक किशोर और उसकी 80 वर्षीय दादी नौ दिनों तक अपने घर में मलबे के नीचे फंसे रहने के बाद जीवित पाए गए थे। उससे एक साल पहले, Port-au-Prince में भूकंप के मलबे से 15 दिनों के बाद एक 16 वर्षीय लड़की को बचाया गया था।

भूकंप के दौरान क्या करें?

भूकंप के दौरान जीवित रहने के उपाय इस बात पर निर्भर करते हैं कि आप दुनिया के किस हिस्से में हैं। सक्रिय फॉल्ट लाइनों वाले क्षेत्रों में भवन निर्माण संहिताएं अक्सर भूकंप का सामना करने के लिए बनाई जाती हैं लेकिन यह बात हर जगह लागू नहीं होती। अमेरिका सहित कई देशों में सबसे अच्छा उपाय यही है कि आप नीचे झुकें, किसी सुरक्षित स्थान पर शरण लें और बिल्डिंग के दरवाजे तक पहुंचने तक किसी चीज को पकड़े रहें। किसी भारी मेज के नीचे या मजबूत फर्नीचर के पास शरण लें जो छत गिरने की स्थिति में आपको सुरक्षित आश्रय दे सके। धूल और मलबे से बचाव के लिए अपने चेहरे को कपड़े या मास्क से ढक लें।

भूकंप के बाद मलबे में फंस जाने पर अपनी ऊर्जा बचाएं और ज्यादा मेहनत न करें। भोजन और पानी का सोच-समझकर इस्तेमाल करें, रेस्क्यू अभियान वालों की पुकार सुनें और अपने आस-पास ऐसी कोई चीज ढूंढें जिससे आवाज की जा सके। अगर आपके पास फोन है तो उसकी बैटरी बचाकर रखें और हर दिन थोड़ी-थोड़ी देर में मदद के लिए फोन करें।

वेनेजुएला में अब भी जारी है बचाव एवं राहत कार्य

वेनेजुएला में पिछले हफ़्ते विध्वंसकारी भूकंप आने के बाद बचावकर्मी और आम लोग बचाव एवं राहत कार्य में जुटे हुए हैं। इस बीच सोमवार तड़के एक और तेज झटका महसूस किया गया। अमेरिकी भूगर्भविज्ञान सर्वे के अनुसार स्थानीय समयानुसार सुबह 7 बजे भूकंप के बाद का झटका (After shock) महसूस किया गया जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.6 थी। वेनेजुएला के कैरिबियन तट पर काराबालेडा के उत्तर में लगभग 27 किलोमीटर की दूरी पर इसका केंद्र था।

स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय बचाव टीम पांच दिन पहले उत्तरी राज्य में आए दोहरे भूकंप के बाद से ही तेज़ी से बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। हज़ारों लोग अब भी लापता हैं। सरकार के अनुसार भूकंप से 1450 लोगों की जान गयी है। सरकार को वेनेजुएला के लोगों की बढ़ती आलोचना का भी सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि सरकार का राहत और बचाव अभियान नाकाफी है और इमारतों के नीचे दबे लोगों को बचाने के लिए आम नागरिकों की कोशिशें ज़्यादा असरदार रही हैं।

यह भी पढ़ें: वेनेजुएला में भूकंप पीड़ितों का सरकारी अफसरों पर फूटा गुस्सा

वेनेजुएला में आए दो जोरदार भूकंपों से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1430 हो गई है। 3200 से ज्यादा लोग घायल हैं और 50000 से ज्यादा लोग लापता हैं। शनिवार को बचाव दल तेजी से बचे हुए लोगों की तलाश में जुटे रहे, जबकि देश में 7.2 और 7.5 तीव्रता के भूकंप आए हुए कई दिन बीत चुके थे। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें