दिवंगत बॉलीवुड एक्टर विनोद खन्ना अपने समय के बेहतरीन अभिनेता थे। उन्होंने ‘सच्चा झूठा’, ‘मन का मीत’, ‘खून का कर्ज’ और ‘दबंग’ समेत कई हिट फिल्मों में काम किया था। कई लोगों का मानना ​​था कि विनोद खन्ना उस समय के सुपरस्टार अमिताभ बच्चन के सबसे बड़े कॉम्पिटिटर थे। हालांकि, एक्टर ने अपने करियर के पीक पर आकर फिल्म इंडस्ट्री छोड़ दी थी और वह ओशो के आश्रम चले गए। अब इसे लेकर उनकी दूसरी पत्नी कविता खन्ना ने बात की है।

अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए कविता ने याद किया कि विनोद खन्ना बहुत कम उम्र से ही आध्यात्मिकता की तरफ झुके हुए थे और जब वह सिर्फ 17 साल के थे, तब उनकी पहली बार ओशो से मुलाकात हुई थी। अभिनेता की पत्नी ने कहा, “विनोद बचपन से ही बहुत आध्यात्मिक थे। जब वह 17 साल के थे, तो उन्होंने ‘ऑटोबायोग्राफी ऑफ योगी’ किताब खरीदी और उस समय उन्होंने कहा कि उन्हें तब एहसास नहीं हुआ कि ओशो भी उसी समय उसी बुक स्टोर में थे।”

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विनोद ने एक सफल एक्टर के तौर पर अपनी जिंदगी छोड़कर संन्यास लेने का फैसला कैसे किया, इस बारे में बताते हुए कविता ने कहा, “वह जो शानदार जिंदगी जी रहे थे, उसे छोड़ने का टर्निंग पॉइंट… उन्हें जो प्यार और सफलता मिली थी… वह तब आया जब दो साल के अंदर परिवार में कई मौतें हुईं। फिर जब उनकी मां गुजरीं, तो वह ओशो के पास चले गए और संन्यास ले लिया।”

कविता ने यह भी बताया कि सुपरस्टार विनोद खन्ना ने ओरेगन कम्यून में ओशो के घर में माली के तौर पर काम किया था। उन्होंने कहा, “वह ओशो के माली थे। ओशो का घर प्राइवेट था और बहुत कम लोगों को वहां जाने की इजाजत थी, लेकिन अगर आप माली थे, तो आप वहां जा सकते थे। वह उनकी सेवा थी।”

इसके आगे कविता ने कहा, “ओरेगन में ओशो के पास शानदार कपड़े थे, जो उनके लिए डिजाइन किए गए थे और उन सभी को विनोद पर आजमाया जाता था क्योंकि उनके कंधे का साइज एक जैसा था।” फिर कविता ने आगे बताया कि विनोद की आध्यात्मिकता के प्रति लगन बहुत पहले ही शुरू हो गई थी, जब वह मुंबई में रहते थे। उन्होंने याद किया कि एक्टर ने एक बार मुंबई के चौपाटी बीच पर न्यूड मेडिटेशन सेशन में हिस्सा लिया था।

कविता ने कहा, “पुणे आश्रम जाने से पहले वह मुंबई में थे, तब भी वह बॉम्बे के चौपाटी बीच पर मेडिटेशन करते थे, जो इस हलचल भरे शहर के ठीक बीच में है, और सभी लोग अपने कपड़े उतार देते थे। वे बीच पर एक सर्कल में नग्न होकर मेडिटेशन करते थे।” फिर विनोद आखिरकार भारत लौट आए और 2017 में अपनी मृत्यु तक उन्होंने अपने एक्टिंग करियर को जारी रखा।

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