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जब सिक्युरिटी गार्ड और वेटर का काम करता था ‘बाहुबली’ का यह विलेन

नसर ने साल 1985 में आई फिल्म 'कल्याण अगाथिगल' में सपोर्टिंग रोल से डेब्यू किया था।

फिल्म बाहुबली के एक सीन में नसर।(फोटो सोर्स- यूट्यूब)

करीब 200 से ज्यादा फिल्में कर चुके नसर आज साउथ फिल्म इंड्रस्टी के मशहूर एक्टर, डायरेक्टर और डायरेक्टर में से एक हैं। उनकी बेहतरीन एक्टिंग की वजह से उनके फैंस उन्हें खूब पंसद भी करते हैं। दुनियाभर में कमाई के नए रिकॉर्ड बनाने वाली फिल्म ‘बाहुबली’ का हर एक किरदार अमर हो चुका है। ऐसे ही फिल्म का एक महत्वपूर्ण किरदार है बिज्जलदेव यानी भल्लालदेव के पिता। इस फिल्म में नसर की एक्टिंग को काफी सराहा गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं नसल कभी वेटर और सिक्युरिटी गार्ड की भी नौकरी कर चुके हैं? नहीं जानते तो चलिए आज हम बताते हैं इस बेहतरीन एक्टर के बारे में।

नसर अपने करियर में अब तक 200 से भी ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके हैं लेकिन उन्हें जो लोकप्रियता ‘बाहुबली’ के बिज्जलदेव के किरदार ने दी वो शायद अभी तक किसी और किरदार ने नहीं दी। लेकिन उनके करियर में एक वक्त ऐसा भी था जब उन्हें एक वेटर का काम करना पड़ा था।

नसर को एक फाइव स्टार होटल में वेटर का काम तक करना पड़ा था। यहां तक कि वो एक सिक्योरिटी गार्ड भी रहे। ये वो दौर था जब वो अपने करियर के शुरुआती दौर में थे और फिल्म इंडस्ट्री में अपने पहचान तलाश रहे थे।

नसर शुरुआत से ही एक्टिंग की फील्ड में जाना चाहते थे। मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से इंटरमीडिएट करने के बाद उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एयरफोर्स में काम करके की। लेकिन यहां कुछ दिन काम करने के बाद उन्होंने जॉब छोड़ दिया और साउथ इंडियन फिल्म चेंबर ऑफ कॉमर्स फिल्म इंस्टीट्यूट और बाद में तमिलनाडु इंस्टीट्यूट फॉर फिल्म एंड टेलीविजन टेक्नोलॉजी ज्वाइन किया। यहां पर उन्हें गोल्ड मेडल मिला था। हालांकि इसके बावजूद उन्हें फिल्मों में काम नहीं मिला।

इस दौरान उन्होंने अपना खर्चा चलाने के लिए होटल में वेटर की नौकरी की। वेटर की नौकरी के साथ ही उन्होंने सिक्युरिटी गार्ड का काम भी किया। खैर, कहते हैं मेहनत का फल एक दिन जरूर मिलता है। नसर को भी उनकी कड़ी मेहनत और लगन का फल मिला। उन्होंने साल 1985 में आई फिल्म ‘कल्याण अगाथिगल’ में सपोर्टिंग रोल से डेब्यू किया था।

इसके बाद उन्होंने 1987 में आई फिल्म ‘वन्ना कनावुगल’ में विलेन का किरदार निभाया था। हालांकि नस्सर को असली पहचान डायरेक्टर मणि रत्नम की फिल्म ‘नायाकन’ से मिली। इस फिल्म में उन्होंने पुलिस ऑफिसर का किरदार निभाया था।

नसर ने कमिला से शादी की। उनके तीन बेटे हैं। उनका बड़ा बेटा नूरुल हसन फैजल गेम डिजाइनिंग का काम करता है। वहीं, उनका दूसरा बेटा अबी भी पिता नसर की तरह गोल्ड मेडलिस्ट हैं।

नसर ने कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया जिनमें ‘वाथियार वीट्टू पिल्लई’ (1989), ‘राजा कैया वाचा’, ‘नरसिम्हा’ (2001), ‘थिरुथम’ (2007), ‘थलैवा’ (2013) फिल्में शमिल हैं।

साथ ही नसर ने बॉलीवुड में भी कई फिल्मों में काम किया जिनमें ‘अगिनरक्षक’ (1995), ‘क्रिमिनल’ (1995), ‘फिर मिलेंगे’ (2004), ‘राउडी राठौर'(2012), ‘साला खडूस’ (2016), ‘द गाजी अटैक’ (2017) फिल्में शामिल हैं।

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