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जब शाहरुख खान की इस फिल्म ने जीत लिया था सोनिया गांधी का दिल

सोनिया ने शाहरुख की इस फिल्म के लिए उनकी सराहना भी की थी। इसके अलावा शाहरूख प्रियंका गांधी को उनके दिल्ली के दिनों से जानते थे। दोनों की ही फैशन में दिलचस्पी है।

2004 से 2010 के बीच शाहरुख और गांधी परिवार के बीच अच्छे संबंध थे।

शाहरुख खान आज अपना 53वां जन्मदिन मना रहे हैं। पिछले कुछ समय में किंग खान की बादशाहत की चमक कुछ फीकी पड़ी है लेकिन अब भी शाहरुख दुनिया भर में बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय सुपरस्टारों में से एक कहलाने का माद्दा रखते हैं। अभिनय की जबरदस्त पारी खेल चुके शाहरुख अपने कूल रवैये के लिए भी जाने जाते हैं। एक सुलझे हुए व्यक्तित्व के चलते उनके कई फैंस उनके राजनीतिक पारी खेलने की भी आस रखते हैं हालांकि अभी तक शाहरुख ने अपनी राजनीतिक पारी को लेकर कोई राय नहीं रखी है। हालांकि एक दौर वो भी था जब शाहरुख और कांग्रेस के रिश्तों में काफी घनिष्ठता थी।

2004 से 2010 के बीच सोनिया गांधी परिवार के साथ शाहरूख के अच्छे संबंध थे। शाहरूख खान की फिल्म माइ नेम इज़ खान 2010 में रिलीज़ हुई थी। इस फिल्म को करण जौहर डायरेक्ट कर रहे थे। फिल्म में कई सालों बाद शाहरूख और काजोल साथ काम कर रहे थे और फिल्म में अपने चैलेज़िंग किरदार होने के चलते शाहरूख का ये प्रोजेक्ट काफी महत्वाकांक्षी माना जा रहा था लेकिन फिल्म के टाइटल के चलते शिवसेना इस पर विवाद करने लगी और फिल्म की रिलीज़ पर रोक लगाने की धमकी दी गई। लेकिन उस दौरान सोनिया गांधी ने फिल्म को रिलीज़ कराने में अहम भूमिका निभाई थी।

महाराष्ट्र सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए सिनेमा हॉल्स के बाहर कड़ी सुरक्षा लगाई थी। उस दौर में शाहरुख ने पाकिस्तान क्रिकेटर्स को आईपीएल में हिस्सा लेने की पैरवी की थी। इसके चलते भी शिवसेना शाहरुख के खिलाफ प्रदर्शनों में मशगूल थी। हालांकि महाराष्ट्र के गृहमंत्री आर.आर.पाटिल और मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने लोगों को संदेश दे दिया था कि फिल्म को सिनेमा हॉल में ही देखा जाए। फिल्म रिलीज़ होने तक हु़डदंग की आशंकाओं को देखते हुए शिवसेना के 2000 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि इसके बावजूद राज्य के कुछ हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए थे। सरकार ने चेतावनी भी दी थी कि अगर इस दौरान शिवसेना के नेता उद्धव ठाकरे कानून तोड़ने की कोशिश करते हैं तो उनकी सिक्योरिटी को हटाया जा सकता है।

फिल्म थोड़ी बहुत दिक्कतों के साथ रिलीज़ हो गई थी। शाहरुख ने तहे दिल से अपने फैंस का शुक्रिया अदा किया था।  जब शाहरुख 10, जनपथ पर सोनिया को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देने पहुंचे थे तो सोनिया ने उन्हें दोहराया था कि फिल्म को रिलीज़ कराने का मकसद भारत की सहिष्णु देश की छवि को बनाए रखना है। सोनिया ने शाहरुख की इस फिल्म को भी देखा था और उन्हें ये फिल्म काफी पसंद भी आई थी। सोनिया गांधी ने शाहरुख की इस फिल्म के लिए उनकी सराहना भी की थी। इसके अलावा शाहरूख प्रियंका को उनके दिल्ली के दिनों से जानते थे। दोनों की ही फैशन में दिलचस्पी है।

एक दौर में माना जाता था कि राहुल गांधी के लिए शाहरुख खान भी कैंपेन करेंगे जैसा कि इससे पहले अमिताभ बच्चन ने राहुल के पिता राजीव गांधी के लिए किया था। अमिताभ ने सन 1984 में कांग्रेस को जॉइन भी किया था। लेकिन शाहरुख ने कभी राहुल गांधी के लिए चुनाव में प्रचार नहीं किया। इसका एक कारण ये भी माना जाता है कि राहुल गांधी और शाहरुख खान बचपन के दोस्त नहीं थे वहीं अमिताभ बच्चन और राजीव गांधी बचपन में अच्छे दोस्त थे।

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