लगभग चार साल तक सेंसरशिप से जुड़े विवादों के बाद दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ 3 जुलाई को ZEE5 पर रिलीज हुई थी। हालांकि, रिलीज के महज 48 घंटे के भीतर ही फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। इसके बाद दिलजीत ने कहा था कि अब “हर किसी के पास फिल्म डाउनलोड की हुई है।”
अब फिल्म में एडवोकेट रविंदर जैस का किरदार निभाने वाले अभिनेता वरुण बडोला ने इस पूरे विवाद और दिलजीत के पायरेसी वाले बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
‘पायरेसी का समर्थन नहीं करते वरुण बडोला
न्यूज18 को दिए इंटरव्यू में वरुण बडोला ने बताया कि उन्होंने भी अभी तक ‘सतलुज’ नहीं देखी है। उन्होंने कहा, “मैं इंस्टाग्राम पर गांवों में फिल्म की स्क्रीनिंग के वीडियो देख रहा हूं। हम हमेशा पायरेसी के खिलाफ लड़ते रहे हैं। मैं समझता हूं कि यह मामला अलग है, लेकिन फिर भी मैं पायरेसी का समर्थन नहीं कर सकता। मैं फिल्म का पायरेटेड वर्जन नहीं देखूंगा। यह मेरा हमेशा से नियम रहा है।इसलिए मैं इंतजार करूंगा। फिलहाल हम सभी सिर्फ इंतजार ही कर सकते हैं।”
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वरुण को नहीं पता था बदल गया फिल्म का नाम
वरुण ने बताया कि उन्हें इस बात की भी जानकारी नहीं थी कि फिल्म का नाम ‘पंजाब 95’ से बदलकर ‘सतलुज’ कर दिया गया है।
उन्होंने कहा, “मेरे क्रिकेट वाले दोस्तों ने जब मेरे लुक और किरदार की बात की तो मुझे लगा कि वे किसी दूसरी फिल्म की बात कर रहे हैं। जब उन्होंने ‘सतलुज’ का नाम लिया तो मैंने कहा कि मैंने इस नाम की कोई फिल्म नहीं की है। इसका नाम पहले ‘पंजाब 95’ था।”
उन्होंने आगे बताया कि फिल्म रिलीज के समय वह अपने परिवार के साथ बेलापुर में थे। “मैं और मेरी पत्नी ने सोचा था कि बाद में आराम से फिल्म देख लेंगे, लेकिन 48 घंटे में ही इसे हटा दिया गया। ऐसा नहीं था कि फिल्म को गुपचुप तरीके से रिलीज किया गया था। निर्देशक हनी त्रेहान कई बार मुझे फिल्म देखने के लिए कहते रहे, लेकिन मैंने सोचा कि रिलीज तो होगी ही, तब देख लेंगे। वैसे भी मुझे अपना काम देखने में झिझक होती है। डबिंग के दौरान मैंने सिर्फ अपने कुछ सीन ही देखे थे।”
वरुण बडोला ने ZEE5 से फिल्म हटाए जाने को दिनदहाड़े डकैती करार दिया। उन्होंने कहा, “ऐसा नहीं है कि पहले कभी फिल्मों पर रोक नहीं लगी। भारत में कई फिल्मों पर प्रतिबंध लगाया गया है। कभी-कभी सत्ता में बैठे लोगों को लगता है कि कुछ बदलाव जरूरी हैं। हमारी फिल्म पर रोक क्यों लगी, यह वही बेहतर जानते होंगे।”
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उन्होंने आगे कहा, “हमने अपनी फिल्म के जरिए सिर्फ एक नजरिया पेश किया था। लोगों को उसे देखने और समझने का मौका मिलना चाहिए था, लेकिन उनसे यह मौका छीन लिया गया। लोग कह रहे हैं कि फिल्म इस मुद्दे पर है, लेकिन अगर पूरी फिल्म देखते तो शायद उन्हें समझ आता कि फिल्म वैसी है ही नहीं, जैसी बताई जा रही है।”
वरुण ने माना कि अभी तक यह साफ नहीं है कि फिल्म आखिर क्यों हटाई गई और क्या दोबारा रिलीज होगी। उन्होंने बताया कि फिल्म हटने के दो दिन बाद उनकी निर्देशक हनी त्रेहान से बात हुई थी।
उन्होंने कहा, “असल में जानकारी तो उनके पास होनी चाहिए थी, लेकिन उनके पास भी कोई जवाब नहीं था। जो कुछ भी हो रहा है, वह ओटीटी प्लेटफॉर्म और सरकारी अधिकारियों के बीच का मामला है। मुझे भरोसा है कि जैसे ही हनी को कोई जानकारी मिलेगी, वह मुझे जरूर बताएंगे।”
गौरतलब है कि पंजाब में ‘सतलुज’ की कथित अवैध सार्वजनिक स्क्रीनिंग के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की गई है। इस पूरे विवाद के बीच वरुण ने कहा, “जिस फिल्म के ऊपर जनता ने हाथ रख दिया हो, उसे कोई नहीं रोक सकता।”
