सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 20 दिनों से NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं।हाल ही में सोनाक्षी सिन्हा, इमरान खान, फातिमा सना शेख, शबाना आजमी, जीनत अमान, प्रकाश राज और नसीरुद्दीन शाह जैसे कई कलाकारों ने वांगचुक के समर्थन में आवाज उठाई। वहीं, कई सितारे ऐसे भी हैं जिन्होंने इस मुद्दे को लेकर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
इसी बीच एक्टर और बिजनेसमैन विवेक ओबेरॉय का इस प्रदर्शन पर रिएक्शन आया है। उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वो कहते दिख रहे हैं कि वो अभिनेता हैं नेता नहीं। वह राजनीतिक मुद्दों पर ध्यान नहीं देते।
विवेक ने आंदोलन की मांगों पर सीधे टिप्पणी नहीं की। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “यार मैं अभिनेता हूं, नेता नहीं हूं। इसलिए मैं राजनीतिक चीजों पर ज्यादा ध्यान नहीं देता। हम तो सिर्फ देखते हैं और सीखते हैं। जिंदगी में बहुत कुछ देखने और सीखने को मिल रहा है।”
उन्होंने आगे कहा,”मैंने इतना जरूर देखा कि यह एक नया अनुभव है। मेरा मानना है कि स्वस्थ लोकतंत्र में हर आवाज को अपनी जगह मिलती है। अगर लोगों ने अपनी बात रखी है तो यह लोकतंत्र के स्वस्थ होने का संकेत है।”
इमरान खान ने छात्रों के समर्थन में कही ये बात
एक्टर इमरान खान ने इस प्रदर्शन को लेकर इंस्टाग्राम पर पोस्ट लिखी है। जिसमें उन्होंने लिखा, “उन लाखों छात्रों को मैं देख रहा हूं जिनकी ईमानदार मेहनत को नजरअंदाज कर दिया गया। जो छात्र अन्याय के खिलाफ लगातार खड़े हैं, उनके साथ खड़ा होना मेरे लिए सम्मान की बात है।”
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फातिमा सना शेख ने बताया हार्ट ब्रेकिंग
फातिमा सना शेख ने इस पूरे घटनाक्रम को “दिल तोड़ने वाला” बताया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा,”अब 19 दिन हो चुके हैं। बहुत देर होने का इंतजार नहीं किया जा सकता। सोनम वांगचुक जैसे व्यक्ति, जिन्होंने देश के लिए इतना योगदान दिया है, उन्हें अपनी बात सुनाने के लिए अपनी सेहत दांव पर नहीं लगानी चाहिए। राजनीति चाहे जो भी हो, छात्रों का भविष्य सबसे अहम है। उन्हें इस हालत में देखना बेहद दुखद है।”
क्या है सोनम वांगचुक का आंदोलन?
सोनम वांगचुक 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर आमरण अनशन पर बैठे हैं। यह प्रदर्शन NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP की ओर से किया जा रहा है।
डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय से उपवास करने के कारण वांगचुक की हालत गंभीर होती जा रही है। बावजूद इसके वांगचुक का कहना है कि सरकार की ओर से कोई ठोस जवाब मिले बिना अनशन खत्म करना गलत संदेश देगा। 16 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि सोनम वांगचुक की सेहत की रोजाना निगरानी की जाए और जरूरत पड़ने पर तुरंत हस्तक्षेप किया जाए।
