कोविड-19 के दौर में हमारी इंडस्ट्री ने कई बड़े सितारे खोए। सबसे पहले इरफान खान ने 29 अप्रैल, 2020 में दुनिया को अलविदा कहा। ठीक एक दिन बाद 30 अप्रैल को ऋषि कपूर का भी निधन हो गया। इन दोनों दिग्गजों के जाने से पूरी इंडस्ट्री हिल गई थी, उनके फैंस भी बेहद दुखी हो गए थे। दोनों ही बेहतरीन एक्टर थे और उन्होंने निखिल आडवाणी की फिल्म ‘डी-डे’ में साथ काम किया था। अब स्क्रीन के साथ खास बातचीत में आडवाणी ने उनके साथ काम करने के अनुभव के बारे में बात की।

आडवाणी ने बताया कि फिल्म के सेट पर दोनों एक्टर्स के बीच दोस्ती हो गई थी। उन्होंने कहा, “दोनों की शुरुआत में ही अच्छी बनने लगी थी। ऋषि कपूर को इरफान का बनाया चिकन बहुत पसंद आता था और इरफान को खाना बनाना बहुत अच्छा लगता था। कच्छ के रण इलाके में शूटिंग के दौरान दोनों के बीच खूब अच्छी दोस्ती हो गई थी।”

आडवाणी ने यह भी बताया कि दोनों का एक्टिंग करने का तरीका एक दूसरे से बिल्कुल अलग था। इरफान को बिना किसी तैयारी के खुद से डायलॉग बोलना पसंद था, जबकि ऋषि कपूर अपनी लाइनों पर अडिग रहते थे। कभी-कभी इससे दोनों के बीच हल्की-फुल्की अनबन हो जाती थी और ऋषि कपूर इरफान की बिना तैयारी के बोलने की आदत से चिढ़ जाते थे।”

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निखिल आडवाणी ने कहा, “इरफान एंग ली की फिल्म ‘लाइफ ऑफ पाई’ कर के आए थे और उन्हें इम्प्रोवाइज करना पसंद था। उन्हें एक ही चीज को कई बार दोहराना पसंद नहीं था क्योंकि वे सोचते थे, ‘फिर दूसरा टेक लेने का क्या फायदा?’ और ऋषि कपूर ऐसे व्यक्ति थे जो कहते थे, ‘यार, अपनी जगह पर खड़े हो जाओ। लाइन बोलो, लाइन पर आ जा। तू ऑस्कर विजेता अभिनेता होगा पर बस मुझे बता दे कि तू आखिरी शब्द कौन से इस्तेमाल करेगा? मेरा क्यू आ गया है, मैं अपने क्यू का इंतजार कर रहा हूं।’ ऋषि कपूर पुराने जमाने के लोगों में से थे, इसलिए यह देखना काफी मजेदार था। वे अलग-अलग बैकग्राउंड से थे, लेकिन उस एक हफ्ते के लिए जब उन्होंने साथ में शूटिंग की, तो उन्होंने सचमुच एक-दूसरे का सम्मान और प्रशंसा की।”

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इसी बातचीत में आडवाणी ने ‘डी-डे’ के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर भी बात की। उन्होंने कहा, “पिछले कुछ सालों में लोग मुझे मैसेज करके कहते हैं कि यह फिल्म शानदार थी, इसी फिल्म ने मुझे फिल्म निर्माता बनाया। लेकिन पहले दिन जब इसने सिर्फ 1.75 करोड़ रुपये कमाए तो बहुत निराशा हुई थी और मैं सोच रहा था, ‘आखिर हुआ क्या?’”

ऋषि कपूर, कपूर खानदान के वारिश थे और ऐसे में उनके कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी थी। अभिनय में वो कहीं चूक नहीं सकते थे। उनके पिता राज कपूर एक्टिंग की शुरुआत में उनपर काफी दबाव बनाते थे। वो चाहते थे कि ऋषि कपूर, दिलीप कुमार की तरह दिखें और एक्टिंग करें। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…