Why did mukul anand magnum opus dus wasnt released after all the hype? - 'सुनो गौर से दुनिया वालो' ये गाना आपने ज़रूर सुना होगा लेकिन जानते हैं क्यों रिलीज़ नहीं हो पाई ये फ़िल्म? - Jansatta
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‘सुनो गौर से दुनिया वालो’ ये गाना आपने ज़रूर सुना होगा लेकिन जानते हैं क्यों रिलीज़ नहीं हो पाई ये फ़िल्म?

सलमान और संजय दिल से चाहते थे कि वो ये फिल्म पूरी करें क्योंकि उन्होंने जितना भी शूट किया था, वो बेहद शानदार फुटेज थी।

सलमान और संजय दत्त की ये फिल्म मुकुल आनंद का ड्रीम प्रोजेक्ट था।

सलमान खान और संजय दत्त ने यूं तो साथ में कुछ फिल्मों में काम किया है लेकिन एक ऐसी फ़िल्म भी थी जो कई मायनो में बॉलीवुड में एक्शन सिनेमा को बदलने का दम रखती थी लेकिन दुर्भाग्य से ये फिल्म कभी रिलीज़ न हो सकी। मुकुल आनंद के निर्देशन में बन रही फिल्म ‘दस’ की शूटिंग मई 1997 में शुरू हुई थी। इस फिल्म में सलमान और संजय दत्त सीक्रेट एजेंट्स की भूमिका में थे। दोनों को अफगानिस्तान एक मिशन के लिए भेजा गया था। ये मिशन था आतंकवादी नशेमन को पकड़ना। इस आतंकवादी की भूमिका रवीना टंडन ने निभाई थी। दस की शूटिंग मई 1997 में शुरू हुई थी और सितंबर तक फिल्म की 40 प्रतिशत शूटिंग पूरी हो चुकी थी। फिल्म के लिए अमेरिका से स्टंट्स टीम हायर की गई थी। माना जा रहा था कि ये फिल्म भारत में एक्शन सिनेमा का चेहरा बदल कर रख देगी।

संजय और सलमान इस फ़िल्म को लेकर बेहद उत्साहित थे।

लेकिन ये प्रोजेक्ट कभी खत्म नहीं हो पाया। दरअसल फिल्म के निर्देशक मुकुल आनंद की 7 सितंबर 1997 को हार्ट अटैक के चलते मौत हो गई थी। फिल्म के शेड्यूल के बीचों बीच ये हादसा हुआ था। फिल्म की पूरी जिम्मेदारी अब उनकी पत्नी पर आ गई थी। दत्त और खान ने काफी कोशिश की कि फिल्म किसी तरह से पूरी हो जाए। जिस समय मुकुल के साथ ये हादसा हुआ उस दौरान फिल्म की शूटिंग उटाह में चल रही थी और अफगानिस्तान के हसीन लैंडस्केप को दिखाने के लिए इस जगह का इस्तेमाल किया जा रहा था।

सलमान और संजय ने इस फ़िल्म में कई खतरनाक स्टंट्स भी किए थे।

मुकुल की पत्नी  अनीता आनंद ने कहा कि सलमान और संजय दिल से चाहते थे कि वो ये फिल्म पूरी करें क्योंकि उन्होंने जितना भी शूट किया था, वो बेहद शानदार फुटेज थी। उस दौर में मिशन इंपासिबल की शूटिंग चल रही थी और हमारी फिल्म में भी हेलीकॉप्टर्स के वैसे ही शॉट्स थे लेकिन ऐसा नहीं था कि हमने इन शॉट्स को मिशन इंपासिबल से कॉपी किया था। मैं अपने पति के प्रोजेक्ट के साथ नहीं जुड़ी थी और उनकी मौत के बाद ही मैंने इस फिल्म के बारे में जानकारियां हासिल की थी और मुझे एहसास हुआ था कि मुकुल अपने समय से आगे की फिल्म बना रहे थे।

फिल्म का गाना ‘सुनो गौर से दुनिया वालों’ लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय हो चुका था। इस फिल्म से शंकर एहसान लॉय अपने करियर  की शुरूआत करने जा रहे थे।  फिल्म दस की कम से कम 9 घंटे की फुटेज और म्यूज़िक स्कोर निर्माता के पास थे। फिल्म के प्रोड्यूसर्स नितिन मनमोहन और सुनील मनचंदा ने कई निर्देशकों से इस फिल्म को पूरा करने की बात की। जेपी दत्ता, प्रियदर्शन और विधु विनोद चोपड़ा जैसे निर्देशकों से बात हुई। आखिरकार रमेश सिप्पी इस फ़िल्म को पूरी करने के लिए तैयार हुए लेकिन डेट और आर्थिक मुद्दे के चलते ये फिल्म अटक कर रह गई। मनमोहन ने आखिरकार अपनी एक और फिल्म ‘चल मेरे भाई’ के लिए सलमान और संजय की डेट्स का इस्तेमाल कर लिया।

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