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Green Film Festival में उत्तराखंड की वादियों पर बनी फिल्म ‘कोटीबनाल’ को सर्वश्रेष्ठ फिल्म पुरस्कार

पुरस्कृत फिल्म ‘कोटीबनाल’ के लिए श्रीनिवास ओली को प्रमाण-पत्र, ट्रॉफी के साथ एक लाख का नकद पुरस्कार दिया गया। यह फिल्म उत्तराखंड में पारंपरिक भूकम्परोधी भवनों पर केंद्रित है।

1020 फिल्मों के आवेदन मंगाए गए थे, जिसमें से 77 चुनिंदा फिल्में दिखाई गईं।

पर्यावरण एवं वन्य जीव संरक्षण पर आधारित एशिया के सबसे बड़े फिल्म समारोह- ‘ग्रीन फिल्म फेस्टिवल’ में उत्तराखंड के वृत्तचित्र फिल्म ‘कोटी बनाल’ (koti banal) को ‘सेलिब्रेटिंग हिमालयाज’ श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस समारोह का आयोजन नई दिल्ली के आंबेडकर भवन में 27 से 30 नवंबर तक किया गया। इस 10वें सीएमएस वातावरण पर्यावरण एवं वन्यजीव फिल्म समारोह का आयोजन भारत सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के सहयोग से किया गया। समारोह के लिए 1020 फिल्मों के आवेदन मंगाए गए थे, जिसमें से 77 चुनिंदा फिल्में दिखाई गईं।

पुरस्कृत फिल्म ‘कोटीबनाल’ के लिए श्रीनिवास ओली को प्रमाण-पत्र, ट्रॉफी के साथ एक लाख का नकद पुरस्कार दिया गया। यह फिल्म उत्तराखंड में पारंपरिक भूकम्परोधी भवनों पर केंद्रित है।  फिल्म समारोह में कॉलेज छात्र और नवीन फिल्मकार, टून क्लब और अन्य वर्गों के लिए भी पुरस्कार दिए गए। इस आयोजन के लिए भाजपा नेता सुरेश प्रभु की अगुआई में 12 लोगों की कमेटी ने पुरस्कृत 22 फिल्मों का चयन किया। यहां 60 देशों से 1020 फिल्में आईं।

इस आयोजन के समापन समारोह में राजेंद्र सिंह (वॉटरमैन आॅफ इंडिया), स्विटजरलैंड दूतावास की अधिकारी मैरीलौर क्रेट्टाज, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय में संयुक्त सचिव मंजू पांडे और अतिरिक्त सचिव रवि अग्रवाल अतिथि थे। इस साल का पर्यावरण संरक्षण का पृथ्वी भूषण पुरस्कार राजेंद्र सिंह को प्रदान किया गया। सीएमएस के महानिदेशक डॉ. पीएन वासंती ने कहा कि यह समारोह पर्यावरण और वन्य जीवों में रुचि रखने वाले मीडिया और फिल्म निर्माताओं के लिए महत्त्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच है। इस महोत्सव में प्रदूषण पर लघु फिल्म प्रतियोगिता आयोजित की गई थी, जहां चुनिंदा फिल्में प्रदर्शित की गईं। यह प्रतियोगिया पांच जून, 2019 को विश्व पर्यावरण दिवस पर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने शुरू की थी।

फिल्म समारोह का सह आयोजक सीएमएस वातावरण भारत का प्रमुख पर्यावरण और वन्यजीव फिल्म महोत्सव मंच है। नई दिल्ली में फिल्म समारोह में पर्यावरण को लेकर काम कर रहे फिल्म निर्माताओं, नागरिक समाज समूहों, सरकारी संगठनों, पर्यावरणविदों, शोधकर्ताओं, संरक्षणवादियों, नीति निर्माताओं, स्वयंसेवी संगठनों और छात्रों का बड़ा वर्ग जुड़ा। 2002 में गठित सीएमएस ने अब तक 25 राज्यों के 41 शहरों में ऐसे आयोजन किए हैं।

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