मैं नहीं गाऊंगा, रफ़ी साहब से गवाओ- जब किशोर कुमार ने राजेश खन्ना के लिए गाने से किया इनकार, शूटिंग छोड़ पहुंच गए थे मनाने

राजेश खन्ना पर फिल्माया गाना, ‘वादा तेरा वादा’ उस ज़माने में बेहद लोकप्रिय हुआ था। लेकिन किशोर कुमार ने इसे गाने से इनकार कर दिया था और संगीतकार लक्ष्मीकांत प्यारेलाल से कहा था कि वो इस  गाने को मोहम्मद रफी से गवा लें।

Rajesh Khanna, Rajesh Khanna Earning, Rajesh Khanna Movies, Rajesh Khanna Fees, Rajesh Khanna Payment,
सुपरस्टार राजेश खन्ना (फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस आरकाइव)

राजेश खन्ना को स्टारडम के शीर्ष तक पहुंचाने में थोड़ा योगदान किशोर कुमार का भी था। किशोर कुमार के गाए गानों ने राजेश खन्ना को रोमांस का आइकन बना दिया था। राजेश खन्ना भी किशोर कुमार को बेहद करीबी मानते थे। किशोर कुमार का गाया और राजेश खन्ना पर फिल्माया गाना, ‘वादा तेरा वादा’ उस ज़माने में बेहद लोकप्रिय हुआ था और आज भी लोग इसे सुनते हैं। इस गाने के पीछे दिलचस्प बात ये है कि किशोर कुमार ने इसे गाने से इनकार कर दिया था और संगीतकार लक्ष्मीकांत प्यारेलाल से कहा था कि वो इस  गाने को मोहम्मद रफी से गवा लें।

फिल्म दुश्मन (1971) के लिए यह गाना लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने तैयार कर किशोर कुमार को गाने के लिए कहा जिसके बाद उन्होंने इसे गाने से इनकार कर दिया और कहा कि ये गाना कव्वाली के जैसा है, वो इसे नहीं गा सकते।

जब यह बात राजेश खन्ना को पता चली कि किशोर कुमार उनका गाना नहीं गाना चाहते हैं तो वो अपनी फ़िल्म की शूटिंग छोड़ किशोर कुमार के पास आ गए थे और उन्हें गाने के लिए मनाने लगे थे। किशोर कुमार के साथ उनके बेटे अमित कुमार भी मौजूद थे। अमित कुमार ने इस घटना का जिक्र एक इवेंट के दौरान किया था।

उन्होंने बताया था, ‘जब ये गाना लक्ष्मी जी ने अपनी आवाज में भेजा मेरे पिता के पास तो पिता जी बोले ये तो कव्वाली है। उन्होंने लक्ष्मीकांत जी को फोन किया बोले, लक्ष्मी कव्वाली मेरा स्टाइल नहीं है, किसी दूसरे से गवालो। रफ़ी साहब (मोहम्मद रफ़ी) से गवा लो, मुझे डर लगता है कव्वाली गाने में, मेरा स्टाइल नहीं है। वो गाना नहीं गाने वाले थे। जब ये बात राजेश खन्ना को पता चली तो वो गाड़ी लेकर रिकॉर्डिंग स्टूडियो पहुंच गए।’

 

उन्होंने आगे बताया, ‘काका जी शूटिंग छोड़कर एक हरे रंग की गाड़ी में आए थे। वो पहली बार था जब मैंने राजेश खन्ना को देखा। उन्होंने मेरे पिताजी से कहा, बाबू मोशाय! आप गाना नहीं गाओगे? पिताजी ने उनसे ये नहीं कहा कि वो गाना नहीं गाएंगे। उन्होंने प्रोड्यूसर से कहा कि मैं कोशिश करता हूं।’

राजेश खन्ना से किशोर कुमार का रिश्ता ऐसा था कि वो उन्हें मना नहीं कर पाए और अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकलकर उन्होंने गाना गाया। ये गाना बेहद ही लोकप्रिय हुआ।

 

उसी साल फिल्म हाथी मेरे साथी (1971) रिलीज हुई थी जिसके सभी गाने किशोर कुमार गा रहे थे। लेकिन एक गाने को लेकर वो आश्वत नहीं थे। गाना हाई पिच का था जो किशोर कुमार के लिए मुश्किल लग रहा था। उन्होंने राजेश खन्ना से कहा कि इस गाने को रफ़ी साहब से गवा लें लेकिन राजेश खन्ना किसी तरह मानने के लिए राज़ी नहीं थे।

किशोर कुमार ने उनसे गुजारिश की थी कि वो ये गाना नहीं गा पाएंगे, ये गाना केवल मोहम्मद रफ़ी ही गा सकते हैं तब जाकर वो राजी हुए थे। और वो गाना, ‘नफरत की दुनिया को छोड़ के’ फिल्म का सबसे लोकप्रिय गाना बना था।

पढें मनोरंजन समाचार (Entertainment News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट
X