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कोविड से मरने वालों की फ़िक्र नहीं, 14 मरे तो राजभवन तक बेचैनी बढ़ गई- बंगाल की राजनीतिक हिंसा पर पत्रकार ने कसा तंज

पश्चिम बंगाल की राजनीतिक हिंसा में अब तक लगभग 14 लोगों के मौत की खबरें सामने आ रही है वहीं राज्य में कोरोना के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं जिससे लोगों की जान जा रही रही है। इस मुद्दे पर पुण्य प्रसून बाजपेयी ने तंज कसा है।

जेपी नड्डा बंगाल में हिंसा पीड़ित बीजेपी कार्यकर्ताओं से मिले (Photo-ANI)

रविवार को पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजों के ऐलान के बाद राज्य से हिंसा की खबरें सामने आई है जिसे लेकर बीजेपी और टीएमसी में आरोप प्रत्यारोप जारी है। इस राजनीतिक हिंसा में अब तक लगभग 14 लोगों के मौत की खबरें सामने आ रही है जिसे लेकर बीजेपी का कहना है कि टीएमसी जीत के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या कर रही है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पश्चिम बंगाल में हैं और हिंसा पीड़ित बीजेपी कार्यकर्ताओं से उन्होंने मुलाकात की है। बीजेपी ने ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस की तुलना नाजियों से करते हुए पश्चिम बंगाल सरकार को फासीवादी सरकार कहा है। इसी बीच राज्य में कोरोना संक्रमण के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी घटनाक्रम पर वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेयी ने तंज कसा है।

उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया, ‘बंगाल में 5 दिनों में 500 लोग कोविड से मरे पर फिक्र किसी ने ना की..बंगाल में राजनीतिक हिंसा में 4 दिनों में 14 मरे..राजभवन से दिल्ली तक बेचैनी बढ़ गई।’ पुण्य प्रसून बाजपेयी के इस ट्वीट पर कई यूजर्स ने आपत्ति जताई है हालांकि कुछ जवाब उनके समर्थन में भी आए हैं।

राहुल डोंगरे नाम से एक यूजर लिखते हैं, ‘इसका मतलब आपका यह कहना है कि जो 14 लोग मारे गए उनकी बात नहीं होनी चाहिए थी। वायरस अदृश्य है, उसे पकड़ कर उसके कर्मों की सजा नहीं दे सकते लेकिन जो हिंसा कर रहे हैं उनको तो दे सकते हैं न।’

 

निहारिका नाम की एक यूजर ने लिखा, ‘मरने और मारने में अंतर होता है लेकिन आपको ये बात समझ नहीं आएगी, आप चालू रहिए।’ गणेश ने पत्रकार को जवाब दिया, ‘पूरे देश में पिछले कई दिनों से कोरोना के कारण हजारों लोग अपनी जान गवां रहे हैं, इस बात की इतनी चिंता आज तक हमारे प्रधानमंत्री को नहीं हुई। लेकिन राजनीति करने में कोई ढिलाई नहीं बरती। जनता मरती रहे, उन्हें फर्क नहीं पड़ता।’

 

निहार पटेल ने पत्रकार को जवाब दिया, ‘माना कि कोविड पर सरकार बिल्कुल असंवेदनशील है पर बंगाल में जो हुआ उसे नज़रअंदाज़ कर दें? आपसे ये उम्मीद नहीं थी।’

 

आपको बता दें कि भले ही महाराष्ट्र में कोरोना का कहर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है लेकिन पश्चिम बंगाल में कोरोना के मामले ज्यादा तेजी से बढ़ रहे हैं। हर दिन संक्रमण के करीब 7,000 नए मामले दर्ज हो रहे हैं। बंगाल में 8 चरणों में चुनाव संपन्न हुए जिस कारण राज्य में कोरोना और तेज़ी से फैला है।

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