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नरगिस ने दी थी चॉकलेट की ‘रिश्वत’, तब कहीं जाकर शुरू हो पाया था ऋषि कपूर का फ़िल्मी करियर

कपूर खानदान में पैदा हुए ऋषि कपूर को जब एहसास हुआ कि वो एक्टर बनने वाले हैं तो वो चुपचाप अपने कमरे में जाकर ऑटोग्राफ देने की प्रैक्टिस करने लगे थे।

फ़िल्म ‘श्री 420’ के दौरान ऋषि कपूर महज तीन साल के थे।

बॉलीवुड में पिछले कई दशकों से कपूर खानदान का एकछत्र वर्चस्व रहा है। पृथ्वीराज कपूर से लेकर शोमैन राज कपूर, ऋषि, शम्मी, शशि, रणबीर, करीना जैसे कितने ही सुपरस्टार्स इस परिवार ने बॉलीवुड और विश्व सिनेमा को दिए हैं। राज कपूर तो उस दौर में युद्ध की यातना झेल रहे रूस में आम लोगों के लिए उम्मीद का चेहरा बन बैठे थे। इसी के चलते उनकी फ़िल्में रूस में बेहद पसंद की जाती थी। किसी भी आम इंसान के परिपेक्ष्य से देखने पर कपूर खानदान एक सपनीला परिवार नज़र आता है। एक ऐसा परिवार जहां बच्चे बड़े होने पर डॉक्टर, इंजीनियर नहीं बल्कि एक्टर बनते हैं और अगर अभिनय की गाड़ी चल निकली तो सुपरस्टार का सफ़र भी तय किया जा सकता है। ज़ाहिर है, बाकी लोगों की तरह ही अभिनेताओं के पास कई दिलचस्प किस्से कहानी होते होंगे और ऐसा ही एक मज़ेदार किस्सा सुनाया ऋषि कपूर ने।

बारिश के इस शॉट में तीन साल के ऋषि बार-बार रो रहे थे।

ऋषि कपूर ने अपनी फ़िल्म 102 नॉट आउट के प्रमोशन के दौरान अपनी ज़िंदगी के पहले शॉट के बारे में बताया था। उस समय उनकी उम्र महज 3 साल थी। उन्होंने कहा कि ‘मुझे अपने पिताजी राजकपूर की फ़िल्म ‘श्री 420’ के लिए एक सीन करना था। उस सीन में मेरे बड़े भाई और बड़ी बहन भी मौजूद थे। वो एक बेहद साधारण सा शॉट था। हम लोगों को बारिश में सिर्फ़ चलना था। लेकिन मैं सिर्फ़ तीन साल का था और जैसे ही वो शॉट शुरू होता और कृत्रिम बारिश होने लगती तो मैं रोने लगता। मैं चुप होने का नाम ही नहीं ले रहा था। मुझे परेशान देखकर फ़िल्म की लीड एक्ट्रेस नरगिस मेरे पास आई और उन्होंने मुझे ‘रिश्वत’ देने की कोशिश की। उन्होंने मुझसे कहा कि अगर तुम रोओगे नहीं और शॉट के दौरान अपनी आंखें खुली रखोगे तो मैं तुम्हें चॉकलेट दूंगी। चॉकलेट नाम की ये रिश्वत मुझे बड़ी रास आई। अगले ही शॉट में मैंने अपनी आंखों को एकदम खुला रखा। सीन ओके हो गया और आखिरकार मैंने अपनी ज़िंदगी का पहला शॉट दिया।

ऋषि ने फ़िल्म ‘102 नॉट आउट’ के प्रमोशंस के दौरान ये किस्सा सुनाया

उन्होंने आगे कहा –  ‘इसके कुछ सालों बाद डैडी (राज कपूर) फ़िल्म ‘मेरा नाम जोकर’ की शूटिंग की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने एक रात मेरी मम्मी को कहा, मैं सोच रहा हूं कि इस फ़िल्म में अपने बचपन का रोल ऋषि से कराऊं, उस समय मैं खाना खा रहा था और पापा की ये बात सुनकर मैंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। लेकिन मम्मी और पापा इस बात को लेकर चिंतित थे कि कहीं एक्टिंग के चलते मेरी पढ़ाई पर कोई असर न पड़े। हालांकि मैं निश्चित था। मैंने अपना खाना खत्म किया, अपने रूम में गया, अपने रूम के एक टेबल में से एक डायरी निकाली और उस डायरी पर ऑटोग्राफ देने की प्रैक्टिस करने लग गया। ऋषि को एहसास हो चुका था कि वे बॉलीवुड के अगले सुपरस्टार बनने वाले हैं।’

 

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