This is the reason why anil kapoor didnt choose the yash chopra and sridevi starrer film chandni - सिर्फ इस कारण से अनिल कपूर ने छोड़ दी थी चांदनी, श्रीदेवी के साथ बननी थी जोड़ी - Jansatta
ताज़ा खबर
 

सिर्फ इस कारण से अनिल कपूर ने छोड़ दी थी चांदनी, श्रीदेवी के साथ बननी थी जोड़ी

दरअसल अनिल कपूर को श्रीदेवी की फिल्म चांदनी में एक रोल ऑफर किया गया था लेकिन वो रोल आखिरकार ऋषि कपूर को मिला। अनिल ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा कि मैंने फिल्म चांदनी में काम करने से मना किया था

सोर्स : इंडियन एक्सप्रेस

फिल्म फन्ने खां ने भले ही बॉक्स ऑफिस पर खास सफलता हासिल न की हो लेकिन अनिल कपूर का जलवा बरकरार है। वे इस फिल्म के बाद ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा’ नाम की फिल्म में काम करने जा रहे हैं। इस फिल्म में वे पहली बार अपनी बेटी सोनम कपूर के साथ स्क्रीन शेयर करते हुए दिखाई देंगे। इसके अलावा इस फिल्म में फन्ऩे खां के कोस्टार राजकुमार राव भी होंगे। पिछले कई दशकों से बॉलीवुड में अपनी सशक्त मौजूदगी दर्ज कराने वाले अनिल कपूर के लिए एक समय ऐसा भी आया था जब उनके निजी अनुभवों के चलते उन्होंने एक फिल्म को साइन करने से मना कर दिया था।

दरअसल अनिल कपूर को श्रीदेवी की फिल्म चांदनी में एक रोल ऑफर किया गया था लेकिन वो रोल आखिरकार ऋषि कपूर को मिला। अनिल ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा कि मैंने फिल्म चांदनी में काम करने से मना किया था क्योंकि मैं किसी व्हीलचेयर पर नहीं बैठना चाहता था। मुझे जो रोल ऑफर हुआ था उसके दूसरे हाफ में मेरा किरदार पूरा समय केवल व्हीलचेयर पर बिताता है।

अनिल ने कहा कि ‘मैं उस दौरान उस फ्रेम ऑफ माइंड में नहीं था कि मैं पूरी फिल्म के दौरान एक व्हीलचेयर पर बैठ पाऊं। लेकिन मुझे फिल्म की कहानी काफी पसंद आई थी। मैंने यश सर को फोन कर कहा भी था कि ये पिक्चर हिट है। उन्हें मेरी बात पर विश्वास नहीं हुआ था। मैंने और यश जी ने दो फिल्मों में साथ काम किया है। एक फिल्म का नाम विजय था और दूसरी मशाल। पर दोनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कमाल नहीं दिखा सकी थीं।’

दरअसल अनिल के चांदनी में काम करने की वजह बेहद निजी थी। अनिल का इस फिल्म से कुछ ही महीनों पहले एक एक्सीडेंट हुआ था जिसके चलते वे कई हफ्तों तक बेड पर ही थे। उन्होंने कहा कि ‘मेरा एक्सीडेंट हुआ था तो मुझे लगभग दो महीनों तक अपने पांव की देखभाल करनी पड़ी थी। वो मेरी ज़िंदगी का टर्निंग प्वाइंट था। मैं बहुत तेज भाग रहा था, लेकिन कहीं नहीं जा पा रहा था। मुझे बस एक के बाद एक फिल्में करनी थी। शायद उस दौर का ट्रॉमा ही था जिसके चलते मैं चांदनी का हिस्सा बनने में असहज महसूस कर रहा था।’


https://www.jansatta.com/entertainment/

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App