दिग्गजों की डुगडुगी: अनिल का ‘नायक’, कार्तिक में क्या है!,भाग्यश्री की झलक

एक बार कमल हासन ने मजाक में कहा था कि अगर हिंदी फिल्म दर्शक उनकी दक्षिण भारतीय फिल्में देखना चाहते हैं तो अनिल कपूर की हिंदी फिल्में देख लें।

ऊपर भाग्यश्री,अनिल कपूर, कार्तिक आर्यन।

अनिल का ‘नायक’

एक बार कमल हासन ने मजाक में कहा था कि अगर हिंदी फिल्म दर्शक उनकी दक्षिण भारतीय फिल्में देखना चाहते हैं तो अनिल कपूर की हिंदी फिल्में देख लें। मतलब यह था कि कमल की कई फिल्में हिंदी में रीमेक की गई हैं और अनिल कपूर का करियर दक्षिण भारतीय रीमेक फिल्मों पर ही खड़ा हुआ है। हाल ही में अनिल कपूर की फिल्म ‘नायक’ ने अपने प्रदर्शन के 20 साल पूरे किए हैं। पहले इस फिल्म में आमिर खान और बाद में शाहरुख को लिया जाने वाला था। दोनों ने अपने अपने कारण दिए और फिल्म के निर्देशक शंकर किसी दूसरे हीरो को ‘नायक’ में लेने की तैयारी करने लगे। इसी बीच अनिल कपूर के बड़े भाई बोनी कपूर ने हालात को सूंघ लिया और शंकर को संदेश भेज दिया, जिसमें कहा गया था कि फिल्म में अनिल कपूर काम करने के लिए तैयार हैं।

बोनी कपूर हमेशा से ही दक्षिण भारतीय फिल्में देखते रहे हैं और उन्होंने खुद कई फिल्मों को हिंदी में रीमेक किया है। दक्षिण के कई निर्माता-निर्देशकों से उनकी जान पहचान है। शंकर को भी अनिल ठीक लगे क्योंकि वह बॉलीवुड के कुछ अनुशासित कलाकारों में से एक हैं। इस तरह जो भूमिका आमिर या शाहरुख को मिलने जा रही थी, उसमें अनिल कपूर आ गए। एक टीवी रिपोर्टर के एक दिन के मुख्यमंत्री बनने को केंद्र में लेकर बनी यह फिल्म टीवी पर इतनी बार दिखाई जा चुकी है कि लोगों को इसका एक एक दृश्य याद हो गया है। आज भी जब कभी ‘नायक’ टीवी पर दिखाई जाती है, लोग कम से कम इसका एक सीन देखना जरूर पसंद करते हैं।

कार्तिक में क्या है!

कार्तिक आर्यन में ऐसा क्या है, कि बॉलीवुड उन्हें छोड़ नहीं पा रहा है। मुंबइया फिल्मों के नामी निर्माता करण जौहर ने उन्हें ‘दोस्ताना’ से निकाल दिया तो वासु भगनानी (जिनकी ‘बेल बॉटम’ पिछले दिनों रिलीज हुई) आगे आ गए और कहा कि मैं एक-दो नहीं तीन फिल्मों में कार्तिक को लेना चाहता हूं। इस तरह की थोक फिल्मों के प्रस्ताव ऋत्विक रोशन को भी मिले थे जब एड लैब ने उन्हें 30 करोड़ में तीन फिल्मों के लिए साइन करने की घोषणा की थी। वासु भगनानी के प्रस्ताव को कार्तिक आर्यन ने कितनी गंभीरता से लिया, यह तो पता नहीं मगर कार्तिक में ऐसा कुछ है कि बॉलीवुड निर्माता उन्हें साइन करने का मोह छोड़ नहीं पा रहे हैं।

कार्तिक करण जौहर की ‘दोस्ताना’ से निकाले, तब वह शाहरुख खान के होम प्रोडक्शन की फिल्म ‘फ्रेडी’ में काम कर रहे थे। करण जौहर के ऐलान के बाद शाहरुख खान ने ‘फ्रेडी’ की उपेक्षा करनी शुरू कर दी और आखिर ‘फ्रेडी’ एकता कपूर बना रही हैं। ‘भूल भुलैया’ का पार्ट बनना शुरू हुआ तो निर्माता भूषण कुमार ने इसके पहले भाग के हीरो रहे अक्षय कुमार के बजाय कार्तिक आर्यन को साइन किया। रॉनी स्क्र्यूवाला ने जब ‘द टेरर लाइव’ को हिंदी में रीमेक करना तय किया तो फिल्म में पत्रकार की भूमिका में उन्हें भी कार्तिक आर्यन ही याद आए और उन्होंने ‘धमाका’ नाम से फिल्म शुरू कर दी।इनके अलावा आधा दर्जन और निर्माता हैं जो कार्तिक को लेकर फिल्म शुरू करने जा रहे हैं। बॉलीवुड के कुछ निर्माताओं का कहना है कि कार्तिक बहुत मासूम नजर आते हैं और बहुत कुछ रणवीर कपूर की कमी पूरी कर देते हैं।

भाग्यश्री की झलक

किसी की पहली फिल्म सुपर डुपर हिट हो जाए तो फिल्म वाले उसे भाग्य की बात मानते हैं। इस लिहाज से भाग्यश्री की पहली फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ (1989) ने एक पूरी पीढ़ी को रोमांस से सपने दिखाए, जिनमें सलमान खान दुबले पतले थे और शरीर पर मांस की खेती कहीं भी नहीं दिखती थी। फिल्म खूब चली। भाग्यश्री का भाग्य खुल गया। सलमान का भी भाग्य खुल गया। निर्माताओं की लाइन घर के बाहर लग गई। मगर भाग्यश्री की शर्त थी। वे उन फिल्मों में काम करेंगी, जिनके हीरो हिमालय दासानी होंगे (जिनसे बाद में उन्होंने शादी की)। एक दो निर्माता तैयार हुए। बाकी अपने चेक लेकर लौट गए। आज भाग्यश्री के चाहने वाले उन्हें ‘थलैवी’ में देख सकते हैं। वे प्रभास की फिल्म ‘राधेश्याम’ की एक चरित्र भूमिका में भी दिखाई देंगी। एक निर्णय किस तरह से करिअर बना बिगाड़ सकता है, भाग्यश्री को देख कर समझा जा सकता है।

पढें मनोरंजन समाचार (Entertainment News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट