बॉलीवुड के हीरो नंबर 1 गोविंदा की जिंदगी में एक दौर ऐसा भी आया था, जब उनकी निजी बातें घर से बाहर पहुंचने लगी थीं। उनकी बातें लीक होने के पीछे कोई बाहरी शख्स नहीं, बल्कि उनका अपने ड्राइवर थे। इस मुश्किल वक्त में दिग्गज अभिनेता देव आनंद की एक सलाह ने गोविंदा को बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया था। आखिर क्या था पूरा मामला और गोविंदा ने ऐसा क्या फैसला लिया था?
एएनआई के साथ बातचीत के दौरान गोविंदा ने बताया है कि अपने जूनियर्स और समकालीन कलाकारों की तुलना में उन्होंने सेट पर अपने सीनियर्स के साथ सबसे ज्यादा समय बिताया। इनमें दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार, राजेश खन्ना, धर्मेंद्र, अमिताभ बच्चन और देव आनंद शामिल थे। ये दिग्गज कलाकार भी गोविंदा का ख्याल रखते थे। दिलीप कुमार ने जहां उनकी मानसिक सेहत का ध्यान रखने के लिए उन्हें 25 फिल्मों से किनारा करने की सलाह दी थी, वहीं देव आनंद यह सुनिश्चित करते थे कि गोविंदा की निजी जिंदगी की बातें सार्वजनिक न हों।
देव आनंद ने गोविंदा को दी थी काम की सलाह
गोविंदा ने एक घटना को याद करते हुए बताया, “एक दिन देव साहब मेरे पास आए और कहा, ‘गोविंदा, तुम्हारे ड्राइवर तुम्हारी निजी जिंदगी की बातें लीक कर रहे हैं और तुम्हें बदनाम कर रहे हैं। चारों को नौकरी से निकाल दो।’ जब मैंने उनसे कहा कि उनके परिवार और बच्चे हैं और अगर मैं उन्हें नौकरी से निकाल दूंगा तो वे मेरा बुरा चाहेंगे, तो देव साहब ने उन चारों ड्राइवरों को बुलाने के लिए कहा।”
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इसके बाद देव आनंद ने चारों ड्राइवरों से पूछा, “गोविंदा ऐसा क्या करें कि तुम उसका बुरा न चाहो?”गोविंदा ने बताया कि इसके बाद देव आनंद ने उनकी नौकरी जाने की भरपाई के तौर पर उन चारों के लिए बंगले जैसे घर खरीदवाए। गोविंदा ने हंसते हुए बताया, “मेरी एक हीरोइन उस इलाके में घर देखने गई थी। वहां उसने मेरे स्पॉटबॉय को देखा। उसने अपनी मां से कहा, ‘मां, हम यहां नहीं रहेंगे। गोविंदा का स्पॉटबॉय यहां रहता है!’”
गोविंदा ने कहा कि उन्होंने देव आनंद की सलाह पर अमल करने में एक पल भी नहीं सोचा। उन्होंने कहा, “मैंने हमेशा सीनियर्स के साथ समय बिताया है। मैंने कभी युवा कलाकारों से दोस्ती नहीं की। मैं कभी रात में पार्टियों में नहीं गया। ऐसा नहीं है कि मेरे पास इसके लिए समय था।”
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सेट पर देर से आने की भी बताई वजह
अपने सीनियर राजेश खन्ना की तरह गोविंदा भी फिल्मों की शूटिंग पर बेहद देर से पहुंचने के लिए बदनाम थे। गोविंदा ने अपने देर से सेट पर पहुंचने का बचाव करते हुए कहा कि उनके लिए समय पर पहुंचना लगभग नामुमकिन था, क्योंकि वह एक दिन में चार से पांच शिफ्ट में काम कर रहे थे।
उन्होंने कहा, “ऐसा नहीं था कि सिर्फ मैं ही इतनी सारी शिफ्ट करता था। किसी ने मुझे मजबूर नहीं किया था कि मैं इतनी शिफ्ट करूं। लोग खुद मेरे पास आते थे और मेरे साथ काम करने की जिद करते थे। वे कहते थे कि वे किसी तरह मेरे समय को मैनेज कर लेंगे, लेकिन आखिर में ऐसा नहीं हो पाता था।”
गोविंदा ने यह भी कहा कि उनके देर से सेट पर पहुंचने की वजह से उनके साथ काम करने वाले कलाकारों को आर्थिक रूप से काफी फायदा हुआ, क्योंकि उन्हें शूटिंग के हर दिन के हिसाब से भुगतान मिलता था।
