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मशहूर डायरेक्‍टर ने कहा- सरकार को फिल्‍मों की परवाह नहीं, उसे बस प्रचार के लिए इस्‍तेमाल करते हैं

फिल्मकार तिग्मांशु धूलिया का कहना है कि भारतीय सरकार फिल्म-उद्योग को गंभीरता से नहीं लेती और इसके बजाय इसका 'प्रचार उपकरण' के रूप में इस्तेमाल करती है।

Author लखनऊ | March 28, 2018 3:56 PM
फिल्मकार तिग्मांशु धूलिया

फिल्मकार तिग्मांशु धूलिया का कहना है कि भारतीय सरकार फिल्म-उद्योग को गंभीरता से नहीं लेती और इसके बजाय इसका ‘प्रचार उपकरण’ के रूप में इस्तेमाल करती है। धूलिया यहां अभिनेता अली फजल और श्रद्धा श्रीनाथ के साथ अपनी आगामी फिल्म ‘मिलन टॉकीज’ की शूटिंग के लिए पहुंचे। यह फिल्म सिंगल स्क्रीन थियेटरों के दौर की प्रेम कहानी है।
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि सिंगल स्क्रीन थियेटर्स फिर लौटेंगे। मैंने लगभग आठ से नौ साल पहले भविष्यवाणी की थी कि केवल बड़ी फिल्में ही थियेटर तक पहुंचेंगी और मध्यम और छोटी फिल्में हॉल तक नहीं पहुंच पाएंगी। इसमें बहुत अधिक विपणन और प्रचार लागत शामिल होती है..लेकिन फिर वे कहां जाएंगे?”

उन्होंने कहा, “हर कोई नेटफ्लिक्स या वेब पर नहीं जाएगा। इसलिए, मुझे लगता है कि सिंगल थियेटर्स लौटेंगे।” क्या सरकार कोई मदद कर सकती है? इस पर ‘पान सिंह तोमर’ से चर्चित राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता ने कहा, “सरकार क्या करेगी? सरकार .. चाहे पुरानी हो या नई.. वे सिनेमा को प्रचार उपकरण के रूप में देखते हैं.. लेकिन वे फिल्म उद्योग को गंभीरता से नहीं लेते, इसलिए हमारी फिल्में खत्म हो रही हैं।”

उन्होंने कहा, “हर सप्ताह हमारे यहां बड़ी हॉलीवुड फिल्में आती हैं और उनकी विभिन्न भारतीय भाषाओं में डबिंग हो रही है। चीन हर साल रिलीज होने वाली विदेशी फिल्मों की संख्या नियंत्रित रखता है और यहां हम कितनी भी फिल्मों को आने देते हैं। सरकार को कोई परवाह नहीं है।” उन्होंने ‘मिलन टॉकीज’ को ‘छोटे शहर की प्यारी सी प्रेम’ कहानी के रूप में वर्णित किया, लखनऊ और मथुरा में इसकी शूटिंग होगी।

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