ह‍िंदी में पढ़ें कॉमेड‍ियन वीर दास की वह कव‍िता, ज‍िस पर मचा बवाल; देशद्रोह तक का लगा आरोप

वीर दास अपनी एक कविता को लेकर विवादों में घिर गए हैं। कविता के कारण वीर दास को देशद्रोही तक कहा जा रहा है।

Comedian Vir Das, anti-India, Vir Das Statement in America's live show,
एक्टर और कॉमेडिन वीर दास (फोटो सोर्स- इंस्टा)

कॉमेडियन वीर दास अमेरिका में हुए अपने शो को लेकर काफी चर्चा में आ गए हैं। अमेर‍िका में एक शो में उन्‍होंने अंग्रेजी में चंद पंक्‍त‍ियां पढ़ी थीं, जिसे लेकर वह लोगों के निशाने पर आ गए हैं। लोग उन्हें ट्विटर पर ट्रोल तो कर ही रहे हैं, साथ ही उन्हें देशद्रोही तक कह रहे हैं। एक्ट्रेस कंगना रनौत ने भी उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि एक पक्ष द्वारा वीर दास का समर्थन भी किया गया। बॉलीवुड सितारों से लेकर कांग्रेस के कुछ नेताओं ने भी वीर दास का बचाव किया।

दिल्ली के बीजेपी प्रवक्ता आदित्य झा ने नई दिल्ली जिले में डीसीपी कार्यालय में वीर दास के ख‍िलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। झा ने मामले को लेकर अपने एक बयान में कहा, “ये फूहड़ है। ये भारत को बदनाम करने की साजिश है। इसकी जांच होनी चाहिए।’

वीर दास पर हुआ पूरा व‍िवाद ज‍िस कव‍िता को लेकर है, उसका शीर्षक ‘टू इंड‍ियाज’ है। वीर दास ने इसे अंग्रेजी में सुनाया, लेक‍िन यहां हम उसका ह‍िंदी अनुवाद दे रहे हैं।

ये है वीर दास की कवि‍ता:

मैं एक उस भारत से आता हूं, जहां बच्चे एक दूसरे का हाथ भी मास्क पहन कर पकड़ते हैं, लेकिन नेता बिना मास्क एक-दूसरे को गले लगाते हैं।
मैं उस भारत से आता हूं, जहां AQI 9000 है लेकिन हम फिर भी अपनी छतों पर लेटकर रात में तारे देखते हैं।
मैं उस भारत से आता हूं, जहां हम दिन में औरतों की पूजा करते हैं और रात में उनका गैंगरेप हो जाता है।
मैं उस भारत से आता हूं, जहां हम ट्विटर पर बॉलीवुड को लेकर बंट जाते हैं, लेकिन थियेटर के अंधेरों में बॉलीवुड के कारण एक होते हैं।
मैं एक ऐसे भारत से आता हूं, जहां पत्रकारिता ख़त्म हो चुकी है, मगर पत्रकार एक दूसरे की वाहवाही कर रहे हैं, और महिला पत्रकार सड़कों पर लैपटॉप लिए बैठी हैं, सच्चाई बता रही हैं।
मैं उस भारत से आता हूं, जहां हमारी हंसी की खिलखिलाहट हमारे घर की दीवारों के बाहर तक आप सुन सकते हैं।
और मैं उस भारत से भी आता हूं, जहां कॉमेडी क्लब की दीवारें तोड़ दी जाती हैं, जब उसके अंदर से हंसी की आवाज़ आती है।
मैं उस भारत से आता हूं, जहां बड़ी आबादी 30 साल से कम उम्र की है लेकिन हम 75 साल के नेताओं के 150 साल पुराने आइडिया सुनना बंद नहीं करते।
मैं ऐसे भारत से आता हूं, जहां हमें पीएम से जुड़ी हर सूचना दी जाती है लेकिन हमें पीएमकेयर्स की कोई सूचना नहीं मिलती।
मैं ऐसे भारत से आता हूं, जहां औरतें साड़ी और स्नीकर पहनती हैं और इसके बाद भी उन्हें एक बुज़ुर्ग से सलाह लेनी पड़ती है, जिसने जीवन भर साड़ी नहीं पहनी।
मैं उस भारत से आता हूं, जहां हम शाकाहारी होने में गर्व महसूस करते हैं लेकिन उन्हीं किसानों को कुचल देते हैं, जो ये सब्ज़ियां उगाते हैं।
मैं उस भारत से आता हूं, जहां सैनिकों को हम पूरा समर्थन देते हैं तब तक, जब तक उनकी पेंशन पर बात ना की जाए।
मैं उस भारत से आता हूं, जो चुप नहीं बैठेगा।
मैं उस भारत से आता हूं, जो बोलेगा भी नहीं।
मैं उस भारत से आता हूं जो मुझे हमारी बुराइयों पर बात करने के लिए कोसेगा।
मैं उस भारत से आता हूं, जहां लोग अपनी कमियों पर खुल कर बात करते हैं।
मैं उस भारत से आता हूं, जो ये देखेगा और कहेगा ‘ये कॉमेडी नहीं है.. जोक कहाँ है?’
और मैं उस भारत से भी आता हूं, जो ये देखेगा और जानेगा कि ये जोक ही है। बस मज़ाकिया नहीं है।

अंग्रेजी में सुनना है तो नीचे वीड‍ियो देखें

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