ताज़ा खबर
 

राजेश खन्ना ने डायरेक्टर पर दबाव डाल बदलवा दी थी फिल्म की स्क्रिप्ट, नाराज हो गए थे अमिताभ बच्चन; फिर कभी नहीं किया साथ काम

सुपर स्टार राजेश खन्ना की मर्जी और जिद के मुताबिक फिल्म की स्क्रिप्ट बदल दी गई, लेकिन जब यह बात अमिताभ बच्चन को पता चली तो वे बेहद नाराज हो गए और...

अमिताभ बच्चन और राजेश खन्ना (फोटो-इंडियन एक्सप्रेस)

साल 1973 में आई ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्म ‘नमक हराम’। यह फिल्म मिल मालिकों और मजदूरों के बीच जारी संघर्ष, द्वंद और सियासत को दिखाती थी। ये वो दौर था जब उत्तर भारत के तमाम राज्यों में महंगाई और बेरोजगारी से परेशान लोग सड़कों पर उतर आए थे। तमाम शहरों में मिल और फैक्ट्री मालिकों के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे थे। अखबारों में हड़ताल की खबरें आम थीं। ‘नमक हराम’ में एक तरफ सुपरस्टार राजेश खन्ना थे जो गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले सोमू का किरदार निभा रहे थे। तो दूसरी तरफ अमिताभ थे, जो मिल मालिक के इकलौते बेटे विकी के रोल में थे।

अमिताभ को उन दिनों फिल्मी गलियारों में ‘नया लड़का’ कहकर संबोधित किया जाता था। उस वक्त तो वे राजेश खन्ना के सामने कहीं नहीं ठहरते थे। हालांकि ‘नमक हराम’ की शूटिंग के दौरान कुछ ऐसा हुआ जिस पर अमिताभ बच्चन बेहद खफा हो गए। उन्हें राजेश खन्ना की वो हरकत इतनी नागवार गुजरी की फिर दोनों कभी साथ नजर नहीं आए।

स्क्रिप्ट बदलने के लिए अड़ गए राजेश खन्ना: दरअसल, इस फिल्म के असली क्लाइमेक्स के मुताबिक आखिर में अमिताभ बच्चन के किरदार विकी की मौत होनी थी। लेकिन जब राजेश खन्ना को यह बात पता चली तो वे नाराज हो गए। काका खुद मरने वाला किरदार निभाना चाहते थे।

राजेश खन्ना की जीवनी ”कुछ तो लोग कहेंगे” में यासिर उस्मान लिखते हैं कि राजेश खन्ना कहानी के अंत में मरने वाले किरदारों के प्रति एक तरीके से ऑब्सेस्ड थे। वे मानते थे कि उनकी सबसे ज्यादा यादगार और हिट फिल्में वही रही हैं, जिनमें अंत में उनकी मौत हुई है। इसीलिए ‘नमक हराम’ में भी वे मरने वाले रोल के लिए जिद पर अड़ गए।

राजेश खन्ना ने फिल्म के डायरेक्टर ऋषिकेश मुखर्जी से दो टूक कह दिया कि फिल्म के अंत में मरने वाला रोल तो वही करेंगे। यासिर उस्मान ने अपनी किताब में फिल्म के लेखक गुलजार के एक इंटरव्यू का जिक्र करते हुए लिखा है, ”नमक हराम में हमें फिल्म का अंत बदलना पड़ा, क्योंकि ऋषिदा ने राजेश खन्ना से डेथ सीन का वादा कर दिया था”।

बुरी तरह नाराज हो गए अमिताभ: सुपर स्टार राजेश खन्ना की मर्जी और जिद के मुताबिक फिल्म की स्क्रिप्ट बदल दी गई, लेकिन जब यह बात अमिताभ बच्चन को पता चली तो वे बेहद नाराज हो गए। वे राजेश खन्ना से कहीं ज्यादा ऋषिकेश मुखर्जी के धोखे से नाराज थे।

बाद में ऋषिकेश मुखर्जी ने खुद एक इंटरव्यू में इस घटना का जिक्र करते हुए कहा था, ‘वह (अमिताभ बच्चन) इतना नाराज हो गया कि कई दिन तक उसने मुझसे बात तक नहीं की। उसे लग रहा था कि मैंने उसे धोखा दिया है…।’ कहते हैं कि इसी नाराजगी के चलते अमिताभ ने फिर कभी राजेश खन्ना के साथ काम नहीं किया।

डेथ सीन वाला दांव पड़ गया उल्टा: ‘नमक हराम’ की स्क्रिप्ट राजेश खन्ना के मन मुताबिक बदल दी गई, लेकिन जब फिल्म रिलीज हुई तो अमिताभ के किरदार की ज्यादा चर्चा हुई। फिल्म समीक्षक से लेकर मायानगरी के गलियारों में अमिताभ के रोल की तारीफ हो रही थी। यासिर उस्मान लिखते हैं, ‘क्लाइमेक्स के जिस डेथ सीन के लिए राजेश खन्ना ने इतना हंगामा और बवाल काटा था, उनका वही दांव उल्टा पड़ गया।

‘जंजीर’ में अमिताभ ने अपने रोल में जो गुस्सा और इंटेंसिटी दिखाई थी, ‘नमक हराम’ में इससे और कहीं बेहतर किया। दर्शकों को यह खूब पसंद आया।’ वे लिखते हैं कि नमक हराम ही पहली फिल्म थी जिससे फिल्म इंडस्ट्री में शक्ति संतुलन राजेश खन्ना से अमिताभ बच्चन की तरफ खिसकने की शुरुआत हो चुकी थी।

Next Stories
1 अर्णब गोस्वामी या तांडव, कौन ज्यादा खतरनाक?- बॉलीवुड डायरेक्टर ने किया सवाल तो लोग देने लगे ऐसे जवाब
2 झूठ फैलाता है और एंकरिंग भी कर रहा है- आज तक पर संबित पात्रा ने राजदीप सरदेसाई पर साधा निशाना, अंजना ओम कश्यप ने दी सफाई
3 ‘जो करना है खुलेआम, इतनी पारदर्शी सरकार…’ पुण्य प्रसून बाजपेयी ने मोदी सरकार पर कसा तंज, तो लोगों ने कर दिया ट्रोल
ये पढ़ा क्या?
X