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ट्विंकल खन्ना ने कहा- पापा राजेश खन्ना हमेशा से जानते थे कि मैं लेखक बनूंगी

लेखन में सफलता मिलने के बाद उन्होंने अपने विचारों को एक कॉलम के लिए लिखना शुरू कर दिया। इस तरह उनकी पहली किताब 'मिसेज फनीबोन्स : शी इज जस्ट लाइक यू एंड अ लॉट लाइक मी' आई।

Author नई दिल्ली | April 17, 2017 6:31 PM
ट्विंकल खन्ना ने बताया पापा चाहते थे बनूं लेखिका। (Image Source: Instagram)

एक्ट्रेस से लेखिका बनीं ट्विंकल खन्ना का कहना है कि उनके स्वर्गीय सुपरस्टार पिता राजेश खन्ना हमेशा चाहते थे कि वह एक लेखिका बनें। ट्विंकल सोशल मीडिया पर ‘मिसेज फनीबोन्स’ के नाम से काफी मशहूर हैं। ट्विंकल ने सोमवार को ट्विटर पर लिखा- पापा हमेशा कहते थे कि मुझे लेखक होना चाहिए.. वह मेरी कविताओं पर बड़ा गर्व करते थे..।” उन्होंने इसके साथ अपना एक लेख भी शेयर किया। ट्विंकल ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1995 में आई फिल्म ‘बरसात’ से की थी। इसके लिए उन्हें बेस्ट डेब्यू फीमेल एक्ट्रेस का फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला था। हालांकि साल 2001 में अभिनेता अक्षय कुमार से शादी के बाद उन्होंने कैमरे के सामने रहने की बजाए कुछ अलग करने की सोची और इंटीरीयर डिजाइनर (घरों की आंतरिक सज्जा) में हाथ आजमाया।

लेखन में सफलता मिलने के बाद उन्होंने अपने विचारों को एक कॉलम के लिए लिखना शुरू कर दिया। इस तरह उनकी पहली किताब ‘मिसेज फनीबोन्स : शी इज जस्ट लाइक यू एंड अ लॉट लाइक मी’ आई। इसके बाद उनकी दूसरी किताब द लीजेंड ऑफ लक्ष्मीप्रसाद पिछले साल रिलीज की गई थी। वर्कफ्रंट की बात करें तो ट्विंकल खन्ना ने अपनी एक और नई पारी की शुरुआत की है। वो है प्रोड्यूसर बनने की। उनके प्रोडक्शन में बनने वाली पहली फिल्म है पैडमैन। जिसमें कि अमिताभ बच्चन गेस्ट के तौर पर नजर आएंगे। वहीं अक्षय कुमार, सोनम कपूर औऱ राधिका आप्टे मुख्य भूमिकाओं में दिखेंगे।

कुछ दिनों पहले टाइम्स ऑफ इंडिया में अपने कॉलम में ट्विंकल ने लिखा कि कैसे 30,000 फीट पर कुछ भी चीज हथियार बन सकती है। यहां तक कि स्कॉच और जूते भी। अपने कमाल के सेंस ऑफ ह्यूमर और तीखे शब्दों के लिए पहचानी जाने वाली मिसेज फन्नीबोंस ने फ्लाइट में यात्रा करने को लेकर सबकुछ बताया। उन्होंने अपने हालिया अनुभव के बारे में बताया और यह भी समझाने की कोशिश की कि किस तरह से 1780 से अब लोगों के व्यवहार में परिवर्तन आया है।

एक्ट्रेस ने कहा- मैं बताना चाहूंगी कि कैसे 30,000 फीट की ऊंचाई में हवा में कुर्क किए हुए चाकू, कैंची और क्रिकेट बैट कुछ ऐसे हथियार हैं जो अहानिकारक के तौर पर हमारे साथ यात्रा करते हैं। मेरा मतलब यह कतई नहीं है कि आप माचिस छीनकर अपनी स्कॉच को ऑन द रॉक्स सुलगाने की कोशिश करें।

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