हनी सिंह अपने समय के बेहतरीन सिंगर रहे हैं। उन्होंने एक समय में बॉलीवुड की कई फिल्मों को सुपरहिट गाने दिए। इसमें ”सिंघम रिटर्न्स’ से ‘आता माझी सटकली’, ‘किक’ से ‘यार ना मिले’ समेत कई नाम शामिल हैं। साल 2014 में उनका हिट एल्बम ‘देसी कलाकार’ भी रिलीज हुआ, जिसे लोगों ने खूब पसंद किया। वह म्यूजिक रियलिटी शो इंडियाज रॉ स्टार में जज भी बने।

उस दौर में उनकी लोकप्रियता इतनी ज्यादा थी कि वह शाह रुख खान के साथ वर्ल्ड टूर पर भी गए। साथ ही वह पंजाबी फिल्म ‘तू मेरा 22 मैं तेरा 22’ में एक्टिंग भी कर रहे थे, जो डेविड धवन की 2007 की हिट फिल्म ‘पार्टनर’ का पंजाबी रीमेक थी।

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ABTalks में बात करते हुए हनी सिंह ने कहा, “मैं उस समय भारत का सबसे बड़ा सुपरस्टार, यो यो हनी सिंह था। लेकिन फिर मुझे बाइपोलर डिसऑर्डर के लक्षण दिखने लगे। अगर मैं सात से 10 साल पीछे मुड़कर देखूं, तो मैं खुद को अपने कमरे में बंद करके रखता था। मैं किसी से बात नहीं करता था, न ही किसी से मिलता था। मैं इंटरनेट से दूर था, रेडियो, टेलीविजन और मीडिया की किसी भी जानकारी से दूर था। मैं तो बोल भी नहीं पा रहा था।”

उससे पहले दो साल तक सिंगर नशे के आदी थे। इस पर हनी सिंह ने कहा, “मुझे पता ही नहीं चला कि यह मुझ पर हावी हो रहा है। यह मुझे कंट्रोल कर रहा था। बाइपोलर डिसऑर्डर इतनी बड़ी बीमारी है कि कोई भी इसे शब्दों में बयान नहीं कर सकता। इसकी शुरुआत हर चीज पर शक करने, मौत के डर और लोगों के डर से होती है।”

नास्तिक से आस्तिक बने हनी सिंह

सिंगर ने बताया कि पहले वह नास्तिक थे। उनका परिवार जोर देता था कि वह आध्यात्म की तरफ झुके ताकि वह ठीक हो सके, लेकिन वह इसे नजरअंदाज करते रहे। उनकी मां घर पर प्रार्थनाएं होती थी, जिससे उन्हें बहुत चिढ़ होती थी, ताकि भगवान उनकी मदद करें और उन्हें ठीक कर दें। सिंह ने दावा किया, “मुझे लगता था कि ‘यो यो हनी सिंह’ मैंने ही बनाया है। सब कुछ मैंने ही किया है।”

हनी सिंह ने आगे कहा, “मुझे आज भी वो रात याद है, जब मैं पूरी तरह बदल गया। मैंने भगवान से कहा कि माफ कर दो… मैंने कभी आपकी इज्जत नहीं की, आप पर भरोसा नहीं किया। अब आप जैसे भी हैं, जहां भी हैं, मैं आपकी इज्जत करूंगा, क्योंकि मुझे आपसे कुछ चाहिए। उस समय मैं अंदर से पूरी तरह टूट चुका था। मैं अपने मन और हालात पर कंट्रोल नहीं कर पा रहा था। मैं खुद से हार चुका था। उस रात मैंने भगवान से मौत मांगी थी। लेकिन मुझे मौत नहीं मिली… मुझे जीने की एक नई वजह मिल गई।”

हनी सिंह ने फिर बताया कि मैंने उम्मीद छोड़ दी थी, इसलिए मैं सोचता था कि मैं ठीक कैसे हो रहा हूं। मुझे एक नया डॉक्टर मिला जिसने मेरी दवा बदल दी। तब से वह सचमुच मेरी जिंदगी में एक फरिश्ता बनकर आए हैं। उन्होंने मुझे अपनी बुरी और अच्छी यादों को फिर से याद करने का सुझाव दिया। उस रात मैंने उन पर भरोसा किया और उनसे माफ़ी मांगी। इसीलिए वह मुझे दूसरा मौका दे रहे हैं।”

लास्ट में उन्होंने कहा, “जब मैं भगवान पर विश्वास करने लगा, तो मेरी जिंदगी बदल गई। अब, भगवान मुझे वह सब कुछ दे रहे हैं जो मेरे पास है और जिसका मैं हकदार हूं। मैं जो कुछ भी कर रहा हूं, वह मेरे लिए एक नया मौका है, क्योंकि मैं तो पूरी तरह खत्म हो चुका था। हर किसी को दूसरा जन्म नहीं मिलता। यह सब उन्हीं की कृपा है, सिर्फ उन्हीं की। मैं अब भी बाइपोलर डिसऑर्डर का मरीज हूं। लेकिन भगवान मुझ पर मेहरबान रहे हैं। मैं दुनिया भर में घूम रहा हूं, फिर से शो कर रहा हूं, और म्यूजिक बना रहा हूं। यह एक चमत्कार है।”

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